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--अब स्कूल बस में होगा आपका सफर, प्रशासन ने हायर की 50 बस, चलेंगी लोकल रूट पर, होमगार्ड संभालेंगे परिचालक की कमान
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:50 PM IST
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अब स्कूल बसों में होगा सफर, प्रशासन ने हायर कीं 50 बसें
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। निजी बस ऑपरेटर्स को परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। ऐसे में लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने जिलाभर में 50 स्कूल बसों को हायर की है। इन बसों में होमगार्ड के जवान परिचालन की कमान संभालेंगे। इसके लिए प्रक्रिया वीरवार शाम से शुरू हो गई। हालांकि शाम को प्रशासन के पास सूचना आई कि नरवाना में किसी अधिकारी ने शाम को स्कूल बस लेने से मना कर दिया। इस पर महाप्रबंधक ने उन्हें फोन पर सभी स्कूल बसों को बस स्टैंड के अंदर खड़ी करवाने के आदेश दिए।
दूसरी तरफ सरकार की सख्ती के चलते वीरवार को करीब 100 कर्मचारी काम पर लौट आए और विरोध करने वाले यूनियन नेता गिरफ्तारी के भय से बस स्टैंड ही नहीं पहुंचे। वीरवार को बस स्टैंड से रोडवेज की 15 बसें चलीं। जिन रूट पर ये बसें चलती हैं उस रूट के तीन चालक व एक परिचालक ही तैनात किए गए। अन्य बसों पर दूसरी ड्यूटी पर तैनात चालकों को भेजा गया। यह बस वर्कशॉप से निकलकर रूट पर तो गईं, लेकिन चालकों ने इन्हें बीच रास्ते में ही खड़ी कर दिया। सरकार के आदेश आने के बाद शाम के समय प्रशासन ने स्कूल बसें हायर की। जिले में कुल 50 स्कूल बसें हायर की गई हैं। इनमें से 30 बस जींद डिपो में व दस-दस बस नरवाना व सफीदों में चलेंगी। हड़ताल के चलते तीसरे दिन भी यात्री बेहाल रहे। दशहरा पर्व के चलते अधिक संख्या में यात्री निकले, लेकिन उन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के तीसरे दिन सुबह विरोध करने के लिए रोडवेज यूनियन नेता व कार्यकर्ता नहीं पहुंचे। दरअसल पुलिस ने 16 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। गिरफ्तारी के भय से कर्मचारी बस स्टैंड नहीं पहुंचे। इस पर रोडवेज प्रबंधन ने उन चालकों का सहारा लिया, जो रूट पर नहीं चल कर डीजल पंप, यार्ड, वर्कशॉप में ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे 12 चालकों और तीन रूट पर चलने वाले चालकों की मदद से 15 बसों को बस स्टैंड से निकाला गया, लेकिन यह बसें भी यात्रियों को नहीं ढो पाईं। वीरवार को महज एक परिचालक ने ही ड्यूटी की। हालांकि रोडवेज महाप्रबंधक का दावा है कि 26 बसें रूट पर चलीं। प्रशासन द्वारा चलाई गई बसें चालकों द्वारा बीच रास्ते ही रोक दी गईं। इससे यात्रियों को कोई लाभ नहीं हुआ है। हालांकि भिवानी व रोहतक डिपो की कुछ बस जरूरत जींद तक फेरे लगाती नजर आई।
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तीन दिन मे 48 लाख रुपये का नुकसान
रोडवेज अधिकारियों की माने तो तीन दिन में रोडवेज को करीब 48 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जींद डिपो की बस प्रतिदिन करीब 22 हजार यात्रियों को ढोती हैं। बसें करीब एक लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं।
रोडवेज में भर्ती की अफवाह से रात को ही बस स्टैंड पर पहुंचे युवा, दिन भर लगा रहा जमावड़ा
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के बीच नए कर्मचारियों की भर्ती की अफवाह पर बुधवार रात को सैकड़ों युवा आवेदन करने के लिए रोडवेज कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों के बार-बार कहने के बावजूद युवा नहीं जा रहे थे। ऐसे में पुलिस ने युवाओं को बस स्टैंड से बाहर कर दिया। सुबह दिन निकलते ही फिर से बस स्टैंड पर युवाओं का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया। दिनभर युवा भटकते रहे, लेकिन शाम तक भी यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। आवेदन करने के लिए दिनभर फोटो स्टेट की दुकानों पर भी युवाओं की भीड़ लगी रही।
