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जिला निगरानी समिति की बैठक में सांसद व विधायकों ने विकास परियोजनाओं पर अधिकारियों को घेरा

Fri, 01 Mar 2019 11:31 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2019 11:31 PM IST
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जिला निगरानी समिति की बैठक में सांसद व विधायकों ने विकास परियोजनाओं पर अधिकारियों को घेरा
जिला निगरानी समिति की बैठक में सांसद और विधायकों ने विकास परियोजनाओं पर अधिकारियों को घेरा
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला विकास एवं निगरानी समिति की बैठक शुक्रवार को लघु सचिवालय में हुई। जिसमें अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सांसदों और विधायकों ने उन्हें घेरा और जिले में हो रहे विकास कार्यों पर असंतोष जताया। इस दौरान जींद के अर्बन इस्टेट में इंटरलॉकिंग टाइल्स से बनी सड़कों पर खूब विवाद हुआ। सांसद दुष्यंत चौटाला और विधायक कृष्ण मिड्ढा ने अधिकारियों यह तक पूछ लिया कि यह आइडिया किसका था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि इसके लिए उस अधिकारी को सम्मानित किया जाना चाहिए। साथ ही विधायक ने कहा कि जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद को शहर के लोग रो रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहर के लोगों पर रहम करो। लोगों पर नहीं तो हमारे पर ही रहम करो।’ वहीं विकास कार्य नहीं होने पर जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला ने अधिकारियों पर विकास की राशि आने के बाद भी काम नहीं करवाने का आरोप लगाया।
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शुक्रवार को हुई मीटिंग में सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक, हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला, जींद के विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा और नरवाना के विधायक पिरथी नंबरदार मौजूद रहे। इस दौरान एजेंडा पर चर्चा शुरू हुई तो जिला परिषद के विकास कार्यों की समीक्षा शुरू हुई। इस पर चेयरपर्सन पदमा सिंगला ने कहा कि पिल्लूखेड़ा, कालवा, गांगोली सहित सफीदों ब्लॉक के काम अटके हुए हैं। अधिकारियों ने यह काम अटका रखे हैं। सिंगला ने कहा कि अधिकारी के पास जाने पर उल्टा मजाक उड़ाया जाता है। इस पर जिला परिषद के सीईओ एडीसी डॉ. मुनीष नागपाल ने कहा कि सभी काम किए जा रहे हैं। इसके बाद स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा हुई तो एडीसी ने कहा कि इसके लिए 20 लाख रुपये दिए गए हैं। इसके काम किए जाएं। इस पर जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया।
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सर, हंबल रिक्वेस्ट है काम शुरू करवा दो : चेयरपर्सन
इस दौरान जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला ने सांसद दुष्यंत चौटाला से कहा कि सर मेरी आपसे हंबल रिक्वेस्ट है कि अधिकारी काम नहीं कर रहे, इनको करड़ा कर दो। सिंगला ने कहा कि मैं महिला हूं, अगर मेरे कार्य राजनीति की वजह से रुकते हैं तो यह बहुत गलत हो रहा है। इस पर सांसद दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रकार की शिकायत असहनीय हैं और अधिकारी इसे जल्द शुरू करवाएं।
सांसद निधि कोष से खरीदा जिम का सामान नहीं लगाया
इस दौरान सांसद दुष्यंत चौटाला ने उचाना में बनने वाले ओपन जिम में सामान नहीं लगने पर कड़ा ऐतराज जताया। इस पर जिला खेल अधिकारी विनोद बाला ने कहा कि सामान खरीद लिया गया है । इसे इन स्टाल करने का काम पीडब्ल्यूडी का है। इस पर सांसद ने पूछा कि क्या आपने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) दी है तो जिला खेल अधिकारी से जवाब देते नहीं बना। उन्होंने कहा कि सोमवार को यूसी दे दी जाएगी। इस पर सांसद ने कहा कि सोमवार की छुट्टी है। आज ही यूसी साइन करवाई जाए, ताकि अगला काम शुरू हो सके। दुष्यंत ने कहा कि उन्होंने एक करोड़ 17 लाख रुपये की ग्रांट दी है। इसमें से एक करोड़ 14 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और एक करोड़ सात लाख रुपये के कार्यों की यूसी नहीं हुई है। सांसद ने कहा कि जिम पर साढ़े नौ लाख रुपये खर्च हुए हैं। इतने में तो दिल्ली की कंपनी यहां आकर सामान लगा देती।
विधायक बोले-सारा शहर उखाड़ दिया
