{"_id":"5cace228bdec22143b6f1bfe","slug":"21554833960-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवि में यौन शोषण के आरोप वाले गुमनाम पत्र की जांच आज करेगी कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवि में यौन शोषण के आरोप वाले गुमनाम पत्र की जांच आज करेगी कमेटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
जींद। विवि में महिला कर्मचारियों का यौन शोषण करने और भ्रष्टाचार के मिले गुमनाम पत्र के बाद विवि प्रशासन हरकत में आ गया है। 10 अप्रैल को भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की प्रोफेसर अमृता शर्मा की अध्यक्षता वाली विवि की इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) इस मामले की जांच करेगी। पुलिस भी इस मामले में अब तक 20 शिक्षकों और 70 छात्राओं से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोक तथ्य सामने नहीं आया है। अब विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तय किया है कि गर्ल्स हॉस्टल को गेस्ट हाउस से जोड़ने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद किया जाएगा। साथ ही गर्ल्स हॉस्टल स्थित हॉल में अब कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा।
जानकारी के लिए कुछ दिन पहले विवि प्रशासन के पास व कई अन्य जगह एक पत्र भेजा गया। पत्र में महिला ने अपना वास्तविक नाम नहीं लिखा था। पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय के अंदर महिलाओं का यौन शोषण होता है। पत्र में आरोप लगाए गए हैं कि एक राजनीतिक दल से जुड़े प्रभावशाली लोगों का महिला छात्रावास में आना-जाना रहता है। पत्र के माध्यम से विवि में मिलने वाली ठेके की नौकरियों के लिए भी महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं।
गर्ल्स हॉस्टल के हॉल में नहीं होगा सेमिनार और कार्यक्रम गुमनाम पत्र के सामने आने के बाद विवि प्रशासन ने तय किया है कि उस रास्ते को बंद कर दिया जाएगा, जो विवि गेस्ट हाउस को गर्ल्स हॉस्टल से जोड़ता है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह रास्ता महज गेस्ट के लिए खाना पहुंचाने के लिए प्रयोग किया जाता है, लेकिन अब इसका उपयोग नहीं किया जाएगा। वहीं विवि में एक मात्र हॉल गर्ल्स हॉस्टल में है। ऐसे में इस हॉल का प्रयोग भी सेमिनार या अन्य कार्यक्रमों के लिए नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विवि के कई विभागों में पहुंचा है पत्र
शहर की कई संस्थाओं के साथ-साथ पत्र विवि के कई विभागों में भेजा गया है। यह पत्र कुलपति के साथ-साथ रजिस्ट्रार कार्यालय, स्थापना शाखा व एक विभाग की शिक्षक को भी भेजा गया है।
शिक्षक और विद्यार्थी भी हैं कमेटी का हिस्सा
विवि द्वारा गठित आईसीसी की अध्यक्षता भले ही भक्त फूल सिंह विवि की वरिष्ठ प्रोफेसर कर रही हैं, लेकिन इस कमेटी में विश्वविद्यालय के शिक्षक व विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है। कमेटी की मीटिंग में पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। विवि खुद इस मामले की अच्छे से जांच चाहती है। यदि किसी के साथ गलत हुआ है तो निश्चित रूप से चाहे वह कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति हो, उसे सजा मिलनी चाहिए। यदि विवि को बदनाम करने की साजिश है तो ऐसे लोगों की भी पहचान होनी चाहिए। प्रोफेसर आरबी सोलंकी, कुलपति, सीआरएसयू। यह मामला बहुत ही गंभीर है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। जांच को बीच में सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। कई लोगों से पूछताछ की गई है और जांच जारी है। इसके बाद जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।-पुष्पा खत्री, डीएसपी।
विज्ञापन
विज्ञापन