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सफीदों नगर पालिका में में फिर मचा घमासान
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:37 AM IST
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नपा प्रधान पर परेशान करने का आरोप लगा पार्षद ने आत्मदाह की धमकी देते सोशल मीडिया पर डाला पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों । नगरपालिका में फिर से घमासान मच गया है। जहां एक तरफ पालिका के अधिकारियों के खिलाफ सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे गए हैं, वहीं वार्ड नंबर-14 की पार्षद रेखा ने भी आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया अपने फोटो के साथ एक पत्र जारी कर दिया है। इसमेें लिखा गया है कि नगरपालिका प्रधान द्वारा उन्हें बहुत परेशान किया जा रहा है। इस कारण वे आत्महत्या करने को मजबूर हो रही हैं। पार्षद रेखा ने कहा है कि उनके नाम का बोर्ड व लाइट्स गलत तरीके से उखाड़ी जा रही हैं। उस पर गलत तरीके से दबाव बनाया जा रहा है।
पार्षद रेखा ने बताया कि उन्होंने पत्र सोशल मीडिया में वायरल करने से पहले 24 नवंबर को पुलिस चौकी में भी नपा के कई अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री, पुलिस तथा प्रशासन के उच्च अधिकारियों के नाम पत्र जारी किया। पार्षद रेखा ने कहा कि पुलिस द्वारा उन्हें इस मामले में डीसी से मिलने की सहला दी गई। रेखा का कहना है कि नगर पालिका के प्रधान सेवाराम व सफाई निरीक्षक कर्मबीर द्वारा उसे कभी वार्ड 14 से लाइट उतारने के बहाने तो कभी उसके नाम लगाया सूचना बोर्ड उखाड़ने के बहाने मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर को उसके वार्ड में प्रधान सेवाराम द्वारा तीन सफाई कर्मचारियों को उसका बोर्ड उखाड़ने के लिए भेजा गया। जिन्हें उनके द्वारा देख लिया गया। जिसके बाद जब उनसे ऐसे करने के लिए पूछा तो उन्होंने इस कार्रवाई को अंजाम देने के आदेश प्रधान सेवाराम द्वारा देने की बात कही। वहीं सफाई कर्मचारी सतीश ने कहा कि उसके पास सफाई निरीक्षक कर्मवीर का फोन आया था कि वार्ड नंबर 14 से पार्षद का बोर्ड उखाड़ लाओ।
वार्ड वासियों ने तीनों सफाई कर्मचारियों को पुलिस को सौंपा
इस मामले मेें नपा सफाई कर्मचारी भी धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों के प्रधान राजेश व इकाई सचिव सूरजभान का कहना है कि वार्ड वासियों ने सफाई कर्मी नरेश, सतीश व उनके उपप्रधान जगत सिंह को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। क्योंकि वार्ड की पार्षद ने चौकी में शिकायत दे दी थी। जब सफाई कर्मचारियों ने सफाई कर्मचारियों के निरीक्षक कर्मबीर को चौकी में बुलाया तो उन्होंने ऐसे आदेश उनके द्वारा नहीं देने की बात कही। वहीं नपा प्रधान भी इस बात से मुकर गए। अब सफाई कर्मचारियों में रोष है कि उनके कर्मचारियों को मोहरा बना परेशान किया जा रहा है। अब सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
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इस मामले में जब चौकी के एएसआई महेंद्र ने बताया कि कर्मचारियों को वार्डवासी लेकर आए थे। जिन्हें तुरंत छोड़ दिया गया। पार्षद द्वारा दी गई शिकायत की फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।
