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15 वर्ष की आयु में ही अपराध की दुनिया में रखा था राजेश भारती ने कदम
Updated Mon, 11 Jun 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दिल्ली एनकाउंटर में मारे गए कंडेला गांव निवासी गैंगस्टर राजेश भारती ने महज 15 वर्ष की आयु में ही अपराध की दुनिया में कदम रख लिया था। हालांकि पढ़ाई करते समय राजेश बहुत ही शांत स्वभाव का और काफी होशियार था। घटना के बाद गांव के लोगों ने चुप्पी साध ली है और इस बारे में कोई बातचीत करने को तैयार नहीं है। राजेश का दूसरा भाई और उसकी बहन गुरुग्राम में रहते हैं। ऐसे में राजेश के शव का अंतिम संस्कार भी गांव में नहीं किया गया।
अपराध की दुनिया में राजेश ने कदम रखने के बाद मुड़कर नहीं देखा और अपराध के दलदल में लगातार धंसता चला गया। नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर राजेश भारती के एक सहपाठी ने बताया कि दसवीं कक्षा में पढ़ते समय राजेश ने अपने भाई और मां के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे जेल जाना पड़ा था और उसके बाद वो अपराध की दुनिया से जुड़ गया। एनसीआर में गैंगस्टर बनने के बाद भी राजेश ने कभी अपने गांव या जींद जिले में किसी प्रकार की वारदात को अंजाम नहीं दिया। इसके चलते ही ग्रामीणों की नजर में राजेश की काफी अच्छी छवि बनी हुई थी।
राजेश के सहपाठियों व गांव के पूर्व सरपंच रणधीर ने बताया कि राजेश बचपन में होनहार और बेहद शरीफ था। पढ़ाई में हमेशा आगे रहता था। दसवीं कक्षा में वो सबसे होशियार था लेकिन इसी दौरान ऐसा कुछ हुआ कि उसकी जिंदगी ही बदल गई। राजेश ने अपनी मां और भाई के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी और जेल चला गया। दसवीं की परीक्षा देने भी वह पुलिस कस्टडी में आया था। इसके बाद राजेश के चाचा ने राजेश की मां की हत्या कर दी। इन वारदात के बाद राजेश अपने भाई व बहन को लेकर गुरुग्राम चला गया और गैंगस्टर बन गया। इसके बाद उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई। केवल राजेश भारती के बारे में समाचार ही पढ़ने को मिले।
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हत्या का मामला है दर्ज
राजेश के खिलाफ उसके पिता की हत्या का मामला जींद पुलिस में दर्ज हुआ था। उसके बाद राजेश ने एनसीआर में ही वारदात को अंजाम दिया। जींद में कोई भी अपराध उसने नहीं किया।
-मनदीप सिंह, थाना प्रभारी, जींद।
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जींद। दिल्ली एनकाउंटर में मारे गए कंडेला गांव निवासी गैंगस्टर राजेश भारती ने महज 15 वर्ष की आयु में ही अपराध की दुनिया में कदम रख लिया था। हालांकि पढ़ाई करते समय राजेश बहुत ही शांत स्वभाव का और काफी होशियार था। घटना के बाद गांव के लोगों ने चुप्पी साध ली है और इस बारे में कोई बातचीत करने को तैयार नहीं है। राजेश का दूसरा भाई और उसकी बहन गुरुग्राम में रहते हैं। ऐसे में राजेश के शव का अंतिम संस्कार भी गांव में नहीं किया गया।
अपराध की दुनिया में राजेश ने कदम रखने के बाद मुड़कर नहीं देखा और अपराध के दलदल में लगातार धंसता चला गया। नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर राजेश भारती के एक सहपाठी ने बताया कि दसवीं कक्षा में पढ़ते समय राजेश ने अपने भाई और मां के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे जेल जाना पड़ा था और उसके बाद वो अपराध की दुनिया से जुड़ गया। एनसीआर में गैंगस्टर बनने के बाद भी राजेश ने कभी अपने गांव या जींद जिले में किसी प्रकार की वारदात को अंजाम नहीं दिया। इसके चलते ही ग्रामीणों की नजर में राजेश की काफी अच्छी छवि बनी हुई थी।
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राजेश के सहपाठियों व गांव के पूर्व सरपंच रणधीर ने बताया कि राजेश बचपन में होनहार और बेहद शरीफ था। पढ़ाई में हमेशा आगे रहता था। दसवीं कक्षा में वो सबसे होशियार था लेकिन इसी दौरान ऐसा कुछ हुआ कि उसकी जिंदगी ही बदल गई। राजेश ने अपनी मां और भाई के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी और जेल चला गया। दसवीं की परीक्षा देने भी वह पुलिस कस्टडी में आया था। इसके बाद राजेश के चाचा ने राजेश की मां की हत्या कर दी। इन वारदात के बाद राजेश अपने भाई व बहन को लेकर गुरुग्राम चला गया और गैंगस्टर बन गया। इसके बाद उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई। केवल राजेश भारती के बारे में समाचार ही पढ़ने को मिले।
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हत्या का मामला है दर्ज
राजेश के खिलाफ उसके पिता की हत्या का मामला जींद पुलिस में दर्ज हुआ था। उसके बाद राजेश ने एनसीआर में ही वारदात को अंजाम दिया। जींद में कोई भी अपराध उसने नहीं किया।
-मनदीप सिंह, थाना प्रभारी, जींद।