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सीआरएसयू में उतर पुस्तिका जांच में फर्जीवाड़ा साबित

Tue, 09 Apr 2019 11:49 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 09 Apr 2019 11:49 PM IST
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सीआरएसयू में उतर पुस्तिका जांच में फर्जीवाड़ा साबित
सीआरएसयू में उत्तर पुस्तिका जांच में मिली गड़बड़ी सच साबित
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सर्वोच्च शैक्षणिक सिस्टम का दम भरने वाले चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने में की गई गड़बड़ी का मामला सही पाया गया है। विद्यार्थियों के विरोध के बाद जब उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा से जांच करवाई गई तो गड़बड़ी पकड़ी गई। अब इसके आधार पर जांच कमेटी ने विवि के डीन ऑफ कॉलेजिज व डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर प्रोफेसर एसके सिन्हा की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
जांच कमेटी ने माना है कि नियमों को ताक पर रखकर प्रोफेसर एसके सिन्हा ने पीएचडी स्कॉलर से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करवाई है। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने वाले पीएचडी स्कॉलर ने जानबूझकर दो छात्राओं को फेल कर दिया। वहीं इन उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करवाने पर दोनों छात्र पास हो गए हैं। इस पर जांच कमेटी की अनुशंसा पर सीआरएसयू ने प्रोफेसर एसके सिन्हा को दो साल के लिए परीक्षा से संबंधित कामों से अलग कर दिया है। वे न तो परीक्षा में तैनात होंगे और न ही दो साल तक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे। साथ ही पीएचडी स्कॉलर जसबीर सिंह नागर को भी इस कार्य के लिए एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया है। हालांकि इस मामले में विरोध कर रहे छात्रों ने प्रोफेसर एसके सिन्हा व मार्किंग करने वाले पीएचडी स्कॉलर दोनों को निलंबित करने की मांग की थी।
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यह है मामला
दिसंबर 2018 में सीआरएसयू की परीक्षाएं हुईं थीं। इसके बाद फरवरी में जब परीक्षा परिणाम घोषित किया गया तो मैनेजमेंट के दो छात्र लव और अजय को 17-17 अंक मिले। इसको लेकर एक अप्रैल को विद्यार्थियों ने विवि में प्रदर्शन करते हुए मामले की जांच करवाने की मांग की थी। इस पर जांच कमेटी बनाई गई, जिसमें प्रोफेसर एसके सिन्हा दोषी पाए गए। दोषी मिलने के बाद अब प्रोफेसर एसके सिन्हा को दो साल के लिए परीक्षा पर्यवेक्षक नहीं बनाया जाएगा और न ही वे उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर सकेंगे। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने वाले पीएचडी स्कॉलर को भी एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया है। वहीं दोबारा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करवाने पर लव को 39 और अजय को 32 अंक मिले हैं।
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