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सब्जी की दुकान पर मिले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी योजना 5
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सब्जी की दुकान पर मिले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 58 फार्म
अमर उजाला ब्यूरो
पिल्लूखेड़ा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ रही है। शुक्रवार को पिल्लूखेड़ा में किसानों के भरे हुए 58 फार्म एक सब्जी की दुकान पर पड़े मिले हैं। इन फार्म के साथ आधार कार्ड और बैंक खाता नंबर की जानकारी भी साथ लगी हुई है। जब इसकी सूचना निगरानी कमेटी के सह-प्रमुख रमेश कौशिक भूराणियां को लगी तो उन्होंने फार्म को सब्जी की दुकान से उठाया और सुरक्षित स्थान पर रखवाकर अधिकारियों को इसके बारे में सूचना दी। वहीं कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि जिस भी अधिकारी ने फार्म भरे हैं, वही इसकी जानकारी दे सकता है। किसान दोबारा आवेदन दे सकते हैं।
शुक्रवार को निगरानी कमेटी के सह प्रमुख रमेश कौशिक भूराणियां ने बताया उन्हें फार्म सब्जी की दुकान के पास फुटपाथ पर पड़े होने की सूचना मिली थी। यह फार्म भूरायण गांव के किसानों के हैं। अब फार्म जमीन की फर्द लगवाकर जींद कृषि विभाग के कार्यालय में भेजे जाएंगे। उन्होंने फार्म की सूचना भूरायण गांव के 58 किसानों को दी जहां पर किसानों ने फर्द निकलवाकर दोबारा से फार्मों को तैयार किया। किसानों का कहना है कि कि उन्होंने 14 से लेकर 22 फरवरी तक आवेदन किया था।
अभी तक नहीं आई किसान निधि की राशि
भूरायण गांव निवासी किसान विजेंद्र और रामनिवास के अनुसार अब तक तक उनके खाते में दो हजार रुपये की पहली किस्त आ जानी चाहिए थी, लेकिन जब उनके आवेदन ही कृषि विभाग में नहीं गए हैं तो यह पैसे कैसे मिलते। ऐसे में भी जिस भी कर्मचारी ने यह लापरवाही की है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सब्जी की दुकान पर आईडी के साथ उनके फार्मों का मिलना अधिकारियों की लापरवाही सरेआम नजर आ रही है।
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दोबारा दिए हैं आवेदन
निगरानी कमेटी के सह प्रमुख रमेश कौशिक ने बताया कि वह इस मामले को लेकर जींद के कृषि विभाग के अधिकारी से मिले। जहां उन्होंने दोबारा से एक प्रार्थना पत्र और फर्द की कापी लगवाकर इन आवेदन को जींद कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करवाने की बात कही। अब इन 58 फार्म को दोबारा जींद कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करवाया जाएगा।
डीडीए बोले-जिसकी ड्यूटी वही जाने, किसान दोबारा जमा करवाए फार्म
कृषि विभाग के कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही पर भी जिला कृषि अधिकारी भी गंभीर नहीं है। इस मामले को लेकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करनी तो दूर की बात। इसमें डीडीए डॉ. सुरेंद्र मलिक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिसकी ड्यूटी वही जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के आवेदन जमा नहीं हुए हैं। वह दोबारा से जमा करवा सकता है। कर्मचारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिल्लूखेड़ा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ रही है। शुक्रवार को पिल्लूखेड़ा में किसानों के भरे हुए 58 फार्म एक सब्जी की दुकान पर पड़े मिले हैं। इन फार्म के साथ आधार कार्ड और बैंक खाता नंबर की जानकारी भी साथ लगी हुई है। जब इसकी सूचना निगरानी कमेटी के सह-प्रमुख रमेश कौशिक भूराणियां को लगी तो उन्होंने फार्म को सब्जी की दुकान से उठाया और सुरक्षित स्थान पर रखवाकर अधिकारियों को इसके बारे में सूचना दी। वहीं कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि जिस भी अधिकारी ने फार्म भरे हैं, वही इसकी जानकारी दे सकता है। किसान दोबारा आवेदन दे सकते हैं।
शुक्रवार को निगरानी कमेटी के सह प्रमुख रमेश कौशिक भूराणियां ने बताया उन्हें फार्म सब्जी की दुकान के पास फुटपाथ पर पड़े होने की सूचना मिली थी। यह फार्म भूरायण गांव के किसानों के हैं। अब फार्म जमीन की फर्द लगवाकर जींद कृषि विभाग के कार्यालय में भेजे जाएंगे। उन्होंने फार्म की सूचना भूरायण गांव के 58 किसानों को दी जहां पर किसानों ने फर्द निकलवाकर दोबारा से फार्मों को तैयार किया। किसानों का कहना है कि कि उन्होंने 14 से लेकर 22 फरवरी तक आवेदन किया था।
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अभी तक नहीं आई किसान निधि की राशि
भूरायण गांव निवासी किसान विजेंद्र और रामनिवास के अनुसार अब तक तक उनके खाते में दो हजार रुपये की पहली किस्त आ जानी चाहिए थी, लेकिन जब उनके आवेदन ही कृषि विभाग में नहीं गए हैं तो यह पैसे कैसे मिलते। ऐसे में भी जिस भी कर्मचारी ने यह लापरवाही की है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सब्जी की दुकान पर आईडी के साथ उनके फार्मों का मिलना अधिकारियों की लापरवाही सरेआम नजर आ रही है।
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दोबारा दिए हैं आवेदन
निगरानी कमेटी के सह प्रमुख रमेश कौशिक ने बताया कि वह इस मामले को लेकर जींद के कृषि विभाग के अधिकारी से मिले। जहां उन्होंने दोबारा से एक प्रार्थना पत्र और फर्द की कापी लगवाकर इन आवेदन को जींद कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करवाने की बात कही। अब इन 58 फार्म को दोबारा जींद कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करवाया जाएगा।
डीडीए बोले-जिसकी ड्यूटी वही जाने, किसान दोबारा जमा करवाए फार्म
कृषि विभाग के कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही पर भी जिला कृषि अधिकारी भी गंभीर नहीं है। इस मामले को लेकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करनी तो दूर की बात। इसमें डीडीए डॉ. सुरेंद्र मलिक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिसकी ड्यूटी वही जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के आवेदन जमा नहीं हुए हैं। वह दोबारा से जमा करवा सकता है। कर्मचारी।