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माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड
Updated Wed, 15 Nov 2017 10:22 PM IST
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फिर तकनीकी की फेर में उलझा नरवाना रोड से जिप्सम फैक्टरी तक सड़क का निर्माण
धर्मवीर निडाना
जींद। शहर में यातायात की भीड़ से परेशान लोगों को मिलने वाली राहत की परियोजना फिर खटाई में पड़ गई। करीब चार किलोमीटर लंबी 50 फुट चौड़ी सड़क के लिए 356.60 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया था, लेकिन एक बार फिर यह परियोजना लटक गई है। कारण है सिंचाई विभाग को दी जाने वाली फीस। अब सिंचाई विभाग व स्थानी निकाय विभाग इस फीस की राशि पर सहमति बनाई जा रही है।
11 दिसंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी। यह सड़क पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाने की प्रक्रिया चली, लेकिन अब यह काम नगरपरिषद को ही करवाना है। इसके लिए पहले 393.58 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया, लेकिन इसमें बदलाव के बाद अब 356.90 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया, लेकिन अब इस राशि पर भी यह काम नहीं हो पा रहा है। जिप्सम फैक्टरी से नरवाना रोड तक करीब चार किलोमीटर की सड़क पर काम शुरू करने के लिए मांगी गई निविदाओं को 25 सितंबर को खोला गया था। इसके लिए ठेकेदार ने टेंडर भी दे दिया, लेकिन ऐन मौके पर नगरपरिषद और सिंचाई विभाग के बीच फीस पर पेंच फंस गया। ऐसे में यह टेंडर रद्द कर अब दोबारा से एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
दो करोड़ 94 लाख रुपये बनती है फीस
दरअसल सड़क निर्माण सिंचाई विभाग के कई राजवाहे और माइनर आते हैं। इनके ऊपर से सड़क बनाने के लिए नगर परिषद द्वारा सिंचाई विभाग करीब दो करोड़ 94 लाख रुपये की राशि देनी पड़ती। ऐसे में इस परियोजना की कॉस्ट काफी बढ़ जाती और टेंडर दी गई राशि में यह काम पूरा नहीं हो पाता। ऐसे में नगर परिषद ने इस काम के टेंडर के ही रद्द कर दिया है।
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रिंग रोड की मिलेगी सुविधा
फिलहाल बस स्टैंड से रोहतक रोड, भिवानी रोड से हांसी रोड दूसरी ओर सफीदों रोड, नरवाना व कैथल रोड तक मिनी बाईपास बना हुआ है। नरवाना रोड से हांसी रोड तक का जुड़ाव नहीं होने से मिनी बाईपास का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। यह डेढ़ किलोमीटर की सड़क बनने गोहाना रोड, रोहतक रोड, सफीदों और कैथल व नरवाना रोड के वाहन सीधे हांसी रोड पर बाहर से ही पहुंच सकेंगे। इंडिया जिप्सम के साथ जलालपुर कलां होते हुए यह सड़क सीधे बरवाला और हांसी रोड में मिलेगी।
होगा काफी फायदा
बस स्टैंड से हांसी रोड और रेलवे स्टेशन जाने के लिए फिलहाल शहर के अंदर से ही जाना पड़ता है। इससे कई बार जाम में फंसने की दिक्कत रहती है। यह रिंग रोड बनने से लोगों को काफी लाभ होगा।
राकेश
शहर की भीड़ होगी कम
इससे शहर की भीड़ कम होगी। भारी वाहन बाहर से ही चलेंगे, इससे शहर के लोग सुरक्षित रहेंगे। फिलहाल शहर के अंदर हादसों का खतरा बना रहता है। यह छोटा सा टुकड़ा नहीं बनने से ही पूरा मिनीबाईपास प्रयोग नहीं हो रहा है।
आरती
दोबारा होंगे टेंडर
सरकार के एक फैसले के अनुसार यह सड़क बनाने के लिए नगर परिषद को करीब दो करोड़ 94 लाख रुपये सिंचाई विभाग को देने पड़ते। यह बहुत बड़ी राशि है। यह राशि पूरी सड़क के निर्माण के खर्च के करीब बराबर ही है। ऐसे में अब स्थानीय निकाय विभाग और सिंचाई विभाग मिलकर इस कोई रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं। जैसे ही इस पर नई कीमत तय होती है, इसके बाद दोबारा टेंडर करवाकर सड़क निर्माण करवा दिया जाएगा।
बलराज सिंगला, एमई नगरपरिषद, जींद।
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धर्मवीर निडाना
जींद। शहर में यातायात की भीड़ से परेशान लोगों को मिलने वाली राहत की परियोजना फिर खटाई में पड़ गई। करीब चार किलोमीटर लंबी 50 फुट चौड़ी सड़क के लिए 356.60 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया था, लेकिन एक बार फिर यह परियोजना लटक गई है। कारण है सिंचाई विभाग को दी जाने वाली फीस। अब सिंचाई विभाग व स्थानी निकाय विभाग इस फीस की राशि पर सहमति बनाई जा रही है।
11 दिसंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी। यह सड़क पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाने की प्रक्रिया चली, लेकिन अब यह काम नगरपरिषद को ही करवाना है। इसके लिए पहले 393.58 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया, लेकिन इसमें बदलाव के बाद अब 356.90 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया, लेकिन अब इस राशि पर भी यह काम नहीं हो पा रहा है। जिप्सम फैक्टरी से नरवाना रोड तक करीब चार किलोमीटर की सड़क पर काम शुरू करने के लिए मांगी गई निविदाओं को 25 सितंबर को खोला गया था। इसके लिए ठेकेदार ने टेंडर भी दे दिया, लेकिन ऐन मौके पर नगरपरिषद और सिंचाई विभाग के बीच फीस पर पेंच फंस गया। ऐसे में यह टेंडर रद्द कर अब दोबारा से एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
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दो करोड़ 94 लाख रुपये बनती है फीस
दरअसल सड़क निर्माण सिंचाई विभाग के कई राजवाहे और माइनर आते हैं। इनके ऊपर से सड़क बनाने के लिए नगर परिषद द्वारा सिंचाई विभाग करीब दो करोड़ 94 लाख रुपये की राशि देनी पड़ती। ऐसे में इस परियोजना की कॉस्ट काफी बढ़ जाती और टेंडर दी गई राशि में यह काम पूरा नहीं हो पाता। ऐसे में नगर परिषद ने इस काम के टेंडर के ही रद्द कर दिया है।
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रिंग रोड की मिलेगी सुविधा
फिलहाल बस स्टैंड से रोहतक रोड, भिवानी रोड से हांसी रोड दूसरी ओर सफीदों रोड, नरवाना व कैथल रोड तक मिनी बाईपास बना हुआ है। नरवाना रोड से हांसी रोड तक का जुड़ाव नहीं होने से मिनी बाईपास का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। यह डेढ़ किलोमीटर की सड़क बनने गोहाना रोड, रोहतक रोड, सफीदों और कैथल व नरवाना रोड के वाहन सीधे हांसी रोड पर बाहर से ही पहुंच सकेंगे। इंडिया जिप्सम के साथ जलालपुर कलां होते हुए यह सड़क सीधे बरवाला और हांसी रोड में मिलेगी।
होगा काफी फायदा
बस स्टैंड से हांसी रोड और रेलवे स्टेशन जाने के लिए फिलहाल शहर के अंदर से ही जाना पड़ता है। इससे कई बार जाम में फंसने की दिक्कत रहती है। यह रिंग रोड बनने से लोगों को काफी लाभ होगा।
राकेश
शहर की भीड़ होगी कम
इससे शहर की भीड़ कम होगी। भारी वाहन बाहर से ही चलेंगे, इससे शहर के लोग सुरक्षित रहेंगे। फिलहाल शहर के अंदर हादसों का खतरा बना रहता है। यह छोटा सा टुकड़ा नहीं बनने से ही पूरा मिनीबाईपास प्रयोग नहीं हो रहा है।
आरती
दोबारा होंगे टेंडर
सरकार के एक फैसले के अनुसार यह सड़क बनाने के लिए नगर परिषद को करीब दो करोड़ 94 लाख रुपये सिंचाई विभाग को देने पड़ते। यह बहुत बड़ी राशि है। यह राशि पूरी सड़क के निर्माण के खर्च के करीब बराबर ही है। ऐसे में अब स्थानीय निकाय विभाग और सिंचाई विभाग मिलकर इस कोई रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं। जैसे ही इस पर नई कीमत तय होती है, इसके बाद दोबारा टेंडर करवाकर सड़क निर्माण करवा दिया जाएगा।
बलराज सिंगला, एमई नगरपरिषद, जींद।