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पद पर रहे विधायकों की सदस्यता रद होती
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:51 PM IST
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हटाए गए सीपीएस विधायक पदों से भी इस्तीफा दें : पहल
संविधान के अनुच्छेद 191 के अनुसार लाभ के पद पर रहे विधायकों की सदस्यता रद होती
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
आप के जिला अध्यक्ष राजकुमार पहल ने कहा कि हाईकोर्ट ने भाजपा सरकार के जिन चार विधायकों को संसदीय सचिव पद से हटाया गया है, वह लाभ के पद पर थे। इनको मुख्यमंत्री ने दो करोड़ रुपये की ग्रांट दी थी। हर महीने संसदीय सचिव को ढाई लाख से ज्यादा रुपये की सुविधा दी गई थी। इसके अलावा घर, गाड़ी, सुरक्षा भी थी, अब तक इनकी सुविधाओं पर 10 करोड़ से अधिक का खर्च हो चुका है। संविधान के अनुच्छेद 191 के अनुसार लाभ का पद संभाल रहे विधायकों की सदस्यता रद होती है। पहल रविवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा की वेबसाइट पर भी साफ-साफ लिखा है कि लाभ के पद पर होने से विधायक की सदस्यता रद्द होती है। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी इस प्रकार के मामलों में सदस्यता रद्द की थी। नैतिकता के आधार पर हटाए गए संसदीय सचिवों को अपनी विधायिका से इस्तीफा दे देना चाहिए और मुख्यमंत्री को अपने चारों विधायकों से इस्तीफा ले लेना चाहिए।
आप ने विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। भाजपा के 4 विधायक रद होने पर सरकार निर्दलियों के कंधों पर चली जाएगी अगर विधायकों की सदस्यता रद्द नहीं होती है तो आम आदमी पार्टी हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। 30 जुलाई को आम आदमी पार्टी जींद में किसान न्याय ललकार सम्मेलन करने जा रही है, जिसमें हजारों किसान हिस्सा लेंगे। इस मौके पर मीडिया प्रभारी हरीश मित्तल, उपाध्यक्ष सोमदत्त सैनी, युवा अध्यक्ष सुखदेव, एडवोकेट मनोज, कृष्ण, करण सिंह, रोहताश, अशोक, पालेराम, कमला ढांडा और संतरो मौजूद रहे।
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संविधान के अनुच्छेद 191 के अनुसार लाभ के पद पर रहे विधायकों की सदस्यता रद होती
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
आप के जिला अध्यक्ष राजकुमार पहल ने कहा कि हाईकोर्ट ने भाजपा सरकार के जिन चार विधायकों को संसदीय सचिव पद से हटाया गया है, वह लाभ के पद पर थे। इनको मुख्यमंत्री ने दो करोड़ रुपये की ग्रांट दी थी। हर महीने संसदीय सचिव को ढाई लाख से ज्यादा रुपये की सुविधा दी गई थी। इसके अलावा घर, गाड़ी, सुरक्षा भी थी, अब तक इनकी सुविधाओं पर 10 करोड़ से अधिक का खर्च हो चुका है। संविधान के अनुच्छेद 191 के अनुसार लाभ का पद संभाल रहे विधायकों की सदस्यता रद होती है। पहल रविवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा की वेबसाइट पर भी साफ-साफ लिखा है कि लाभ के पद पर होने से विधायक की सदस्यता रद्द होती है। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी इस प्रकार के मामलों में सदस्यता रद्द की थी। नैतिकता के आधार पर हटाए गए संसदीय सचिवों को अपनी विधायिका से इस्तीफा दे देना चाहिए और मुख्यमंत्री को अपने चारों विधायकों से इस्तीफा ले लेना चाहिए।
आप ने विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। भाजपा के 4 विधायक रद होने पर सरकार निर्दलियों के कंधों पर चली जाएगी अगर विधायकों की सदस्यता रद्द नहीं होती है तो आम आदमी पार्टी हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। 30 जुलाई को आम आदमी पार्टी जींद में किसान न्याय ललकार सम्मेलन करने जा रही है, जिसमें हजारों किसान हिस्सा लेंगे। इस मौके पर मीडिया प्रभारी हरीश मित्तल, उपाध्यक्ष सोमदत्त सैनी, युवा अध्यक्ष सुखदेव, एडवोकेट मनोज, कृष्ण, करण सिंह, रोहताश, अशोक, पालेराम, कमला ढांडा और संतरो मौजूद रहे।
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