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Jind News: मशरूम खेती पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
Sun, 01 Feb 2026 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:04 AM IST
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31जेएनडी34: प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते हुए प्रशिक्षक। स्रोत केंद्र सदस्य।
नरवाना। पंजाब नेशनल बैंक कृषक प्रशिक्षण केंद्र सच्चा खेड़ा में मशरूम की खेती एवं उसके वैज्ञानिक प्रबंधन विषय पर आयोजित तीन दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से आए 71 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें किसान, ग्रामीण युवा और महिलाएं शामिल रहीं।
प्रशिक्षण के दौरान चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से आए मशरूम विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बटन, ऑयस्टर और मिल्की मशरूम की खेती, गुणवत्तापूर्ण स्पॉन का चयन, कम्पोस्ट तैयार करने की विधि, तापमान व नमी प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण, कटाई उपरांत प्रबंधन तथा विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया समझाई। विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम की खेती कम समय में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिसे कम स्थान में भी आसानी से किया जा सकता है।
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केंद्र निदेशक हितेश कालरा ने कहा कि मशरूम की खेती स्वरोजगार का सशक्त माध्यम है और यह छोटे किसानों, महिलाओं व बेरोजगार युवाओं के लिए बेहतर आय का साधन बन सकती है। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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प्रशिक्षण के दौरान चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से आए मशरूम विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बटन, ऑयस्टर और मिल्की मशरूम की खेती, गुणवत्तापूर्ण स्पॉन का चयन, कम्पोस्ट तैयार करने की विधि, तापमान व नमी प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण, कटाई उपरांत प्रबंधन तथा विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
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व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया समझाई। विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम की खेती कम समय में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिसे कम स्थान में भी आसानी से किया जा सकता है।
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केंद्र निदेशक हितेश कालरा ने कहा कि मशरूम की खेती स्वरोजगार का सशक्त माध्यम है और यह छोटे किसानों, महिलाओं व बेरोजगार युवाओं के लिए बेहतर आय का साधन बन सकती है। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।