फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   एक गलत क्लिक के कारण स्वास्थ्य विभाग को लग गया

एक गलत क्लिक के कारण स्वास्थ्य विभाग को लग गया

Fri, 08 Mar 2019 01:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2019 01:35 AM IST
विज्ञापन
एक गलत क्लिक के कारण स्वास्थ्य विभाग को लग गया
गलत क्लिक से स्वास्थ्य विभाग को लगा 87 हजार का चूना
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जींद। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से गलत क्लिक के कारण विभाग को 87 हजार रुपये का चूना लग गया। कर्मचारियों की लापरवाही के कारण 87 हजार रुपये जिस फर्म को देने थे, उसके खाते की बजाय दूसरी फर्म के खाते में ट्रांसफर हो गए। अब फर्म संचालक इस पैसे को वापस नहीं कर रहा है जबकि जिस फर्म को पैसे लेने हैं, उसने स्वास्थ्य विभाग को लीगल नोटिस भिजवा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सिविल लाइन थाना पुलिस को इस संबंध में उपरोक्त फर्म संचालक के खिलाफ पैसे नहीं देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की पत्र लिखकर चार बार सिफारिश की जा चुकी है। अब तक न तो पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज की है और न ही फर्म ने विभाग को पैसे वापस किए हैं।
गौरतलब है कि नागरिक अस्पताल में दिव्या केमिकल इंडस्ट्रीज गोहाना रोड, जुलाना सर्फ, साबुन, झाडू़ आदि सामान की सप्लाई करती हैं। इसी प्रकार दिव्या वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी गांव कंडेला बायोवेस्ट का कार्य करती है। अक्तूबर 2016 में स्वास्थ्य विभाग ने दिव्या वेस्ट मैनेजमेंट का 87 हजार रुपये का बिल पास किया था। यह पैसा यूनिक कोड के माध्यम से फर्म को ट्रांसफर होना था। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से यह 87 हजार रुपये दिव्या केमिकल इंडस्ट्रीज गोहाना रोड जुलाना के खाते में चला गया। जब दिव्या वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी गांव कंडेला के संचालक ने दोबारा स्वास्थ्य विभाग को कहा कि उसके पैसे नहीं आए तो जांच की गई। जांच में सामने आया कि पैसा गलती से दिव्या केमिकल इंडस्ट्रीज के खाते में ट्रांसफर हो गया। पहले तो फर्म संचालक ने पैसे देने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बार-बार पत्र लिखे जाने के बाद दिव्या केमिकल इंडस्ट्रीज संचालक ने पैसे देने से मना कर दिया जबकि दिव्या वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी संचालक पैसे के लिए बार-बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टोकता रहा। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधीक्षक की तरफ से 18 सितंबर 2017 को सिविल लाइन थाना पुलिस को इस संबंध में पैसे वापस नहीं करने पर दिव्या केमिकल इंडस्ट्रीज संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की। इस पर भी पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद 22 मई 2018 व 22 जून 2018 को फिर पत्र लिखे गए। अब पांच मार्च 2019 को फिर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पुलिस को उपरोक्त फर्म संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग और फर्म के बीच हुआ समझौता
सिविल लाइन थाना प्रभारी जगदीश चंद्र ने कहा कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कहा गया है कि उनका फर्म के साथ समझौता हो गया है। अब इस पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं करनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पता नहीं क्या है मामला
सिविल सर्जन डॉ. शशि प्रभा अग्रवाल से जब इस संबंध में पता किया गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने अभी कुछ दिन पहले ही सिविल सर्जन का कार्यभार संभाला है।

ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ
मेडिकल अधीक्षक डॉ. राजेश भोला ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सिविल लाइन थाना पुलिस को इस बारे में कई पत्र लिखे गए हैं, अभी तक पुलिस ने इसमें मामला दर्ज नहीं किया। पांच मार्च को फिर से पत्र लिखा गया है। दिव्या केमिकल इंडस्ट्रीज संचालक के खाते में गलती से पैसे ट्रांसफर हो गए लेकिन अभी तक फर्म संचालक ने पैसे नहीं दिए और न ही ऐसा कोई समझौता होना, मामला उनके संज्ञान में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed