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स्वच्छता सर्वे टीम ने फिल्ड में उतर कर जांची शहर की स्थिति, 50 से अधिक स्थानों के फोटो किए अपलोड
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
देश भर में चार हजार शहरों की सफाई की व्यवस्था जानने के लिए शुरू हुए सर्वे के दूसरे दिन जींद में केंद्रीय टीम ने फील्ड सर्वे शुरू किया। इसके तहत टीम ने करीब 50 जगहों की फोटो पोर्टल पर अपलोड की। इस दौरान लोगों से शहर की स्वच्छता के बारे में फीडबैक भी लिया गया।
शुक्रवार को दो टीमों ने सर्वे का काम संभाला एक टीम ने नगर परिषद कार्यालय में रिकार्ड जांचा तो दूसरी टीम ने बाजारों में घूम कर लोगों का फीडबैक लिया। इस फीडबैक को पोर्टल पर अपलोड किया गया, जिसके आधार पर अब शहर की स्वच्छता की रैंकिंग के अंक तय होंगे।
चार हजार अंक की परीक्षा
स्वच्छता सर्वे में चार हजार अंक में से शहर की स्वच्छता को मिलने वाले अंक ही रैंकिंग तय करेंगे। इसके तहत शहर की सफाई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से जांचा जाएगा। सर्वे के दौरान शहर के मुख्य बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मुख्य सड़कों, सब्जी मंडी, सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था सहित तमाम ऐसे पहलुओं की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इनमें से प्रत्येक बिंदु के आधार पर स्वच्छता को अंक दिए जाएंगे, जिनके आधार पर स्वच्छता रैंकिंग तय की जाएगी।
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इस बार मुकाबला कड़ा
पिछली बार हुए स्वच्छता सर्वे में जींद को 265वां स्थान मिला था। पिछले साल महज साढ़े चार सौ शहरों का सर्वे हुआ था। वहीं इस बार सर्वे में चार हजार शहरों को शामिल किया गया है। ऐसे में मुकाबला कड़ा है।
मिली जुली रही जनता की राय
शहर को स्वच्छता की रैंकिंग में क्या स्थान मिलेगा, इसमें लोगों से लिए जा रहे फीडबैक से भी अंक तय होंगे। इसके चलते टीम के सदस्यों ने शहर में लोगों से उनकी राय जानी। इस दौरान अमर उजाला की टीम भी साथ रही। इसमें कुछ लोगों ने शहर की सफाई व्यवस्था की तारीफ की तो कुछ लोगों ने इसमें खामियां निकालीं। कई लोगों ने तो बताया कि उनके यहां तो सफाई कर्मचारी आते ही नहीं।
केंद्रीय समन्वय टीम से मिले निर्देश
सर्वे टीम को केंद्रीय टीम से मिले दिशा निर्देश के अनुसार काम करना होता है। ऊपर से जब टीम को बताया कि फलां बाजार की फलां गली के मोड़ पर इस नाम की दुकान है, उससे फीडबैक लें। इस पर यहां मौजूद टीम का सदस्य उस दुकानदार के पास जाकर उसका फीडबैक रिकार्ड कर ऊपर भेज देता है। सभी पक्षों की समीक्षा कर रैंकिंग तय की जाएगी।
ऊपर भेजी जाएगी रिपोर्ट
सर्वे कर रही टीम के सदस्यों ने बताया कि यहां से पूरी जानकारी केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। इसके बाद इसके आधार पर ही रैंकिंग तय होगी। यहां से कोई रिकार्ड तैयार नहीं होगा।
अच्छी रैंकिंग की उम्मीद
इस बार अच्छी रैंकिंग की उम्मीद है।
पिछले साल के मुकाबले इस बार काफी अच्छा काम हुआ है। शहर सार्वजनिक शौचालय बने हैं। रात को सफाई का अभियान चला है। सभी कॉलोनियों में सफाई की व्यवस्था सुधरी है। इससे अच्छी रैंकिंग की उम्मीद है।
डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद जींद।
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जींद।
देश भर में चार हजार शहरों की सफाई की व्यवस्था जानने के लिए शुरू हुए सर्वे के दूसरे दिन जींद में केंद्रीय टीम ने फील्ड सर्वे शुरू किया। इसके तहत टीम ने करीब 50 जगहों की फोटो पोर्टल पर अपलोड की। इस दौरान लोगों से शहर की स्वच्छता के बारे में फीडबैक भी लिया गया।
शुक्रवार को दो टीमों ने सर्वे का काम संभाला एक टीम ने नगर परिषद कार्यालय में रिकार्ड जांचा तो दूसरी टीम ने बाजारों में घूम कर लोगों का फीडबैक लिया। इस फीडबैक को पोर्टल पर अपलोड किया गया, जिसके आधार पर अब शहर की स्वच्छता की रैंकिंग के अंक तय होंगे।
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चार हजार अंक की परीक्षा
स्वच्छता सर्वे में चार हजार अंक में से शहर की स्वच्छता को मिलने वाले अंक ही रैंकिंग तय करेंगे। इसके तहत शहर की सफाई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से जांचा जाएगा। सर्वे के दौरान शहर के मुख्य बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मुख्य सड़कों, सब्जी मंडी, सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था सहित तमाम ऐसे पहलुओं की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इनमें से प्रत्येक बिंदु के आधार पर स्वच्छता को अंक दिए जाएंगे, जिनके आधार पर स्वच्छता रैंकिंग तय की जाएगी।
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इस बार मुकाबला कड़ा
पिछली बार हुए स्वच्छता सर्वे में जींद को 265वां स्थान मिला था। पिछले साल महज साढ़े चार सौ शहरों का सर्वे हुआ था। वहीं इस बार सर्वे में चार हजार शहरों को शामिल किया गया है। ऐसे में मुकाबला कड़ा है।
मिली जुली रही जनता की राय
शहर को स्वच्छता की रैंकिंग में क्या स्थान मिलेगा, इसमें लोगों से लिए जा रहे फीडबैक से भी अंक तय होंगे। इसके चलते टीम के सदस्यों ने शहर में लोगों से उनकी राय जानी। इस दौरान अमर उजाला की टीम भी साथ रही। इसमें कुछ लोगों ने शहर की सफाई व्यवस्था की तारीफ की तो कुछ लोगों ने इसमें खामियां निकालीं। कई लोगों ने तो बताया कि उनके यहां तो सफाई कर्मचारी आते ही नहीं।
केंद्रीय समन्वय टीम से मिले निर्देश
सर्वे टीम को केंद्रीय टीम से मिले दिशा निर्देश के अनुसार काम करना होता है। ऊपर से जब टीम को बताया कि फलां बाजार की फलां गली के मोड़ पर इस नाम की दुकान है, उससे फीडबैक लें। इस पर यहां मौजूद टीम का सदस्य उस दुकानदार के पास जाकर उसका फीडबैक रिकार्ड कर ऊपर भेज देता है। सभी पक्षों की समीक्षा कर रैंकिंग तय की जाएगी।
ऊपर भेजी जाएगी रिपोर्ट
सर्वे कर रही टीम के सदस्यों ने बताया कि यहां से पूरी जानकारी केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। इसके बाद इसके आधार पर ही रैंकिंग तय होगी। यहां से कोई रिकार्ड तैयार नहीं होगा।
अच्छी रैंकिंग की उम्मीद
इस बार अच्छी रैंकिंग की उम्मीद है।
पिछले साल के मुकाबले इस बार काफी अच्छा काम हुआ है। शहर सार्वजनिक शौचालय बने हैं। रात को सफाई का अभियान चला है। सभी कॉलोनियों में सफाई की व्यवस्था सुधरी है। इससे अच्छी रैंकिंग की उम्मीद है।
डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद जींद।