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आंदोलन में शामिल होने के लिए गंगानगर से जींद पहुंचे किसान, धर्मशाला से पुलिस ने किया गिरफ्तार, थाने में 14 किसानों ने किया अनशन
Updated Sat, 24 Feb 2018 12:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
कई राज्यों के किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन के तहत हिसार के खेड़ी चौपटा में चल रहे धरने में शामिल होने के लिए राजस्थान के गंगानगर किसान समिति के करीब 400 किसान जींद पहुंचे। इनमें से रेलवे जंक्शन के पास जाट धर्मशाला में विश्राम के लिए रुके 73 किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में सदर थाना में 14 किसानों ने अनशन किया। बाद में ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीआरओ रामफल कटारिया के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए किसानों को पुलिस सदर थाना में ले गई। यहां हिरासत में लेने के विरोध में 14 किसानों ने अनशन शुरू कर दिया। किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए खेड़ी चौपटा जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने दमनकारी नीति अपनाते हुए उन्हें गलत तरीके से गिरफ्तार किया। गंगानगर किसान समिति के प्रधान रणजीत सिंह राजू ने पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में सदर पुलिस थाना में ही नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कभी उत्पात नहीं होता, लेकिन हरियाणा पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जिससे माहौल खराब होता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के विरोध करने के संवैधानिक अधिकार पर हमला कर रही है।
बॉकस
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए
गंगानगर किसान समिति के प्रधान रणजीत सिंह राजू ने कहा कि वे लोग सराय रोहिला ट्रेन से सुबह करीब छह बजे जींद जंक्शन पर पहुंचे। इसके बाद विश्राम के लिए ये लोग रेलवे जंक्शन के पास स्थित जाट धर्मशाला में पहुंचे। यहां व्यवस्था कम होने के चलते अधिकतर किसान गुरुद्वारा चले गए, लेकिन कुछ किसान यहीं रुक गए। सुबह करीब नौ बजे जब किसान नहाकर खेड़ी चौपटा के लिए रवाना हो रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई सरासर दमनकारी है। जींद में उनको न तो कोई आंदोलन करना था और न ही रुकना था। इसके बाद किसानों को परेशान किया गया है।
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बॉक्स
14 किसानों ने नहीं खाया खाना
हिरासत में लिए गए किसानों के लिए हालांकि पुलिस ने सदर थाना में खाने की व्यवस्था की थी, लेकिन 14 किसानों ने यहां अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान किसान रणजीत सिंह राजू, दलजीत सिंह बराड़, जगजीत सिह, प्रकाश भादू, संदीप सहारण, कलवंत सहारण, नरेंद्र मान, राजेंद्र सिंह, महेंद्र भुवाल, समीर साहू, प्रदीप, रिछपाल, मनप्रीत व जगदीश ने खाना नहीं खाया।
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मीडिया से उलझे पुलिस अधिकारी
जिस समय किसानों को हिरासत में लेने की सूचना मिली तो मीडिया भी किसानों के पास पहुंची। लेकिन यहां पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को कवरेज करने से रोक दिया, जिस पर पुलिस के साथ मीडियाकर्मियों की कहासुनी हो गई।
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स्थानीय नेताओं की नहीं मिली मदद
गंगानगर के किसानों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद किसानों को जींद के किसान नेताओं की मदद का इंतजार रहा, लेकिन कोई भी संगठन या किसान यहां मदद के लिए नहीं पहुंचा। हालांकि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य राजेश नाडा ने किसानों के बीच पहुंच कर उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
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अब 26 को होगा फैसला
पुलिस ने शाम करीब पांच बजे रिहा कर दिया। इसके बाद सभी किसान खेड़ी चौपटा जाना चाहते थे, लेकिन वहां से संदेश मिला किं अब सरकार को 26 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया है। देश भर में किसानों के खिलाफ दर्ज केस वापस नहीं लिए जाते तो 26 को खेड़ी चौपटा में आंदोलन किया जाएगा।
- रणजीत सिंह राजू, प्रधान गंगानगर किसान समिति।
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73 किसानों की हुई गिरफ्तारी
जिले में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते पुलिस ने जाट धर्मशाला से किसानों को हिरासत में लिया था। 73 किसानों को गिरफ्तार किया गया है। बाद में ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीआरओ रामफल कटारिया ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
