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प्रदेश सरकार का बाजरा खरीद का भाव 1950 तो मंडियों में 1350 से 1400 के मध्य बिक रहा किसानों का बाजरा

Fri, 12 Oct 2018 12:35 AM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 12:35 AM IST
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प्रदेश सरकार का बाजरा खरीद का भाव 1950 तो मंडियों में 1350 से 1400 के मध्य बिक रहा किसानों का बाजरा
सरकारी भाव 1950 रुपये, मंडियों में 1350 से 1400 रुपये में खरीद रहे बाजरा
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश सरकार द्वारा बाजरे का सरकारी भाव 1950 रुपये निर्धारित किया गया है, लेकिन किसानों को मंडियों में रजिस्ट्रेशन के नाम पर लूटा जा रहा है। जींद की अनाज मंडी में किसान बाजरे को 1350 रुपये से 1400 के मध्य बेचने के लिए मजबूर हैं। इसके अतिरिक्त किसान जितना बाजरा बोया है और उसके रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है। कृषि विभाग ने उसके पूरे खेत के बाजरे का रजिस्ट्रेशन न करके कम का रजिस्ट्रेशन किया है।
जींद की अनाज मंडी में सरकार द्वारा अभी तक बाजरे का एक भी दाना नहीं खरीदा गया। जो किसान मंडी में बाजरा लेकर आते हैं उनको मंडी में खरीद के लिए गेट पास दिया जाता है। इसके बावजूद सबसे बड़ी परेशानी किसानों के साथ बाजरे की फसल की पटवारी द्वारा जांच रिपोर्ट है। ज्यादातर किसानों के बाजरे की फसल की अभी तक पटवारी ने वेरिफिकेशन नहीं की है। मंडी में जब तक पटवारी की वेरिफिकेशन रिपोर्ट नहीं मिलती तब तक बाजरे की सरकारी खरीद नहीं हो पा रही। इस रिपोर्ट के लिए मंडी से किसानों को डीआरओ कार्यालय में भेजा जा रहा है। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए और धान का बोझ होने के कारण अपनी फसल को मंदे में बेचने के लिए मजबूर हैं। किसानों के साथ बाजरे की खरीद को लेकर प्रति क्विंटल लगभग 500 रुपये का हर्जाना उठाना पड़ रहा है। इस मंदे रेट में किसान के बाजरे का लागत मूल्य भी पूरा नहीं होता।
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किसानों को मंडियों में फसल बेचने के लिए आए दिन नई-नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह बात किसान खुशीराम, राजबीर, दलबीर, रामेर सिंधवी खेड़ा ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार किसान हित में नहीं बल्कि किसानों को परेशान करने का काम कर रही है। अशिक्षा के कारण विभागों में कर्मचारी उनको किसी भी तरह की पूरी जानकारी नहीं देते। अंत में छह महीने तक मेहनत के साथ तैयार की गई फसलों को व्यापारियों के मनमाने रेट पर बेचने को मजबूर हैं।
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मंडी में बाजरे की फसल को लेकर आने वाले किसान को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। किसान को मंडी में आते ही गेट पास दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त किसान को बाजरे के रजिस्ट्रेशन के लिए तथा पटवारी को जांच रिपोर्ट देनी होगी।
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