सरपंचों ने किया कर्मचारियों का समर्थन
नरवाना। तीसरे दिन भी नरवाना में रोडवेज का चक्का जाम रहा। नरवाना के सरपंचों ने कर्मचारियों का समर्थन किया। सरपंच एसोसिएशन के उझाना ब्लॉक के प्रधान देवेंद्र मंटा व नरवाना ब्लॉक के प्रधान सुखदेव सैंथली ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की मांगें मानकर विभाग में दस हजार नई बसों को शामिल कर 70 हजार बेरोजगार युवकों को रोजगार देना चाहिए।
सरकार जनता की परेशानी समझे : बोहतवाला
पूर्व जिला पार्षद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रकाश बोहतवाला ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि हड़ताल से हर रोज लाखों लोग परेशान हो रहे हैं। सरकार को जनता की परेशानी को समझ रोडवेज कर्मचारियों की मांग मानते हुए रोडवेज के बेड़े में किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को शामिल करने का फैसला रद करना चाहिए। रोडवेज के बेड़े में सरकारी बसें शामिल कर जनता को बेहतर परिवहन सुविधा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में शिक्षक
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने बैठक कर रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। जिला प्रधान साधु राम व राज्य ऑडिटर वेदपाल रिढ़ाल ने कहा कि सरकार हड़ताली कर्मचारियों के साथ बातचीत से समस्याओं का समाधान करने की जगह दमन चक्र चलाए हुए है। हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारियां करना सरकार के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ मांग करता है कि निजी परमिट देने का जो फैसला सरकार ने किया है उसे तुरंत वापस लिया जाए। इस अवसर पर भूप सिंह वर्मा, मामराज जांगड़ा, प्रमोद गौतम, जितेंद्र जागलान, रोहताश सरोहा, रोहताश आसन और निर्मला देवी मौजूद रही।
सोशल मीडिया से मिला रोडवेज में भर्ती का संदेश
हैबतपुर निवासी सोमबीर सिहाग ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली थी कि रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के चलते रोडवेज विभाग में चालक और परिचालक की भर्ती होनी है। वह स्नातक पास हैं और उसके पास परिचालक का लाइसेंस भी है। बेरोजगारी के चलते उसे रोडवेज में नौकरी की उम्मीद थी। नौकरी पाने के लिए वह बुधवार रात को ही अपने दस्तावेज लेकर पहुंचा था। यहां पर न कोई आवेदन लेने वाला है और न कोई जानकारी देने वाला।
दुकान से छुट्टी लेकर पहुंचा
भुराण निवासी संदीप कुंडू ने कहा कि वह बिजली का काम करता है। दुकान से नौकरी की उम्मीद में छुट्टी लेकर आया है। उसके पास परिचालक का लाइसेंस है। समाचारों और सोशल मीडिया के माध्यम से रोडवेज में भर्ती चलने की जानकारी मिली। यहां पर आकर देखा तो हजारों युवा दस्तावेजों समेत नौकरी की आस में आए हैं, लेकिन यहां पर पता चला कि न कोई दस्तावेज जमा हो रहे और न किसी प्रकार की भर्ती होने का नोटिस लगा। नौकरी के चक्कर में दिनभर भटकना पड़ा।
वीरवार को रोडवेज की 26 बसें चलाई गई हैं। कल से सेवा नियमित करने के लिए स्कूल बसों को हायर किया गया है। इनको जींद से अंतर जिला सेवा में चलाया जाएगा। जींद से बस गोहाना, बरवाला, पानीपत, रोहतक, हांसी, कैथल, असंध तक जाएंगी। आगे से दूसरे जिलों की व्यवस्था शुरू होगी। इन बसों पर होमगार्ड के जवान परिचालक का काम संभालेंगे।
आरएस पूनिया, महाप्रबंधक, जींद डिपो।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। निजी बस ऑपरेटर्स को परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। ऐसे में लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने जिलाभर में 50 स्कूल बसों को हायर की है। इन बसों में होमगार्ड के जवान परिचालन की कमान संभालेंगे। इसके लिए प्रक्रिया वीरवार शाम से शुरू हो गई। हालांकि शाम को प्रशासन के पास सूचना आई कि नरवाना में किसी अधिकारी ने शाम को स्कूल बस लेने से मना कर दिया। इस पर महाप्रबंधक ने उन्हें फोन पर सभी स्कूल बसों को बस स्टैंड के अंदर खड़ी करवाने के आदेश दिए।
