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इनेलो की हताशा व चुनावी हार को दिखा रहे हैं आरोप
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इनेलो की हताशा व चुनावी हार को दिखा रहे हैं आरोप :दुष्यंत
जींद। इनेलो द्वारा जेजेपी और आप पर इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला की फरलो रद्द करवाने के आरोपों पर जेजेपी नेता सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इनेलो का बेबुनियाद आरोप उनकी हताशा और जींद उपचुनाव में तय हो चुकी हार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि वे इतने ताकतवर होते तो डॉ. अजय सिंह चौटाला को दोबारा छुट्टी पर ले आते। किसी की फरलो वे कैसे रुकवा सकते हैं। यह तो पूरी तरह दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में है। तीन महीने से अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे इस दल को यह हजम नहीं हो रहा कि जेजेपी जींद उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल करने जा रही है। उन्होंने कहा कि जेजेपी को जींद के जरूरी मुद्दों से भटकाने की ऐसी कोशिशों पर ध्यान नहीं देगी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दादा ओमप्रकाश चौटाला को इस शर्त के साथ फरलो मंजूर हुई कि वे कोई राजनीतिक गतिविधि या चुनाव प्रचार हरगिज नहीं करेंगे। संभव है इस शर्त को देखते हुए उन लोगों ने खुद ही छुट्टी रद्द करवा दी हो, क्योंकि खबरें तो ये छपवाई जा रही थी कि वे प्रचार करने जींद आएंगे। शर्त वाली फरलो मिलने का आदेश तो मीडिया में है लेकिन रद्द होने का आदेश कहीं नहीं है। इससे तो यही लगता है कि फरलो रद्द हुई नहीं, खुद करवाई गई है। खैर, जींद की जनता दिग्विजय चौटाला व जेजेपी को अपना चुकी है। जेजेपी यह चुनाव सकारात्मक नजरिए से लड़ रही है, बल्कि हरियाणा में ऐसी ही राजनीति को स्थापित करने जा रही है।
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जींद। इनेलो द्वारा जेजेपी और आप पर इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला की फरलो रद्द करवाने के आरोपों पर जेजेपी नेता सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इनेलो का बेबुनियाद आरोप उनकी हताशा और जींद उपचुनाव में तय हो चुकी हार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि वे इतने ताकतवर होते तो डॉ. अजय सिंह चौटाला को दोबारा छुट्टी पर ले आते। किसी की फरलो वे कैसे रुकवा सकते हैं। यह तो पूरी तरह दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में है। तीन महीने से अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे इस दल को यह हजम नहीं हो रहा कि जेजेपी जींद उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल करने जा रही है। उन्होंने कहा कि जेजेपी को जींद के जरूरी मुद्दों से भटकाने की ऐसी कोशिशों पर ध्यान नहीं देगी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दादा ओमप्रकाश चौटाला को इस शर्त के साथ फरलो मंजूर हुई कि वे कोई राजनीतिक गतिविधि या चुनाव प्रचार हरगिज नहीं करेंगे। संभव है इस शर्त को देखते हुए उन लोगों ने खुद ही छुट्टी रद्द करवा दी हो, क्योंकि खबरें तो ये छपवाई जा रही थी कि वे प्रचार करने जींद आएंगे। शर्त वाली फरलो मिलने का आदेश तो मीडिया में है लेकिन रद्द होने का आदेश कहीं नहीं है। इससे तो यही लगता है कि फरलो रद्द हुई नहीं, खुद करवाई गई है। खैर, जींद की जनता दिग्विजय चौटाला व जेजेपी को अपना चुकी है। जेजेपी यह चुनाव सकारात्मक नजरिए से लड़ रही है, बल्कि हरियाणा में ऐसी ही राजनीति को स्थापित करने जा रही है।