- रामभज, डीएसपी।
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जींद।
कई राज्यों के किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन के तहत हिसार के खेड़ी चौपटा में चल रहे धरने में शामिल होने के लिए राजस्थान के गंगानगर किसान समिति के करीब 400 किसान जींद पहुंचे। इनमें से रेलवे जंक्शन के पास जाट धर्मशाला में विश्राम के लिए रुके 73 किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में सदर थाना में 14 किसानों ने अनशन किया। बाद में ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीआरओ रामफल कटारिया के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए किसानों को पुलिस सदर थाना में ले गई। यहां हिरासत में लेने के विरोध में 14 किसानों ने अनशन शुरू कर दिया। किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए खेड़ी चौपटा जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने दमनकारी नीति अपनाते हुए उन्हें गलत तरीके से गिरफ्तार किया। गंगानगर किसान समिति के प्रधान रणजीत सिंह राजू ने पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में सदर पुलिस थाना में ही नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कभी उत्पात नहीं होता, लेकिन हरियाणा पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जिससे माहौल खराब होता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के विरोध करने के संवैधानिक अधिकार पर हमला कर रही है।
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पुलिस की कार्रवाई पर उठाए
गंगानगर किसान समिति के प्रधान रणजीत सिंह राजू ने कहा कि वे लोग सराय रोहिला ट्रेन से सुबह करीब छह बजे जींद जंक्शन पर पहुंचे। इसके बाद विश्राम के लिए ये लोग रेलवे जंक्शन के पास स्थित जाट धर्मशाला में पहुंचे। यहां व्यवस्था कम होने के चलते अधिकतर किसान गुरुद्वारा चले गए, लेकिन कुछ किसान यहीं रुक गए। सुबह करीब नौ बजे जब किसान नहाकर खेड़ी चौपटा के लिए रवाना हो रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई सरासर दमनकारी है। जींद में उनको न तो कोई आंदोलन करना था और न ही रुकना था। इसके बाद किसानों को परेशान किया गया है।
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14 किसानों ने नहीं खाया खाना
हिरासत में लिए गए किसानों के लिए हालांकि पुलिस ने सदर थाना में खाने की व्यवस्था की थी, लेकिन 14 किसानों ने यहां अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान किसान रणजीत सिंह राजू, दलजीत सिंह बराड़, जगजीत सिह, प्रकाश भादू, संदीप सहारण, कलवंत सहारण, नरेंद्र मान, राजेंद्र सिंह, महेंद्र भुवाल, समीर साहू, प्रदीप, रिछपाल, मनप्रीत व जगदीश ने खाना नहीं खाया।
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मीडिया से उलझे पुलिस अधिकारी
जिस समय किसानों को हिरासत में लेने की सूचना मिली तो मीडिया भी किसानों के पास पहुंची। लेकिन यहां पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को कवरेज करने से रोक दिया, जिस पर पुलिस के साथ मीडियाकर्मियों की कहासुनी हो गई।
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स्थानीय नेताओं की नहीं मिली मदद
गंगानगर के किसानों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद किसानों को जींद के किसान नेताओं की मदद का इंतजार रहा, लेकिन कोई भी संगठन या किसान यहां मदद के लिए नहीं पहुंचा। हालांकि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य राजेश नाडा ने किसानों के बीच पहुंच कर उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
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अब 26 को होगा फैसला
पुलिस ने शाम करीब पांच बजे रिहा कर दिया। इसके बाद सभी किसान खेड़ी चौपटा जाना चाहते थे, लेकिन वहां से संदेश मिला किं अब सरकार को 26 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया है। देश भर में किसानों के खिलाफ दर्ज केस वापस नहीं लिए जाते तो 26 को खेड़ी चौपटा में आंदोलन किया जाएगा।
- रणजीत सिंह राजू, प्रधान गंगानगर किसान समिति।
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73 किसानों की हुई गिरफ्तारी
जिले में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते पुलिस ने जाट धर्मशाला से किसानों को हिरासत में लिया था। 73 किसानों को गिरफ्तार किया गया है। बाद में ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीआरओ रामफल कटारिया ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
- रामभज, डीएसपी।