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Jind News: सिविल अस्पताल में एचबीए-1सी जांच किट की खेप आई, फिर से जांच शुरू
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सिविल अस्पताल
रेवाड़ी। सिविल अस्पताल में पिछले एक माह से शुगर की एचबीए-1सी जांच किट खत्म होने से मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। शुक्रवार को वेयरहाउस से 2 हजार के करीब किट उपलब्ध कराई गई है। अब दोबारा से जांच शुरू हो गई है।
दरअसल यह जांच मधुमेह रोगियों के लिए बेहद जरूरी होती है जिससे पिछले तीन महीनों में शुगर के स्तर का सही आकलन किया जाता है। किट की कमी के कारण अस्पताल में यह जांच बंद पड़ी थी और मरीजों को मजबूरन निजी लैब में जाकर जांच करवानी पड़ रही थी जहां प्रति टेस्ट 350 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा था।
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कुछ ही दिनों में खत्म हो जाती है किट
एचबीए-1सी जांच की किट हर महीने सीमित मात्रा में ही उपलब्ध कराई जाती है। जांच की मांग अधिक होने के कारण यह कुछ ही दिनों में खत्म हो जाती है। सामान्य दिनों में इस जांच के 10 से अधिक मरीज प्रतिदिन आते हैं लेकिन किट न होने से पिछले एक माह से जांच का काम पूरी तरह ठप था।
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मरीजों को बाहर से करनी पड़ रही है जांच
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकार की ओर से मुफ्त जांच की सुविधा होने के बावजूद उन्हें निजी लैब में जाकर महंगे दामों पर टेस्ट करवाना पड़ रहा है। मरीजों ने यह भी कहा कि शुगर से पीड़ित लोगों के लिए यह जांच जरूरी है क्योंकि इससे दवा और खानपान का सही निर्धारण किया जा सकता है। ऐसे में किट का नियमित और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
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वर्जन
नागरिक अस्पताल में शुगर की जांच किट उपलब्ध हो गई है। अब मरीजों को परेशानी नहीं होगी। -डॉ. नरेंद्र दहिया, सिविल सर्जन, रेवाड़ी
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दरअसल यह जांच मधुमेह रोगियों के लिए बेहद जरूरी होती है जिससे पिछले तीन महीनों में शुगर के स्तर का सही आकलन किया जाता है। किट की कमी के कारण अस्पताल में यह जांच बंद पड़ी थी और मरीजों को मजबूरन निजी लैब में जाकर जांच करवानी पड़ रही थी जहां प्रति टेस्ट 350 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा था।
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कुछ ही दिनों में खत्म हो जाती है किट
एचबीए-1सी जांच की किट हर महीने सीमित मात्रा में ही उपलब्ध कराई जाती है। जांच की मांग अधिक होने के कारण यह कुछ ही दिनों में खत्म हो जाती है। सामान्य दिनों में इस जांच के 10 से अधिक मरीज प्रतिदिन आते हैं लेकिन किट न होने से पिछले एक माह से जांच का काम पूरी तरह ठप था।
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मरीजों को बाहर से करनी पड़ रही है जांच
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकार की ओर से मुफ्त जांच की सुविधा होने के बावजूद उन्हें निजी लैब में जाकर महंगे दामों पर टेस्ट करवाना पड़ रहा है। मरीजों ने यह भी कहा कि शुगर से पीड़ित लोगों के लिए यह जांच जरूरी है क्योंकि इससे दवा और खानपान का सही निर्धारण किया जा सकता है। ऐसे में किट का नियमित और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में शुगर की जांच किट उपलब्ध हो गई है। अब मरीजों को परेशानी नहीं होगी। -डॉ. नरेंद्र दहिया, सिविल सर्जन, रेवाड़ी