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Jind News: सुनील जागलान के जीवन, विचार और अभियानों पर बनी डॉक्यूमेंट्री
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28जेएनडी05: सुनील जागलान पर डाक्यूमेंट्री बनाते हुए। स्रोत : ग्रामीण
- फोटो : जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते धनगर महासभा के पदाधिकारी संगठन
जींद। सेल्फी विद डॉटर अंतरराष्ट्रीय अभियान के जनक एवं प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता प्रोफेसर सुनील जागलान के जीवन, विचार और अभियानों पर फ्रांस के प्रतिष्ठित टीवी चैनल एआरटीई ने विशेष डॉक्यूमेंट्री बनाई है। यह डॉक्यूमेंट्री भारत और चीन में लिंगानुपात से जुड़ी चुनौतियों, सामाजिक कारणों और समाधान की तुलनात्मक पड़ताल करती है।
डॉक्यूमेंट्री में प्रो. सुनील जागलान को समाज में बड़े स्तर पर बदलाव लाने वाले प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया गया है। चैनल की टीम ने गहन शोध के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि पिछले 15 वर्षों में भारत में लिंगानुपात सुधार के क्षेत्र में सुनील जागलान का योगदान सबसे प्रभावी और दूरगामी रहा है। इसी कारण उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट का मुख्य केंद्र बनाया गया।
फ्रांस से आई चार सदस्यीय टीम डायरेक्टर कॉन्स्टेंटाइन सिमोन, एशिया हेड अरुणा पुरी, एक अन्य शोधकर्ता एवं कैमरामैन राम ने विभिन्न स्थानों पर लगभग पांच दिनों तक सुनील जागलान के साथ शूटिंग की। इस दौरान उनके प्रमुख अभियानों को विस्तार से फिल्माया गया।
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इनमें कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम अभियान, सेल्फी विद डॉटर, बेटियों के नाम नेमप्लेट, पीरियड चार्ट, बालिका पंचायत जैसे नवाचार शामिल हैं। टीम ने कई गांवों में महिलाओं की बैठकों और संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। जहां जागलान के प्रयासों से आए सामाजिक बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से कैमरे में कैद किया गया। महिलाओं और किशोरियों से खुली बातचीत के जरिए यह दर्शाया गया कि किस प्रकार जमीनी स्तर पर सोच और व्यवहार में परिवर्तन आया है।
सुनील जागलान के साथ काम करना अविस्मरणीय : अरुणा पुरी
डॉक्यूमेंट्री के डायरेक्टर कॉन्स्टेंटाइन सिमोन ने कहा कि भारत में लिंगानुपात सुधार के क्षेत्र में सुनील जागलान का योगदान अद्वितीय है। बैंकॉक में रह रहीं एशिया हेड अरुणा पुरी ने शूटिंग को एक खास अनुभव बताते हुए कहा कि सुनील जागलान के साथ काम करना अविस्मरणीय रहा। यह डॉक्यूमेंट्री दुनिया को सामाजिक बदलाव की एक ऐसी कहानी दिखाएगी जो पहले इस रूप में सामने नहीं आई। यह नई डॉक्यूमेंट्री न केवल भारत और चीन की तुलना प्रस्तुत करती है बल्कि वैश्विक मंच पर बेटियों के महत्व, सामाजिक जागरूकता और जमीनी बदलाव की ताकत को प्रभावशाली ढंग से रेखांकित करती है।
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डॉक्यूमेंट्री में प्रो. सुनील जागलान को समाज में बड़े स्तर पर बदलाव लाने वाले प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया गया है। चैनल की टीम ने गहन शोध के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि पिछले 15 वर्षों में भारत में लिंगानुपात सुधार के क्षेत्र में सुनील जागलान का योगदान सबसे प्रभावी और दूरगामी रहा है। इसी कारण उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट का मुख्य केंद्र बनाया गया।
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फ्रांस से आई चार सदस्यीय टीम डायरेक्टर कॉन्स्टेंटाइन सिमोन, एशिया हेड अरुणा पुरी, एक अन्य शोधकर्ता एवं कैमरामैन राम ने विभिन्न स्थानों पर लगभग पांच दिनों तक सुनील जागलान के साथ शूटिंग की। इस दौरान उनके प्रमुख अभियानों को विस्तार से फिल्माया गया।
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इनमें कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम अभियान, सेल्फी विद डॉटर, बेटियों के नाम नेमप्लेट, पीरियड चार्ट, बालिका पंचायत जैसे नवाचार शामिल हैं। टीम ने कई गांवों में महिलाओं की बैठकों और संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। जहां जागलान के प्रयासों से आए सामाजिक बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से कैमरे में कैद किया गया। महिलाओं और किशोरियों से खुली बातचीत के जरिए यह दर्शाया गया कि किस प्रकार जमीनी स्तर पर सोच और व्यवहार में परिवर्तन आया है।
सुनील जागलान के साथ काम करना अविस्मरणीय : अरुणा पुरी
डॉक्यूमेंट्री के डायरेक्टर कॉन्स्टेंटाइन सिमोन ने कहा कि भारत में लिंगानुपात सुधार के क्षेत्र में सुनील जागलान का योगदान अद्वितीय है। बैंकॉक में रह रहीं एशिया हेड अरुणा पुरी ने शूटिंग को एक खास अनुभव बताते हुए कहा कि सुनील जागलान के साथ काम करना अविस्मरणीय रहा। यह डॉक्यूमेंट्री दुनिया को सामाजिक बदलाव की एक ऐसी कहानी दिखाएगी जो पहले इस रूप में सामने नहीं आई। यह नई डॉक्यूमेंट्री न केवल भारत और चीन की तुलना प्रस्तुत करती है बल्कि वैश्विक मंच पर बेटियों के महत्व, सामाजिक जागरूकता और जमीनी बदलाव की ताकत को प्रभावशाली ढंग से रेखांकित करती है।