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राज्य पेज के लिए प्रस्तावित एक करोड़ रुपये ईनामी राशि नहीं दे रही सरकार : कविता
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:24 AM IST
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एक करोड़ रुपये इनामी राशि नहीं दे रही सरकार : कविता
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। युवा जगाओ खेल बचाओ के बैनर तले प्रदेशभर के खिलाड़ियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। खिलाड़ियों ने मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। खिलाड़ियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद भी प्रदेश सकार खिलाड़ियों की सुध नहीं ली। खिलाड़ी कविता ने बताया कि वह कबड्डी खेल में राइट कॉर्नर खिलाड़ी है। वह पांच बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड विजेता, 23 बार प्रदेश स्तर पर पदक विजेता रही। सरकार ने 2014 में उसके खेल को देखते हुए तीन करोड़ रुपये इनाम के तौर पर देने की घोषणा की थी। 2015 में उसे दो करोड़ दिए, जबकि सरकार ने तीन करोड़ देने के लिए कहा था। कविता ने कहा कि इतना अच्छा प्रदर्शन के बावजूद उसे घोषित की गई राशि से कम राशि दी गई। तीन साल से उसे कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। यहां तक उसे कोई सरकारी नौकरी भी नहीं दी गई। अब तक भाजपा सरकार आने के बाद सिर्फ चार-पांच खिलाड़ियों को ही सरकारी नौकरी दी गई है। वह भी पिछली सरकार में खिलाड़ियों को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। सरकार के आश्वासन के बाद जब उन्हें नौकरी नहीं मिली तो वह भी कोर्ट में केस के जरिए ही नौकरी हासिल कर पाए हैं। कुश्ती खिलाड़ी सोनम का कहना है कि वह सब जूनियर में 2017 में गोल्ड विजेेता रही। थाइलैंड, एशिया चैंपियनशिप व विश्व चैंपियनशिप प्रतियोगिता में कांस्य पदक विजेता रही, पर सरकार ने अब तक उसे प्रोत्साहन राशि के तौर पर कुछ नहीं दिया। मीनाक्षी ने कहा कि वह कुश्ती में 2015 में गोल्ड विजेता रही। उसके बाद 2016 में सब जूनियर, चाइना चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2018 में सब जूनियर एशिया में ब्रान्ज विजेता रही। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों को कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी। वहीं हैंडबाल खिलाड़ी रोहित ने बताया कि वह भी नेशनल लेवल पर गोल्ड विजेेता रहा। सरकार की अनदेखी के चलते खिलाड़ियों ने आज प्रदर्शन कर मांगों को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। युवा जगाओ खेल बचाओ के बैनर तले प्रदेशभर के खिलाड़ियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। खिलाड़ियों ने मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। खिलाड़ियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद भी प्रदेश सकार खिलाड़ियों की सुध नहीं ली। खिलाड़ी कविता ने बताया कि वह कबड्डी खेल में राइट कॉर्नर खिलाड़ी है। वह पांच बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड विजेता, 23 बार प्रदेश स्तर पर पदक विजेता रही। सरकार ने 2014 में उसके खेल को देखते हुए तीन करोड़ रुपये इनाम के तौर पर देने की घोषणा की थी। 2015 में उसे दो करोड़ दिए, जबकि सरकार ने तीन करोड़ देने के लिए कहा था। कविता ने कहा कि इतना अच्छा प्रदर्शन के बावजूद उसे घोषित की गई राशि से कम राशि दी गई। तीन साल से उसे कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। यहां तक उसे कोई सरकारी नौकरी भी नहीं दी गई। अब तक भाजपा सरकार आने के बाद सिर्फ चार-पांच खिलाड़ियों को ही सरकारी नौकरी दी गई है। वह भी पिछली सरकार में खिलाड़ियों को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। सरकार के आश्वासन के बाद जब उन्हें नौकरी नहीं मिली तो वह भी कोर्ट में केस के जरिए ही नौकरी हासिल कर पाए हैं। कुश्ती खिलाड़ी सोनम का कहना है कि वह सब जूनियर में 2017 में गोल्ड विजेेता रही। थाइलैंड, एशिया चैंपियनशिप व विश्व चैंपियनशिप प्रतियोगिता में कांस्य पदक विजेता रही, पर सरकार ने अब तक उसे प्रोत्साहन राशि के तौर पर कुछ नहीं दिया। मीनाक्षी ने कहा कि वह कुश्ती में 2015 में गोल्ड विजेता रही। उसके बाद 2016 में सब जूनियर, चाइना चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2018 में सब जूनियर एशिया में ब्रान्ज विजेता रही। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों को कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी। वहीं हैंडबाल खिलाड़ी रोहित ने बताया कि वह भी नेशनल लेवल पर गोल्ड विजेेता रहा। सरकार की अनदेखी के चलते खिलाड़ियों ने आज प्रदर्शन कर मांगों को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपा।