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डिपो होल्डर पर लगाया राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप, डीसी से मिलकर की शिकायत

Tue, 19 May 2020 11:00 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2020 11:00 PM IST
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Accused of corruption in distribution of ration to Kotdar, complaint to DC
राशन डिपो होल्डर के खिलाफ डीसी को शिकायत देने के लिए पहुंचे करेला गांव के लोग। - फोटो : Jind
करेला गांव में जरूरतमंद लोगों को सरकार द्वारा दिए जाने वाले राशन में गोलमाल चल रहा है। लोगों ने गांव के राशन डिपो होल्डर पर गोलमाल का आरोप लगाते हुए मंगलवार को डीसी डॉ. आदित्य दहिया को शिकायत दी। डीसी ने मामले की जांच एसडीएम से करवाने के आदेश दिए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि कई लोगों को एक-एक साल से राशन नहीं दिया जा रहा, जबकि गांव में एक महिला घर में अकेली है, लेकिन उसके राशन कार्ड में चार अन्य लोगों के नाम दर्ज कर डिपो होल्डर राशन जारी करवा रहा है। लोगों का आरोप है कि जब महिलाएं राशन लेने के लिए जाती हैं तो डिपो होल्डर से बदतमीजी की जाती है।
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मंगलवार को डीसी से मिलने पहुंचे देवेंद्र कुमार, किताब सिंह, नवीन, राजा, संजय, बिमला, जितेंद्र, सुरेंद्र, पवन, चंद्र देवी, रेनू, जगबीर व भरपाई ने कहा कि गांव में दो राशन डिपो होल्डर हैं। इनमें गड़बड़ी के चलते पिछले एक महीने से एक डिपो होल्डर की सप्लाई रद्द कर रखी है। प्रशासन डिपो होल्डर पर कार्रवाई करने की बजाय उसकी सप्लाई दोबारा शुरू करने का प्रयास कर रहा है। डीसी को दी शिकायत में इन लोगों ने कहा कि गांव में बीपीएल परिवारों का सर्वे सही प्रकार से नहीं किया गया। जो लोग साधन संपन्न हैं, उनके बीपीएल कार्ड बनाए गए हैं और जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इसकी जांच करवाई जाए। वहीं डिपो होल्डर गांव में जरूरतमंद परिवारों को राशन नहीं दिया जा रहा है। इन लोगों ने आरोप लगाए कि जब महिलाएं राशन लेने जाती हैं तो उन्हें अभद्र भाषा बोली जाती है। आरोप है कि डिपो होल्डर शराब पीकर डिपो पर बैठता है।
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अपनी दुकान से अन्य सामान लेने का दबाव
लोगों ने कहा कि डिपो होल्डर ने राशन डिपो में ही अपनी दुकान बना रखी है। जो लोग राशन लेने जाते हैं, उन पर दुकान से अन्य सामान लेने के लिए दबाव बनाया जाता है। जो लोग सामान नहीं लेते, उनको राशन नहीं दिया जाता।
बीपीएल कार्ड के लिए मांगे पैसे
मेरा बीपीएल राशन कार्ड बनवाने के लिए पैसे मांगे गए। बीपीएल राशन कार्ड में बहुत बड़ा खेल चल रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। शुरू में ढाई हजार रुपये मांग, लेकिन 1500 रुपये में राशन कार्ड बनवाया गया अब इस पर राशन नहीं मिल रहा है।
पीले राशन कार्ड पर भी नहीं मिल रहा सामान
हमारा पीला राशन कार्ड है, लेकिन इस पर सामान नहीं मिल रहा है। यहां तक कि जब डिपो में जाते हैं तो कार्ड फेंक दिया जाता है। डिपो होल्डर कहता है कि जहां शिकायत करनी है कर लो।
संतोष।
राशन कार्ड में पांच नाम
मैं घर में अकेली रहती हूं, लेकिन मेरे राशन कार्ड में पांच लोगों के नाम लिखे हैं। यह कार्ड डिपो होल्डर अपने पास ही रखता है। इन लोगों के नाम मेरे राशन कार्ड में लिखकर धांधली की जा रही है।

सरती।
एसडीएम से करवाएंगे जांच
ग्रामीणों ने डिपो होल्डर पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल डीएफएससी को इस मामले को दिखवाने के लिए कहा गया है। ग्रामीण चाह रहे हैं कि मामले की जांच हो, ऐसे में एसडीएम से यह जांच करवाई जाएगी।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
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