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जिले के 15 स्कूलों में साढ़े चार करोड़ की लागत से बनेंगी 45 लैब
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जींद। जिले के छह ब्लाकों के पंद्रह स्कूलों में साढ़े चार लाख की लागत से 45 प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। इसमें प्रयोग से संबंधित विज्ञान के सभी उपकरण उपलब्ध होंगे। प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा देकर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग लगातार अग्रसर है। इसके तहत जिले के छह खंडों के 15 स्कूलों में 45 नई प्रयोगशालाएं बनाने का निर्णय शिक्षा विभाग ने लिया है। इस पर साढे़ चार करोड़ रुपये की राशि खर्च होंगे। प्रत्येक विद्यालय में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं बनेंगी। एक लैब पर दस लाख रुपये की लागत आएगी। हालांकि अभी स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं, जिस कारण स्कूलों में प्रयोगशालाएं बनाने का कार्य अभी शुरू होने में समय लग सकता है। स्कूलों में प्रयोगशालाएं बनने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। साथ ही उनमें विज्ञान संकाय के प्रति रुचि बढ़ेगी। ग्रीष्मकालीन छुट्टियां खत्म होते ही प्रयोगशालाओं के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
जिले के जिन 15 स्कूलों में प्रयोगशालाएं बनाई जानी हैं, उनमें जीएसएसएस अहिरका, रामराय, बिशनपुरा, दालमवाला, झांझ कलां, घिमाना, लिजवाना कलां, मोरखी, मुआना, पाजू कलां, दनौदा कलां, उझाना, सिंघवाल, करसिंधु व कहसून स्कूल शामिल हैं।
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उचाना और दिल्लूवाला स्कूल में होंगे मरम्मत कार्य
सरकारी स्कूलों में प्रयोगशालाएं बनाने के अलावा कई स्कूलों में मरम्मत कार्य भी करवाया जाएगा। उचाना खुर्द के जीजीएचएस और दिल्लूवाला गांव का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। जीजीएचएस में 51.48 लाख रुपये से छत की मरम्मत और दिल्लूवाला के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 27.99 लाख रुपये की लागत से स्कूल और होस्टल की इमारत की मरम्मत कराई जाएगी।
जिले के छह ब्लाकों के 15 स्कूलों में विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। इसके लिए टेंडर पहले ही लगाया जा चुका है। प्रत्येक स्कूल में तीन-तीन प्रयोगशालाएं बनेंगी। इससे विज्ञान के विद्यार्थियों को फायदा होगा। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा दी जाए।-अनिल एसडीओ समग्र शिक्षा अभियान, जींद।
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विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा देकर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग लगातार अग्रसर है। इसके तहत जिले के छह खंडों के 15 स्कूलों में 45 नई प्रयोगशालाएं बनाने का निर्णय शिक्षा विभाग ने लिया है। इस पर साढे़ चार करोड़ रुपये की राशि खर्च होंगे। प्रत्येक विद्यालय में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं बनेंगी। एक लैब पर दस लाख रुपये की लागत आएगी। हालांकि अभी स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं, जिस कारण स्कूलों में प्रयोगशालाएं बनाने का कार्य अभी शुरू होने में समय लग सकता है। स्कूलों में प्रयोगशालाएं बनने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। साथ ही उनमें विज्ञान संकाय के प्रति रुचि बढ़ेगी। ग्रीष्मकालीन छुट्टियां खत्म होते ही प्रयोगशालाओं के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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जिले के जिन 15 स्कूलों में प्रयोगशालाएं बनाई जानी हैं, उनमें जीएसएसएस अहिरका, रामराय, बिशनपुरा, दालमवाला, झांझ कलां, घिमाना, लिजवाना कलां, मोरखी, मुआना, पाजू कलां, दनौदा कलां, उझाना, सिंघवाल, करसिंधु व कहसून स्कूल शामिल हैं।
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उचाना और दिल्लूवाला स्कूल में होंगे मरम्मत कार्य
सरकारी स्कूलों में प्रयोगशालाएं बनाने के अलावा कई स्कूलों में मरम्मत कार्य भी करवाया जाएगा। उचाना खुर्द के जीजीएचएस और दिल्लूवाला गांव का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। जीजीएचएस में 51.48 लाख रुपये से छत की मरम्मत और दिल्लूवाला के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 27.99 लाख रुपये की लागत से स्कूल और होस्टल की इमारत की मरम्मत कराई जाएगी।
जिले के छह ब्लाकों के 15 स्कूलों में विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। इसके लिए टेंडर पहले ही लगाया जा चुका है। प्रत्येक स्कूल में तीन-तीन प्रयोगशालाएं बनेंगी। इससे विज्ञान के विद्यार्थियों को फायदा होगा। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा दी जाए।-अनिल एसडीओ समग्र शिक्षा अभियान, जींद।