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44 दिनों के बाद खुली लितानी रोड फाटक, दुकानों की मांग हुई होली के दिन पूरी
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अंडरपास का नक्शा रद्द होने से दुकानदारों की सुखद हुई होली
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। रेलवे द्वारा लितानी रोड फाटक पर अंडरपास बनाने के लिए पांच फरवरी को बंद किया गया 44 दिन बाद होली के दिन खुलने से दुकानदारों ने जमकर खुशी मनाई। रेलवे द्वारा लितानी रोड पर अंडरपास निर्माण को लेकर फाटक बंद करने के बाद काम शुरू करने का दुकानदारों ने विरोध करते हुए फाटक के स्थानांतरण की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। दोपहर बाद जैसे ही फाटक को रेलवे अधिकारियों द्वारा खोला गया उसी समय दुकानदारों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। 44 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे दुकानदारों ने अपना धरना भी समाप्त कर दिया। दुकानदारों ने अंडरपास का पहले का नक्शा रद्द होने पर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, सीएम मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, विधायक प्रेमलता का आभार वक्त किया।
उन्होंने कहा कि अगर पहले के नक्शे पर अंडरपास बनता तो 500 दुकानदार बेरोजगार, बेघर हो जाते। दुकानदारों द्वारा की जा रही अंडरपास को स्थानांतरण करने की मांग पर पुराने नक्शा को सरकार द्वारा रद्द करवा कर उनके रोजगार को बचाने का काम किया है।
ओपी गुप्ता, डॉ. जिले सिंह राणा, रामफल उचाना खुर्द, शुगना चंद ने कहा कि दुकानदारों के पास कोई रोजगार नहीं था। लितानी रोड पर अगर अंडरपास बन जाता तो दुकानदार बेरोजगार, बेघर हो जाते। दुकानदारों द्वारा फाटक के पास दोनों तरफ रेलवे की जमीन पर अंडरपास निर्माण की मांग की जा रही थी। रेलवे यू आकार का अंडरपास का निर्माण रेलवे की जमीन में करवाए। यहां पर अंडरपास बनने से किसी तरह से किसी को कोई नुकसान नहीं होता था। फसल का सीजन शुरू होने वाला है ऐसे में फाटक बंद होने से किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता। होली का दिन सभी दुकानदारों के लिए यादगार दिन बन गया है। इस दिन फाटक खुलने के साथ नए सिरे से नक्शा बनने से उनका रोजगार बच गया है।
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दोबारा होगा सर्वे
पहले का नक्शा लितानी रोड फाटक पर बनने वाले अंडरपास का रद्द कर दिया गया है। पांच फरवरी से बंद फाटक को खोल दिया है। अंडरपास को लेकर अब नए सिरे से नक्शा बनाया जाएगा।
प्रतीक, ईएएन रेलवे, जींद।
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अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। रेलवे द्वारा लितानी रोड फाटक पर अंडरपास बनाने के लिए पांच फरवरी को बंद किया गया 44 दिन बाद होली के दिन खुलने से दुकानदारों ने जमकर खुशी मनाई। रेलवे द्वारा लितानी रोड पर अंडरपास निर्माण को लेकर फाटक बंद करने के बाद काम शुरू करने का दुकानदारों ने विरोध करते हुए फाटक के स्थानांतरण की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। दोपहर बाद जैसे ही फाटक को रेलवे अधिकारियों द्वारा खोला गया उसी समय दुकानदारों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। 44 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे दुकानदारों ने अपना धरना भी समाप्त कर दिया। दुकानदारों ने अंडरपास का पहले का नक्शा रद्द होने पर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, सीएम मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, विधायक प्रेमलता का आभार वक्त किया।
उन्होंने कहा कि अगर पहले के नक्शे पर अंडरपास बनता तो 500 दुकानदार बेरोजगार, बेघर हो जाते। दुकानदारों द्वारा की जा रही अंडरपास को स्थानांतरण करने की मांग पर पुराने नक्शा को सरकार द्वारा रद्द करवा कर उनके रोजगार को बचाने का काम किया है।
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ओपी गुप्ता, डॉ. जिले सिंह राणा, रामफल उचाना खुर्द, शुगना चंद ने कहा कि दुकानदारों के पास कोई रोजगार नहीं था। लितानी रोड पर अगर अंडरपास बन जाता तो दुकानदार बेरोजगार, बेघर हो जाते। दुकानदारों द्वारा फाटक के पास दोनों तरफ रेलवे की जमीन पर अंडरपास निर्माण की मांग की जा रही थी। रेलवे यू आकार का अंडरपास का निर्माण रेलवे की जमीन में करवाए। यहां पर अंडरपास बनने से किसी तरह से किसी को कोई नुकसान नहीं होता था। फसल का सीजन शुरू होने वाला है ऐसे में फाटक बंद होने से किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता। होली का दिन सभी दुकानदारों के लिए यादगार दिन बन गया है। इस दिन फाटक खुलने के साथ नए सिरे से नक्शा बनने से उनका रोजगार बच गया है।
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पहले का नक्शा लितानी रोड फाटक पर बनने वाले अंडरपास का रद्द कर दिया गया है। पांच फरवरी से बंद फाटक को खोल दिया है। अंडरपास को लेकर अब नए सिरे से नक्शा बनाया जाएगा।
प्रतीक, ईएएन रेलवे, जींद।