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माय सिटी प्रथम पेज के लिए प्रस्तावित लीड

Tue, 05 Sep 2017 01:05 AM IST
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:05 AM IST
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जोगेंद्र दूहन। शहर में घरों में सप्लाई किया जाने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। यहां घरों में सप्लाई होने वाला पानी निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता। यह पानी स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है। इस बात की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए सप्लाई वाले पानी के सेंपलों से हुई है। विभाग ने चार माह में लिए गए पानी के 502 सेंपल में से 68 सेंपल फेल हो गए और उन्होंने इस पानी को किसी भी सूरत में पीने योग्य नहीं बताया। जबकि अब तक लिए गए सेंपलों में 41 की रिपोर्ट आनी बाकी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए जाने वाले सेंपलों में से प्रत्येक छठा सेंपल फेल हो रहा है।
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शहरी क्षेत्रों में घरों में पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग की है। इस पानी का इस्तेमाल केवल कपड़े धोने में ही किया जा सकता है, लेकिन अगर इसका पीने में इस्तेमाल किया जाता है तो सीधे तौर पर गंभीर बीमारियों को न्यौता दिया जा रहा है। अशुद्ध पेयजल सप्लाई होने की रिपोर्ट आने के बावजूद भी जनस्वास्थ्य विभाग की नींद खुल नहीं रही है और पानी के रुप में लोगों को जहर पिलाया जा रहा है। शहर के अधिकतर क्षेत्र में जमीनी पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग इस पानी की सप्लाई तो कर रहा है, लेकिन इसकी लोगों के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ रहा है इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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पानी में नहीं मिल रहा क्लोरिन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए सेंपल से स्पष्ट हो गया है कि जनस्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर शहर के अंदर से 345 पानी के सैंपल लेकर उसकी क्लोरिन की मात्रा की जांच की गई। इसमें 161 जगह पर पानी में क्लोरिन ही नहीं मिली। अगर अकेले अगस्त माह में लिए गए सेंपल पर को देखा जाए तो यह विकट स्थिति बनी हुई है। अगस्त माह में स्वास्थ्य विभाग ने 58 क्लोरिन के सेंपल लिए। इसमें से केवल 18 सेंपलों में ही क्लोरिन की मात्रा मिली, जबकि 40 सेंपलों में तो क्लोरिन मिली ही नहीं। जबकि जनस्वास्थ्य विभाग लगातार दावा करता है कि वह शहर के अंदर सप्लाई किए जा रहे पानी को शुद्ध करने के लिए क्लोरिन डाली जा रही है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान खोल रहा है।
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पेट की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे लोग
शहर में सप्लाई किए जा रहे पेयजल पीने से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश भोला ने कहा कि अशुद्ध पानी पीने से पेट के अलावा कैंसर जैसी बीमारियों से लोग ग्रस्त हो सकते है। इस समस्या से निपटने के लिए लोगों को पानी को फिल्टर करके या उबालकर पीना चाहिए।

शहर की पॉश कालोनियों में फेल हो रहे सेंपल
शहर में पूरे क्षेत्र में ही शुद्ध पेयजल नहीं मिलना समस्या बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए सेंपलों में अर्बन एस्टेट, हाऊसिंग बोर्ड कालोनी, स्कीम नंबर छह जैसी कालोनियों में भी लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। इन कालोनियों में सप्लाई होने वाले पानी में टीडीएस की मात्रा बहुत ज्यादा है। इसी प्रकार शहर की बुढ़ाबाबा बस्ती, ओम नगर, खेम नगर, ओमनगर, भिवानी रोड, रोहतक रोड व पटियाला चौक क्षेत्र से लिए गए पानी के सेंपल भी फेल रहे है।

सप्लाई का पानी गंदा आने से उसको पीना ही बंद कर दिया है। मजबूरी में उनको घर के अंदर ही पैसे खर्च करके सबमर्सिबल लगवाना पड़ा है। इस पानी को भी वह आरओ से फिल्टर करके पीना पड़ता है।

अंगूरी देवी, ओमनगर निवासी

शहर में अधिकतर क्षेत्र में ट्यूबवेल का पानी सप्लाई किया जाता है। इसमें टीडीएस की मात्रा ज्यादा है, इसके कारण क्लोरिन डालने के बावजूद भी कम हो जाती है। विभाग लगातार स्वच्छ जल लोगों को देने का प्रयास कर रहा है।
हरभजन सिंह, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग जींद।
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