नपा प्रधान सेवाराम सैनी ने कहा कि उनके पास वार्ड के दर्जनों लोग शिकायत लेकर आए थे। जिनकी शिकायत थी कि वार्ड के बोर्ड में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। इसकी जांच करने के लिए भेजा गया था। साथ ही लाइटें खराब हो चुकी थीं। उन पर जो आरोप लगाए जा रहें है वे निराधार हैं। कर्मचारियों की बेवजह धरने पर बैठने की आदत हो गई है। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों । नगरपालिका में फिर से घमासान मच गया है। जहां एक तरफ पालिका के अधिकारियों के खिलाफ सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे गए हैं, वहीं वार्ड नंबर-14 की पार्षद रेखा ने भी आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया अपने फोटो के साथ एक पत्र जारी कर दिया है। इसमेें लिखा गया है कि नगरपालिका प्रधान द्वारा उन्हें बहुत परेशान किया जा रहा है। इस कारण वे आत्महत्या करने को मजबूर हो रही हैं। पार्षद रेखा ने कहा है कि उनके नाम का बोर्ड व लाइट्स गलत तरीके से उखाड़ी जा रही हैं। उस पर गलत तरीके से दबाव बनाया जा रहा है।
पार्षद रेखा ने बताया कि उन्होंने पत्र सोशल मीडिया में वायरल करने से पहले 24 नवंबर को पुलिस चौकी में भी नपा के कई अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री, पुलिस तथा प्रशासन के उच्च अधिकारियों के नाम पत्र जारी किया। पार्षद रेखा ने कहा कि पुलिस द्वारा उन्हें इस मामले में डीसी से मिलने की सहला दी गई। रेखा का कहना है कि नगर पालिका के प्रधान सेवाराम व सफाई निरीक्षक कर्मबीर द्वारा उसे कभी वार्ड 14 से लाइट उतारने के बहाने तो कभी उसके नाम लगाया सूचना बोर्ड उखाड़ने के बहाने मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर को उसके वार्ड में प्रधान सेवाराम द्वारा तीन सफाई कर्मचारियों को उसका बोर्ड उखाड़ने के लिए भेजा गया। जिन्हें उनके द्वारा देख लिया गया। जिसके बाद जब उनसे ऐसे करने के लिए पूछा तो उन्होंने इस कार्रवाई को अंजाम देने के आदेश प्रधान सेवाराम द्वारा देने की बात कही। वहीं सफाई कर्मचारी सतीश ने कहा कि उसके पास सफाई निरीक्षक कर्मवीर का फोन आया था कि वार्ड नंबर 14 से पार्षद का बोर्ड उखाड़ लाओ।
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वार्ड वासियों ने तीनों सफाई कर्मचारियों को पुलिस को सौंपा
इस मामले मेें नपा सफाई कर्मचारी भी धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों के प्रधान राजेश व इकाई सचिव सूरजभान का कहना है कि वार्ड वासियों ने सफाई कर्मी नरेश, सतीश व उनके उपप्रधान जगत सिंह को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। क्योंकि वार्ड की पार्षद ने चौकी में शिकायत दे दी थी। जब सफाई कर्मचारियों ने सफाई कर्मचारियों के निरीक्षक कर्मबीर को चौकी में बुलाया तो उन्होंने ऐसे आदेश उनके द्वारा नहीं देने की बात कही। वहीं नपा प्रधान भी इस बात से मुकर गए। अब सफाई कर्मचारियों में रोष है कि उनके कर्मचारियों को मोहरा बना परेशान किया जा रहा है। अब सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
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इस मामले में जब चौकी के एएसआई महेंद्र ने बताया कि कर्मचारियों को वार्डवासी लेकर आए थे। जिन्हें तुरंत छोड़ दिया गया। पार्षद द्वारा दी गई शिकायत की फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।
नपा प्रधान सेवाराम सैनी ने कहा कि उनके पास वार्ड के दर्जनों लोग शिकायत लेकर आए थे। जिनकी शिकायत थी कि वार्ड के बोर्ड में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। इसकी जांच करने के लिए भेजा गया था। साथ ही लाइटें खराब हो चुकी थीं। उन पर जो आरोप लगाए जा रहें है वे निराधार हैं। कर्मचारियों की बेवजह धरने पर बैठने की आदत हो गई है। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएंगी।