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Jind News: जिले में 51 फीडर ओवरलोड, निर्बाध आपूर्ति के लिए मई तक होंगे अपग्रेड
Thu, 16 Apr 2026 12:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 16 Apr 2026 12:13 AM IST
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15जेएनडी11-शहर के गोहाना रोड पर बिजली मरम्मत का कार्य करते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : 1
जींद। जिले में 51 फीडर ओवरलोड हैं। इससे बार-बार कटों और लो वोल्टेज की समस्या पैदा हो गई है। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बिजली निगम ने पांच फीडरों की क्षमता बढ़ा दी है जबकि शेष फीडर मई तक अपग्रेड कर दिए जाएंगे।
गर्मी के सीजन को देखते हुए बिजली निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बढ़ते लोड और संभावित ट्रिपिंग की समस्या से निपटने के लिए बिजली निगम ने प्रक्रिया शुरू की हुई है। ओवरलोड फीडरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। अब तक पांच सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। इनमें रसीदां, मनोहरपुर, लिजवाना, लुदाना और मंगलपुर सब स्टेशन हैं। शेष सब स्टेशनों पर कार्य जारी है।
गर्मी में लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर जलने और फ्यूज उड़ने की शिकायतें बढ़ जाती हैं। इससे बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। मौसम में बदलाव होने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। निगम ने ओवरलोड फीडरों की पहचान कर क्षमता बढ़ाने, लाइनों की मरम्मत और उपकरणों की जांच का काम शुरू कर दिया है ताकि गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सप्लाई देने के लिए निगम ओवरलोड फीडरों का लोड कम करेगा। जिले में निगम के करीब 3.61 लाख उपभोक्ता हैं। जिले में प्रतिदिन करीबन 37 लाख रुपये यूनिट बिजली खर्च हो रही है।
बॉक्स
हर फीडर से जुड़ी है 4-5 कॉलोनियां
जिले में 662 फीडर हैं। शहरी एरिया में प्रत्येक फीडर पर चार से पांच कॉलोनियों का भार है जबकि ग्रामीण एरिया में आबादी के आधार पर एक या दो गांव जुड़े होते हैं। उपभोक्ताओं की संख्या और बिजली उपकरण बढ़ने से निगम के फीडरों पर लोड बढ़ा हुआ है। जिले में 51 फीडर ऐसे हैं जिन पर अधिक लोड है। शहर का तांगा चौक एरिया, झांझ गेट, पटियाला चौक एरिया, सफीदों रोड और रोहतक, भिवानी रोड की कॉलोनियों से जुड़े फीडरों पर ज्यादा लोड है जहां से शिकायत ज्यादा आती हैं।
बॉक्स
खपत बढ़ती है पर कनेक्शन का लोड नहीं
फीडर ओवरलोड होने का मुख्य कारण बिजली की खपत बढ़ना है। उपभोक्ता हर सीजन में घर के लिए नए बिजली उपकरण खरीदते हैं। इससे घर में उपभोक्ता की बिजली की खपत बढ़ जाती है लेकिन वह कनेक्शन का लोड नहीं बढ़वाते जिससे नजदीकी ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जाता है। इसका असर फीडर पर पड़ता है।
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इन फीडरों की बढ़ी क्षमता
रसीदां : 32.5 एमवीए
मंगलपुर : 22.5 एमवीए
लिजवाना : 12.5 एमवीए
लुदाना : 12.5 एमवीए
मनोहरपुर: 25.5 एमवीए
बॉक्स
डिविजन अनुसार फीडर
डिविजन-फीडर
जींद-20
सफीदों-21
नरवाना-10
बॉक्स
दिन-प्रतिदिन बढ़ रही बिजली खपत
सात अप्रैल-36.46 लाख यूनिट
आठ अप्रैल-32.42 लाख यूनिट
नौ अप्रैल-33.82 लाख यूनिट
दस अप्रैल-34.38 लाख यूनिट
11 अप्रैल-36.25 लाख यूनिट
12 अप्रैल-36.29 लाख यूनिट
13 अप्रैल-36.78 लाख यूनिट
14 अप्रैल-37.15 लाख यूनिट
15 अप्रैल-37.28 लाख यूनिट
वर्जन
मनोहरपुर, लुदाना, मंगलपुर, लिजवाना और रसीदां सब स्टेशन की क्षमता बढ़ा दी गई है। इनसे 20 से 25 गांवों को बिजली मिलेगी। अन्य फीडरों की क्षमता बढ़ाने का कार्य मई तक पूरा हो जाएगा।-एमएल सुखीजा, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
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गर्मी के सीजन को देखते हुए बिजली निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बढ़ते लोड और संभावित ट्रिपिंग की समस्या से निपटने के लिए बिजली निगम ने प्रक्रिया शुरू की हुई है। ओवरलोड फीडरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। अब तक पांच सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। इनमें रसीदां, मनोहरपुर, लिजवाना, लुदाना और मंगलपुर सब स्टेशन हैं। शेष सब स्टेशनों पर कार्य जारी है।
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गर्मी में लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर जलने और फ्यूज उड़ने की शिकायतें बढ़ जाती हैं। इससे बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। मौसम में बदलाव होने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। निगम ने ओवरलोड फीडरों की पहचान कर क्षमता बढ़ाने, लाइनों की मरम्मत और उपकरणों की जांच का काम शुरू कर दिया है ताकि गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सप्लाई देने के लिए निगम ओवरलोड फीडरों का लोड कम करेगा। जिले में निगम के करीब 3.61 लाख उपभोक्ता हैं। जिले में प्रतिदिन करीबन 37 लाख रुपये यूनिट बिजली खर्च हो रही है।
बॉक्स
हर फीडर से जुड़ी है 4-5 कॉलोनियां
जिले में 662 फीडर हैं। शहरी एरिया में प्रत्येक फीडर पर चार से पांच कॉलोनियों का भार है जबकि ग्रामीण एरिया में आबादी के आधार पर एक या दो गांव जुड़े होते हैं। उपभोक्ताओं की संख्या और बिजली उपकरण बढ़ने से निगम के फीडरों पर लोड बढ़ा हुआ है। जिले में 51 फीडर ऐसे हैं जिन पर अधिक लोड है। शहर का तांगा चौक एरिया, झांझ गेट, पटियाला चौक एरिया, सफीदों रोड और रोहतक, भिवानी रोड की कॉलोनियों से जुड़े फीडरों पर ज्यादा लोड है जहां से शिकायत ज्यादा आती हैं।
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खपत बढ़ती है पर कनेक्शन का लोड नहीं
फीडर ओवरलोड होने का मुख्य कारण बिजली की खपत बढ़ना है। उपभोक्ता हर सीजन में घर के लिए नए बिजली उपकरण खरीदते हैं। इससे घर में उपभोक्ता की बिजली की खपत बढ़ जाती है लेकिन वह कनेक्शन का लोड नहीं बढ़वाते जिससे नजदीकी ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जाता है। इसका असर फीडर पर पड़ता है।
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इन फीडरों की बढ़ी क्षमता
रसीदां : 32.5 एमवीए
मंगलपुर : 22.5 एमवीए
लिजवाना : 12.5 एमवीए
लुदाना : 12.5 एमवीए
मनोहरपुर: 25.5 एमवीए
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डिविजन अनुसार फीडर
डिविजन-फीडर
जींद-20
सफीदों-21
नरवाना-10
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दिन-प्रतिदिन बढ़ रही बिजली खपत
सात अप्रैल-36.46 लाख यूनिट
आठ अप्रैल-32.42 लाख यूनिट
नौ अप्रैल-33.82 लाख यूनिट
दस अप्रैल-34.38 लाख यूनिट
11 अप्रैल-36.25 लाख यूनिट
12 अप्रैल-36.29 लाख यूनिट
13 अप्रैल-36.78 लाख यूनिट
14 अप्रैल-37.15 लाख यूनिट
15 अप्रैल-37.28 लाख यूनिट
वर्जन
मनोहरपुर, लुदाना, मंगलपुर, लिजवाना और रसीदां सब स्टेशन की क्षमता बढ़ा दी गई है। इनसे 20 से 25 गांवों को बिजली मिलेगी। अन्य फीडरों की क्षमता बढ़ाने का कार्य मई तक पूरा हो जाएगा।-एमएल सुखीजा, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम