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जींद का विकास ही है हमारा मुख्य चुनावी मुद्दा : दुष्यंत चौटाला
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अर्जुन की तरह मेरा ध्यान सिर्फ जींद के चहुमुखी विकास पर केंद्रित : दुष्यंत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिस तरह से अर्जुन ने अपना सारा ध्यान मछली की आंख पर केंद्रित रखा हुआ था, ठीक उसी प्रकार हमारा ध्यान पिछले 52 वर्षों से जींद के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त कर जींद के चहुंमुखी विकास पर केंद्रित है। यह बात सांसद दुष्यंत चौटाला ने जींद शहर में नुक्कड़ सभा के दौरान कही।
दुष्यंत ने कहा कि उन्होंने जींद को अपनी कर्मभूमि बनाने का फैसला लिया है। प्रदेश की राजनीतिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान रखने वाला जींद ही राजनीतिक उपेक्षा का शिकार है। हरियाणा के एक अलग राज्य के रूप में गठन के 52 वर्षों के बाद आज भी प्रदेश के सबसे प्राचीन जिलों में शामिल जींद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जींद के निवासी बिजली-पानी तथा सड़क एवं सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। जींद को इस दुर्दशा से छुटकारा दिलवाने के लिए ही उन्होंने जींद को अपनी कर्मभूमि बनाने का फैसला लिया है।
फोटो कैप्शन
23जेएनडी 44 : दुष्यंत चौटाला को कप-प्लेट भेंट करते लोग।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिस तरह से अर्जुन ने अपना सारा ध्यान मछली की आंख पर केंद्रित रखा हुआ था, ठीक उसी प्रकार हमारा ध्यान पिछले 52 वर्षों से जींद के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त कर जींद के चहुंमुखी विकास पर केंद्रित है। यह बात सांसद दुष्यंत चौटाला ने जींद शहर में नुक्कड़ सभा के दौरान कही।
दुष्यंत ने कहा कि उन्होंने जींद को अपनी कर्मभूमि बनाने का फैसला लिया है। प्रदेश की राजनीतिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान रखने वाला जींद ही राजनीतिक उपेक्षा का शिकार है। हरियाणा के एक अलग राज्य के रूप में गठन के 52 वर्षों के बाद आज भी प्रदेश के सबसे प्राचीन जिलों में शामिल जींद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जींद के निवासी बिजली-पानी तथा सड़क एवं सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। जींद को इस दुर्दशा से छुटकारा दिलवाने के लिए ही उन्होंने जींद को अपनी कर्मभूमि बनाने का फैसला लिया है।
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23जेएनडी 44 : दुष्यंत चौटाला को कप-प्लेट भेंट करते लोग।