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पालवां गांव के युवा जान सकेंगे अपने गांव का इतिहास
Updated Mon, 18 Jun 2018 12:13 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। पालवां गांव के युवा अब अपने गांव का इतिहास जान सकेंगे। गांव कब बसा, गांव का नाम कैसे रखा गया। अब ग्रामीण गांव की पीढ़ी दर पीढ़ी के बारे में जान सकेंगे। पालवां में सर्व जातीय दाडन खाप के चबूतरे पर ग्रामीणों द्वारा इस चार्ट को लगाया गया है। चार्ट में समस्त गांव की वंश परंपरा का उल्लेख किया गया है। यहां से युवा अब गांव के इतिहास के बारे में जानकारी ले सकेंगे।
रविवार को यहां सर्व जातीय दाडन खाप के प्रधान मांगेराम श्योकंद की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें गांव के इतिहास को लेकर जानकारी एकत्रित करने वाले पूर्व सरपंच अमृत लाल के साथ उसकी पूरी टीम को सम्मानित किया गया। अमृत लाल ने बताया कि हरिद्वार, गढ़ गंगा, राजस्थान को भाटों सहित अन्य स्थानों से छह माह में जानकारी एकत्रित की गई। इस जानकारी में पता लगा कि गांव 600 साल पहले बसा था। इस जानकारी को एकत्रित करने के लिए छह महीनों के करीब का समय भी लगा। इसके बाद गांव का चार्ट बनाया गया। पुलिस एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि पूर्व सरपंच अमृत लाल एवं उसकी टीम के प्रयास से अब ग्रामीणों के साथ-साथ विशेषकर युवा पीढ़ी जो अपने गांव के बारे में जानने के लिए इच्छुक रहती है वो गांव के इतिहास, पीढ़ी दर पीढ़ी के बारे में जान सकेगी। इस मौके पर संजीव शर्मा, गुरनाम श्योकंद, दयानंद, रामकलां, मिया सिंह जांगड़ा, बनवारी शर्मा, हरि सिंह, राजेश ब्लॉक समिति सदस्य, सूरजमल, महाबीर, बीरबल, दलबीर खेड़ी मंसानिया, रामपाल झील, ईश्वर, खन्ना, नसीब मौजूद रहे।
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उचाना। पालवां गांव के युवा अब अपने गांव का इतिहास जान सकेंगे। गांव कब बसा, गांव का नाम कैसे रखा गया। अब ग्रामीण गांव की पीढ़ी दर पीढ़ी के बारे में जान सकेंगे। पालवां में सर्व जातीय दाडन खाप के चबूतरे पर ग्रामीणों द्वारा इस चार्ट को लगाया गया है। चार्ट में समस्त गांव की वंश परंपरा का उल्लेख किया गया है। यहां से युवा अब गांव के इतिहास के बारे में जानकारी ले सकेंगे।
रविवार को यहां सर्व जातीय दाडन खाप के प्रधान मांगेराम श्योकंद की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें गांव के इतिहास को लेकर जानकारी एकत्रित करने वाले पूर्व सरपंच अमृत लाल के साथ उसकी पूरी टीम को सम्मानित किया गया। अमृत लाल ने बताया कि हरिद्वार, गढ़ गंगा, राजस्थान को भाटों सहित अन्य स्थानों से छह माह में जानकारी एकत्रित की गई। इस जानकारी में पता लगा कि गांव 600 साल पहले बसा था। इस जानकारी को एकत्रित करने के लिए छह महीनों के करीब का समय भी लगा। इसके बाद गांव का चार्ट बनाया गया। पुलिस एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि पूर्व सरपंच अमृत लाल एवं उसकी टीम के प्रयास से अब ग्रामीणों के साथ-साथ विशेषकर युवा पीढ़ी जो अपने गांव के बारे में जानने के लिए इच्छुक रहती है वो गांव के इतिहास, पीढ़ी दर पीढ़ी के बारे में जान सकेगी। इस मौके पर संजीव शर्मा, गुरनाम श्योकंद, दयानंद, रामकलां, मिया सिंह जांगड़ा, बनवारी शर्मा, हरि सिंह, राजेश ब्लॉक समिति सदस्य, सूरजमल, महाबीर, बीरबल, दलबीर खेड़ी मंसानिया, रामपाल झील, ईश्वर, खन्ना, नसीब मौजूद रहे।
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