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Jind News: एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विवि की कैंटीन घटिया क्वालिटी का सामान मिलने का आरोप लगा जड़ा ताला
Mon, 18 Mar 2024 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 18 Mar 2024 11:53 PM IST
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18जेएनडी15: विश्वविद्यालय की कैंटीन पर ताला जड़ कर रोष जताते हुए एबीवीपी कार्यकर्ता। स्रोत संगठ
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में चल रही कैंटीन पर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने ताला लड़ दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय में चल रही कैंटीन, दुकानों में बिना रेट लिस्ट व घटिया क्वालिटी के सामान बेचा जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत प्रभाव से कैंटीन को बंद करवाए।
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष सचिन ने बताया कि कई वर्षों से विश्वविद्यालय में कैंटीन में अन्य दुकान चल रही है। इन सभी स्थान पर मिल रहे समान की रेट लिस्ट विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निर्धारित की जाती है। जोकि इनमें से किसी भी दुकानदार के पास नही है। जिसके कारण यह सभी मनचाहे दामों पर व बेहद घटिया क्वालिटी का सामान बेच रहे हैं। इकाई उपाध्यक्ष जतिन गर्ग ने बताया कि वह इसकी शिकायत कई बार वाइस चांसलर को कर चुके हैं। परंतु आजतक इस पर कोई भी कार्यवाही नही की गई है। विभाग संयोजक रोहन सैनी ने बताया कि बहुत तंग आकर आज उन्होंने कैंटीन बंद करके उसके सामने बैठकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रजिस्ट्रार ने वहां जा कर उनकी बात सुनी व जल्द से जल्द संज्ञान लेकर सभी रेटों को तय करके मनचाहे दाम वसूलने वाले दुकानदारों पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इसके बाद की रजिस्टर के आश्वासन पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कैंटीन को खोल दिया। रजिस्ट्रार लवलीन मोहन ने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय में आने वाले छात्र उनके बच्चों की तरह हैं, वह उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगी। वह जल्द ही इसकी जांच करके छात्रों के सामने रेट लिस्ट में इसकी क्वालिटी को सुधारने का कार्य करके इन पर कार्यवाही करेंगे। इस अवसर पर परविंदर, रिंकू, मयंक बंसल, साहिल, अंतिल मौजूद रहे।
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एबीवीपी इकाई अध्यक्ष सचिन ने बताया कि कई वर्षों से विश्वविद्यालय में कैंटीन में अन्य दुकान चल रही है। इन सभी स्थान पर मिल रहे समान की रेट लिस्ट विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निर्धारित की जाती है। जोकि इनमें से किसी भी दुकानदार के पास नही है। जिसके कारण यह सभी मनचाहे दामों पर व बेहद घटिया क्वालिटी का सामान बेच रहे हैं। इकाई उपाध्यक्ष जतिन गर्ग ने बताया कि वह इसकी शिकायत कई बार वाइस चांसलर को कर चुके हैं। परंतु आजतक इस पर कोई भी कार्यवाही नही की गई है। विभाग संयोजक रोहन सैनी ने बताया कि बहुत तंग आकर आज उन्होंने कैंटीन बंद करके उसके सामने बैठकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रजिस्ट्रार ने वहां जा कर उनकी बात सुनी व जल्द से जल्द संज्ञान लेकर सभी रेटों को तय करके मनचाहे दाम वसूलने वाले दुकानदारों पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इसके बाद की रजिस्टर के आश्वासन पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कैंटीन को खोल दिया। रजिस्ट्रार लवलीन मोहन ने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय में आने वाले छात्र उनके बच्चों की तरह हैं, वह उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगी। वह जल्द ही इसकी जांच करके छात्रों के सामने रेट लिस्ट में इसकी क्वालिटी को सुधारने का कार्य करके इन पर कार्यवाही करेंगे। इस अवसर पर परविंदर, रिंकू, मयंक बंसल, साहिल, अंतिल मौजूद रहे।

18जेएनडी15: विश्वविद्यालय की कैंटीन पर ताला जड़ कर रोष जताते हुए एबीवीपी कार्यकर्ता। स्रोत संगठ
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