विधायक मिड्ढा ने भी विकास कार्यों की धीमी रफ्तार व योजना नहीं होने पर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों से कहा कि अमृत योजना के तहत शुरू हुए बरसाती पानी की निकासी की परियोजना शुरू करने से पहले एनओसी क्यों नहीं ली। अब सारा शहर उखाड़ दिया और लोग दुखी हैं। पैचवर्क तक नहीं हो रहा। इस पर उन्होंने अधिकारियों से समाधान मांगा। विधायक ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सारा शहर जन स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद को रो रहा है। दोनों विभाग एक दूसरे पर काम की जिम्मेदारी टालते रहते हैं। दोनों विभागों ने लोगों की नाक में दम कर दिया है। इस दौरान सांसद दुष्यंत चौटाला व रमेश कौशिक ने मिनी बाईपास रोड की खस्ताहाल को भी ठीक करने के आदेश दिए।
जो गलियां पक्की हैं उन्हें उखाड़ कर दोबारा बना रहे हो
विधायक ने नगर परिषद के अधिकारियों से कहा कि जो सड़कें पहले से बनी हुई हैं उन्हें उखाड़ कर बना देते हो। कॉलोनियों में नई सड़कें क्यों नहीं बनाते। सभी को पता है कि ऐसा क्यों हो रहा है। मुझे कहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि रहम कर लो जींद के लोगों पर। लोगों पर नहीं तो हमारे पर।
शहर का बना दिया गांव, इंटरलॉकिंग टाइल्स पर बिफरे विधायक
विधायक ने नगर परिषद के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि शहर को गांव बना दिया है। गौरतलब है कि अर्बन इस्टेट में इंटरलॉकिंग टाइल्स से सभी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। दोनों सांसदों व विधायक ने काफी देर तक चर्चा की। दुष्यंत चौटाला ने पूछा कि यह किसका आइडिया था कि शहर की सड़कें इंटरलॉकिंग टाइल्स की बनाई जाएं। यहां उन्होंने चुटकी लेते हुए एक भाजपा नेता का नाम लिया और कहा कि कोई तो कहता है कि उनकी टाइल्स लग रही है। बाद में पत्रकारों से चौटाला ने कहा कि एक ओर सरकार भ्रष्टाचार मिटाने की बात कह रही है वहीं दूसरी ओर टाइल्स घोटाला खुल रहा है। इसका पता लगाया जाएगा। विधायक ने कहा कि कुछ दिनों में इन टाइल्स से वाहन फिसलने लगेंगे और दोपहिया वाहन चलाने वालों को चोट लगेगी। इस पर सांसद चौटाला ने कहा कि फिर नगर परिषद के खिलाफ केस दर्ज करवाना पड़ेगा। हालांकि पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने कहा कि जो काम चल रहे हैं, उनको नहीं रुकवाया जाएगा। भविष्य में इसका ध्यान रखा जाएगा। वहीं टाइल्सों की सड़कों पर जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला ने कहा कि इससे अफसरों की कमाई हो रही है।
फसल बीमा योजना की सर्वे रिपोर्ट मांगी
फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 976 नॉन लोनी किसानों को 2018 में बीमा हुआ है। इस पर चौटाला ने जब विवरण पूछा तो उन्हें बताया गया कि 2017 में खरीफ फसल की कुल 17753 शिकायतें आई थीं, जिनमें से 16870 मान्य हुई हैं, लेकिन अभी तक इन किसानों को राशि नहीं मिली है। चौटाला ने पूछा कि सर्वे कंपनी ने कितने लोगों को लगाए थे तो बताया कि हर ब्लॉक में तीन से चार लोगों से सर्वे करवाया गया है। चौटाला ने कहा कि जिले में यदि 30 लोगों ने सर्वे किया तो क्या 16 हजार लोगों का सर्वे किया जा सकता है। यह सब फर्जीवाड़ा है। इसकी विस्तृत डिटेल बनाकर मुझे ई मेल से भेजें। साथ ही विधायक ने भी कहा कि कुछ गांवों में सर्वे टीम गई ही नहीं। उन्होंने कुछ गांवों के नाम भी गिनाए।
नहीं पहुंचे तीन विधायक, एक सांसद
जिला के विकास की महत्वपूर्ण मीटिंग में सिरसा के सांसद चरणजीत सिंह रोड, जुलाना के विधायक परमेंद्र ढुल, उचाना से विधायक प्रेमलता और सफीदों से विधायक जसबीर देशवाल नहीं पहुंचे। ऐसे में इनके हलकों के विकास कार्यों पर चर्चा भी नहीं हो पाई। हालांकि नरवाना के विधायक पिरथी नंबरदार के मीटिंग में रहने से नरवाना के कुछ कामों की समीक्षा हुई।
इतनी तो हम भी नहीं कहते
मीटिंग के दौरान जब अमृत योजना की समीक्षा हो रही थी तो एक महिला ने खड़े होकर अधिकारियों को खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। इस पर जब उनका परिचय पूछा गया तो उन्होंने खुद को समाजसेवी सुशीला मलिक बताया। इस पर चौटाला ने उन्हें बैठने के लिए कहा और बताया कि यह मीटिंग उनके लिए नहीं है। अधिकारियों को इतना तो वे भी नहीं कहते।

समीक्षा मीटिंग में सभी कामों की जानकारी ली गई है। कुछ काम जो शुरू नहीं हुए हैं, उनको जल्द शुरू करने के आदेश दिए हैं। जो काम शुरू हो चुके हैं, उनमें तेजी लाई जाएगी। सभी अधिकारियों को कामों में तेजी लाने को कहा गया है। डीसी आदित्य दहिया खुद इन कामों को देखेंगे।
रमेश कौशिक सांसद, सोनीपत।
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