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किरकिरी होने के बाद प्रशासन शुरू करेगा बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम
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रात को गोवंश को पकड़ने के लिए अभियान चलाने वाली अन्ना टीम। संवाद
- फोटो : Jind
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जिला सड़क सुरक्षा समिति की मीटिंग में डीसी द्वारा बेसहारा पशुओं को पकड़ने के दिए गए आदेश के बाद शुक्रवार रात से नगर परिषद द्वारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजा जाएगा।
प्रशासन द्वारा यह अभियान शुरू नहीं करने पर अन्ना टीम द्वारा बुधवार रात को 15 और वीरवार रात में 85 गायों व नंदियों को नंदीशाला भेजा जा चुका है। इस पर प्रशासन की किरकिरी हुई तो शुक्रवार रात से पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू करने का फैसला लिया गया है। हालांकि इसके लिए पुराने ठेकेदार को ही काम दिया गया है। इससे एक पशु पकड़ने पर 486 रुपये दिए जाएंगे। दो रात में गायों को नंदीशाला पहुंचाने वाली अन्ना टीम ने प्रशासन को ऑफर दिया है कि वे गायों को मुफ्त में पकड़ लेंगे और ठेके पर जो राशि खर्च होनी है, उससे चारे का इंतजाम करें। इस पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि ऐसे किसी की जान जोखिम में नहीं डाल सकते। इसके लिए टेंडर दिया गया है।
गौरतलब है कि प्रशासन ने 31 अगस्त से यह अभियान शुरू करने का एलान किया था। लेकिन शुरू नहीं हो सका। ऐसे में अन्ना टीम ने अपने स्तर पर एक सितंबर से यह अभियान शुरू किया। दो दिन दिन में अन्ना टीम द्वारा 100 गोवंश को नंदीशाला भेजा गया है।
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टेंडर प्रक्रिया के कारण काम रुका हुआ था। यह काम जोखिम भरा है। प्रशासनिक स्तर पर किसी को ऐसे जोखिम में नहीं डाला जा सकता। पकड़े गए पशुओं के चारे के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर संगठनों की मदद ली जाएगी। सुशील कुमार, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।
हमारा काम पशुओं को पकड़ने का नहीं है। सिर्फ यह दिखाया गया है कि यह काम बिना टेंडर के आसानी से हो सकता है। प्रशासन पशुओं को वाहन में भर कर नंदीशाला या गोशाला पहुंचाना चाहता है। यह जोखिम भरा है। हांक कर आसानी से ले जाया जा सकता है। पांच साल पहले करीब चार हजार पशुओं को सड़कों से हटाया था। हम यह काम करने को तैयार है, लेकिन जो राशि पशुओं को पकड़ने पर खर्च की जानी है, वह चारे के लिए प्रयोग हो। सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम।
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प्रशासन द्वारा यह अभियान शुरू नहीं करने पर अन्ना टीम द्वारा बुधवार रात को 15 और वीरवार रात में 85 गायों व नंदियों को नंदीशाला भेजा जा चुका है। इस पर प्रशासन की किरकिरी हुई तो शुक्रवार रात से पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू करने का फैसला लिया गया है। हालांकि इसके लिए पुराने ठेकेदार को ही काम दिया गया है। इससे एक पशु पकड़ने पर 486 रुपये दिए जाएंगे। दो रात में गायों को नंदीशाला पहुंचाने वाली अन्ना टीम ने प्रशासन को ऑफर दिया है कि वे गायों को मुफ्त में पकड़ लेंगे और ठेके पर जो राशि खर्च होनी है, उससे चारे का इंतजाम करें। इस पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि ऐसे किसी की जान जोखिम में नहीं डाल सकते। इसके लिए टेंडर दिया गया है।
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गौरतलब है कि प्रशासन ने 31 अगस्त से यह अभियान शुरू करने का एलान किया था। लेकिन शुरू नहीं हो सका। ऐसे में अन्ना टीम ने अपने स्तर पर एक सितंबर से यह अभियान शुरू किया। दो दिन दिन में अन्ना टीम द्वारा 100 गोवंश को नंदीशाला भेजा गया है।
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टेंडर प्रक्रिया के कारण काम रुका हुआ था। यह काम जोखिम भरा है। प्रशासनिक स्तर पर किसी को ऐसे जोखिम में नहीं डाला जा सकता। पकड़े गए पशुओं के चारे के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर संगठनों की मदद ली जाएगी। सुशील कुमार, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।
हमारा काम पशुओं को पकड़ने का नहीं है। सिर्फ यह दिखाया गया है कि यह काम बिना टेंडर के आसानी से हो सकता है। प्रशासन पशुओं को वाहन में भर कर नंदीशाला या गोशाला पहुंचाना चाहता है। यह जोखिम भरा है। हांक कर आसानी से ले जाया जा सकता है। पांच साल पहले करीब चार हजार पशुओं को सड़कों से हटाया था। हम यह काम करने को तैयार है, लेकिन जो राशि पशुओं को पकड़ने पर खर्च की जानी है, वह चारे के लिए प्रयोग हो। सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम।