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Jind News: सवा एकड़ जमीन के विवाद ने ली घर के इकलौते बेटे की जान
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जींद। बाप रे! ऐसा जालिम बाप...सवा एकड़ जमीन के विवाद में पिता पूर्व होमगार्ड मदन लाल ने ही इकलौता बेटे मुरारी लाल की जान ले ली। आंचल का आरोप है कि बीते वर्ष दिवाली के आसपास भाई मुरारी व मुझ पर गोली मारने की कोशिश की गई थी। भाभी शिवानी ने तीन बार पिता के खिलाफ थाने में शिकायत दी थी लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर भेज दिया गया।
आंचल ने तत्कालीन तत्कालीन थाना प्रभारी मनीष कुमार, डीएसपी संजय सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों पर पिता के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। आंचल के मुताबिक, भाभी शिवानी ने एक जून 2026 को पिता के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने भाई को लाइसेंसी पिस्तौल में गोली भरते वीडियो भी पुलिस को दिए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई करती तो भाई की जान बच जाती।
आरोप...बड़ी बहन हड़पना चाहती थी भाई की जमीन
आंचल का आरोप है कि उनकी बड़ी बहन पूजा कनाडा में रहती है और नर्स की जॉब करती है। वह पिता के नाम की जमीन हड़पना चाहती हैं। वह चाहती थी कि भाई को जमीन का हिस्सा नहीं मिले और जमीन को बेचकर सारी संपत्ति उसके नाम करवा दी जाए। आरोपी पिता चंडीगढ़ में घी की फैक्टरी व एक होटल भी चलाते हैं। इस संपत्ति को लेकर भी विवाद रहता था। पिता भाई मुरारी को कुछ भी नहीं देना चाहते थे।
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ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए करते थे प्रताड़ित
मृतक की पत्नी शिवानी ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। पति मुरारी के बीमार होने पर सास मनजीत कौर उन्हें चंडीगढ़ ले गई लेकिन वहां उचित इलाज नहीं करवाया गया। बाद में विवाद बढ़ने पर वे गांव लौट आए और अलग रहने लगे। उनके पति और परिवार को पहले भी जान से मारने की धमकियां मिलती रहीं।
बहू ने सास-ननदों और दो अन्य पर भी साजिश का लगाया आरोप
शिवानी ने एफआईआर में कहा है कि बुधवार रात 10 बजे परिवार का गुरबख्श उनके पति को बुलाने आया था। इसके बाद मुरारी की हत्या हो गई। घटना में सास मनजीत कौर, ननद पूजा व ममेरी ननद वंदना, गुरबख्श और कमलू साजिशन शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी मदन लाल समेत 6 लोगों पर हत्या की एफआईआर कर ली है। वारदात के बाद फरार हुए आरोपी मदन लाल ने वीरवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे दो दिन के रिमांड पर लिया है।
सरेंडर से पहले पुलिस से धक्का-मुक्की, कोर्ट से शिकायत
जींद। तलोडा गांव में बेटे की गोलियां मारकर की गई हत्या के मामले में आरोपी मदन लाल के अदालत में आत्मसमर्पण के दौरान अधिवक्ताओं से पुलिस ने धक्का-मुक्की की। पुलिस ने आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया। अधिवक्ता जेपी जांगड़ा ने एसीजेएम जसबीर को शिकायत देते हुए कहा कि वीरवार को वह अपने साथी अधिवक्ता घनश्याम गोयल के साथ आरोपी मदन का आत्मसमर्पण करवाने के लिए अदालत लेकर जा रहे थे। जैसे ही वह नाजिर ब्रांच वाली गैलरी में पहुंचे तो वहां पर पुलिसकर्मी सुधीर और तीन-चार अन्य ने उनसे आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए धक्का मुक्की भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि तुम्हें झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। उन्होंने एसीजेएम से इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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पहली बार गांव में बंदर पर चलाया था लाइसेंसी पिस्तौल
जनवरी 2016 में मदनलाल गांव के सरपंच बने थे। मदन लाल ने वर्ष 2015 में लाइसेंसी पिस्तौल खरीदी थी। बताया जाता है कि गांव में बंदर पर गोली चलाने के लिए आरोपी ने इस पिस्तौल का पहली बार इस्तेमाल किया था। उस समय ग्रामीणों ने विरोध किया तो उन्होंने माफी मांगी थी। इसके बाद रिश्तेदारी में हुए विवाद में पंचायत में गए हुए थे तो वहां पर गोली चला दी। हालांकि इसमें उनका रिश्तेदार घायल हो गया था। बाद में वहां पर भी रिश्तेदारी का हवाला देकर पंचायती फैसला करवा दिया गया। आरोपी मदनलाल ने सरपंच का कार्यकाल पूरा होने के बाद गांव में पौने दो एकड़ जमीन बेच दी थी। अब उनके पास सवा एकड़ जमीन बची थी। वह उसको बेचना चाहते थे। इस जमीन को उनका बेटा बेचने से मना कर रहा था। हालांकि पिछले एक साल से यह जमीन बंजर पड़ी है। इसको बेटे ने ठेके पर नहीं देने दिया तो मदनलाल ने बेटे को इस जमीन पर खेती नहीं करने दी।
सरपंच का कार्यकाल पूरा होने के बाद गया था चंडीगढ
मदनलाल सरपंच का कार्यकाल पूरा होने के बाद चंडीगढ़ गया था। वहां पर कुछ दिन टैक्सी भी चलाई। अब वहां पर मकान भी बना चुका था। सरपंच बनने से पहले मदनलाल ने गांव में परचून की दुकान भी लगभग एक साल चलाई।
मदनलाल के ससुर, सास व इकलौते साले की हो चुकी है मौत
मदनलाल के ससुर, सास व इकलौते साले की मौत हो चुकी है। उनके साले की बेटी मदनलाल के पास रहती है। उसके साले व सास ससुर की मौत के बाद मदनलाल की पत्नी के नाम लगभग दो एकड़ जमीन आई थी। उन्होंने उस जमीन को भी बेच दिया था।
डीएसपी बोले-मुरारी लकरता था नशा
पुलिस के पास जो शिकायत आई थी उस पर पुलिस ने 7-51 के तहत कार्रवाई की थी। उनकी मांग थी कि मदन के पिस्तौल का लाइसेंस रदद् किया जाए जबकि इनके बीच कोई झगड़ा नहीं हुआ था। केवल आरोप ही थे। मामले में मदन ने बताया था कि उनका बेटा मुरारी नशा करता है और जमीन बेचना चाहता है। उनकी लड़की गुरुग्राम में बाउंसर है। -संजय सिंह, डीएसपी उचाना
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आंचल ने तत्कालीन तत्कालीन थाना प्रभारी मनीष कुमार, डीएसपी संजय सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों पर पिता के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। आंचल के मुताबिक, भाभी शिवानी ने एक जून 2026 को पिता के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने भाई को लाइसेंसी पिस्तौल में गोली भरते वीडियो भी पुलिस को दिए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई करती तो भाई की जान बच जाती।
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आरोप...बड़ी बहन हड़पना चाहती थी भाई की जमीन
आंचल का आरोप है कि उनकी बड़ी बहन पूजा कनाडा में रहती है और नर्स की जॉब करती है। वह पिता के नाम की जमीन हड़पना चाहती हैं। वह चाहती थी कि भाई को जमीन का हिस्सा नहीं मिले और जमीन को बेचकर सारी संपत्ति उसके नाम करवा दी जाए। आरोपी पिता चंडीगढ़ में घी की फैक्टरी व एक होटल भी चलाते हैं। इस संपत्ति को लेकर भी विवाद रहता था। पिता भाई मुरारी को कुछ भी नहीं देना चाहते थे।
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ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए करते थे प्रताड़ित
मृतक की पत्नी शिवानी ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। पति मुरारी के बीमार होने पर सास मनजीत कौर उन्हें चंडीगढ़ ले गई लेकिन वहां उचित इलाज नहीं करवाया गया। बाद में विवाद बढ़ने पर वे गांव लौट आए और अलग रहने लगे। उनके पति और परिवार को पहले भी जान से मारने की धमकियां मिलती रहीं।
बहू ने सास-ननदों और दो अन्य पर भी साजिश का लगाया आरोप
शिवानी ने एफआईआर में कहा है कि बुधवार रात 10 बजे परिवार का गुरबख्श उनके पति को बुलाने आया था। इसके बाद मुरारी की हत्या हो गई। घटना में सास मनजीत कौर, ननद पूजा व ममेरी ननद वंदना, गुरबख्श और कमलू साजिशन शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी मदन लाल समेत 6 लोगों पर हत्या की एफआईआर कर ली है। वारदात के बाद फरार हुए आरोपी मदन लाल ने वीरवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे दो दिन के रिमांड पर लिया है।
सरेंडर से पहले पुलिस से धक्का-मुक्की, कोर्ट से शिकायत
जींद। तलोडा गांव में बेटे की गोलियां मारकर की गई हत्या के मामले में आरोपी मदन लाल के अदालत में आत्मसमर्पण के दौरान अधिवक्ताओं से पुलिस ने धक्का-मुक्की की। पुलिस ने आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया। अधिवक्ता जेपी जांगड़ा ने एसीजेएम जसबीर को शिकायत देते हुए कहा कि वीरवार को वह अपने साथी अधिवक्ता घनश्याम गोयल के साथ आरोपी मदन का आत्मसमर्पण करवाने के लिए अदालत लेकर जा रहे थे। जैसे ही वह नाजिर ब्रांच वाली गैलरी में पहुंचे तो वहां पर पुलिसकर्मी सुधीर और तीन-चार अन्य ने उनसे आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए धक्का मुक्की भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि तुम्हें झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। उन्होंने एसीजेएम से इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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पहली बार गांव में बंदर पर चलाया था लाइसेंसी पिस्तौल
जनवरी 2016 में मदनलाल गांव के सरपंच बने थे। मदन लाल ने वर्ष 2015 में लाइसेंसी पिस्तौल खरीदी थी। बताया जाता है कि गांव में बंदर पर गोली चलाने के लिए आरोपी ने इस पिस्तौल का पहली बार इस्तेमाल किया था। उस समय ग्रामीणों ने विरोध किया तो उन्होंने माफी मांगी थी। इसके बाद रिश्तेदारी में हुए विवाद में पंचायत में गए हुए थे तो वहां पर गोली चला दी। हालांकि इसमें उनका रिश्तेदार घायल हो गया था। बाद में वहां पर भी रिश्तेदारी का हवाला देकर पंचायती फैसला करवा दिया गया। आरोपी मदनलाल ने सरपंच का कार्यकाल पूरा होने के बाद गांव में पौने दो एकड़ जमीन बेच दी थी। अब उनके पास सवा एकड़ जमीन बची थी। वह उसको बेचना चाहते थे। इस जमीन को उनका बेटा बेचने से मना कर रहा था। हालांकि पिछले एक साल से यह जमीन बंजर पड़ी है। इसको बेटे ने ठेके पर नहीं देने दिया तो मदनलाल ने बेटे को इस जमीन पर खेती नहीं करने दी।
सरपंच का कार्यकाल पूरा होने के बाद गया था चंडीगढ
मदनलाल सरपंच का कार्यकाल पूरा होने के बाद चंडीगढ़ गया था। वहां पर कुछ दिन टैक्सी भी चलाई। अब वहां पर मकान भी बना चुका था। सरपंच बनने से पहले मदनलाल ने गांव में परचून की दुकान भी लगभग एक साल चलाई।
मदनलाल के ससुर, सास व इकलौते साले की हो चुकी है मौत
मदनलाल के ससुर, सास व इकलौते साले की मौत हो चुकी है। उनके साले की बेटी मदनलाल के पास रहती है। उसके साले व सास ससुर की मौत के बाद मदनलाल की पत्नी के नाम लगभग दो एकड़ जमीन आई थी। उन्होंने उस जमीन को भी बेच दिया था।
डीएसपी बोले-मुरारी लकरता था नशा
पुलिस के पास जो शिकायत आई थी उस पर पुलिस ने 7-51 के तहत कार्रवाई की थी। उनकी मांग थी कि मदन के पिस्तौल का लाइसेंस रदद् किया जाए जबकि इनके बीच कोई झगड़ा नहीं हुआ था। केवल आरोप ही थे। मामले में मदन ने बताया था कि उनका बेटा मुरारी नशा करता है और जमीन बेचना चाहता है। उनकी लड़की गुरुग्राम में बाउंसर है। -संजय सिंह, डीएसपी उचाना