दूसरी तरफ सरकार की सख्ती के चलते वीरवार को करीब 100 कर्मचारी काम पर लौट आए और विरोध करने वाले यूनियन नेता गिरफ्तारी के भय से बस स्टैंड ही नहीं पहुंचे। वीरवार को बस स्टैंड से रोडवेज की 15 बसें चलीं। जिन रूट पर ये बसें चलती हैं उस रूट के तीन चालक व एक परिचालक ही तैनात किए गए। अन्य बसों पर दूसरी ड्यूटी पर तैनात चालकों को भेजा गया। यह बस वर्कशॉप से निकलकर रूट पर तो गईं, लेकिन चालकों ने इन्हें बीच रास्ते में ही खड़ी कर दिया। सरकार के आदेश आने के बाद शाम के समय प्रशासन ने स्कूल बसें हायर की। जिले में कुल 50 स्कूल बसें हायर की गई हैं। इनमें से 30 बस जींद डिपो में व दस-दस बस नरवाना व सफीदों में चलेंगी। हड़ताल के चलते तीसरे दिन भी यात्री बेहाल रहे। दशहरा पर्व के चलते अधिक संख्या में यात्री निकले, लेकिन उन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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हड़ताल के तीसरे दिन सुबह विरोध करने के लिए रोडवेज यूनियन नेता व कार्यकर्ता नहीं पहुंचे। दरअसल पुलिस ने 16 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। गिरफ्तारी के भय से कर्मचारी बस स्टैंड नहीं पहुंचे। इस पर रोडवेज प्रबंधन ने उन चालकों का सहारा लिया, जो रूट पर नहीं चल कर डीजल पंप, यार्ड, वर्कशॉप में ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे 12 चालकों और तीन रूट पर चलने वाले चालकों की मदद से 15 बसों को बस स्टैंड से निकाला गया, लेकिन यह बसें भी यात्रियों को नहीं ढो पाईं। वीरवार को महज एक परिचालक ने ही ड्यूटी की। हालांकि रोडवेज महाप्रबंधक का दावा है कि 26 बसें रूट पर चलीं। प्रशासन द्वारा चलाई गई बसें चालकों द्वारा बीच रास्ते ही रोक दी गईं। इससे यात्रियों को कोई लाभ नहीं हुआ है। हालांकि भिवानी व रोहतक डिपो की कुछ बस जरूरत जींद तक फेरे लगाती नजर आई।
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तीन दिन मे 48 लाख रुपये का नुकसान
रोडवेज अधिकारियों की माने तो तीन दिन में रोडवेज को करीब 48 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जींद डिपो की बस प्रतिदिन करीब 22 हजार यात्रियों को ढोती हैं। बसें करीब एक लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं।
रोडवेज में भर्ती की अफवाह से रात को ही बस स्टैंड पर पहुंचे युवा, दिन भर लगा रहा जमावड़ा
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के बीच नए कर्मचारियों की भर्ती की अफवाह पर बुधवार रात को सैकड़ों युवा आवेदन करने के लिए रोडवेज कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों के बार-बार कहने के बावजूद युवा नहीं जा रहे थे। ऐसे में पुलिस ने युवाओं को बस स्टैंड से बाहर कर दिया। सुबह दिन निकलते ही फिर से बस स्टैंड पर युवाओं का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया। दिनभर युवा भटकते रहे, लेकिन शाम तक भी यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। आवेदन करने के लिए दिनभर फोटो स्टेट की दुकानों पर भी युवाओं की भीड़ लगी रही।
सरपंचों ने किया कर्मचारियों का समर्थन
नरवाना। तीसरे दिन भी नरवाना में रोडवेज का चक्का जाम रहा। नरवाना के सरपंचों ने कर्मचारियों का समर्थन किया। सरपंच एसोसिएशन के उझाना ब्लॉक के प्रधान देवेंद्र मंटा व नरवाना ब्लॉक के प्रधान सुखदेव सैंथली ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की मांगें मानकर विभाग में दस हजार नई बसों को शामिल कर 70 हजार बेरोजगार युवकों को रोजगार देना चाहिए।
सरकार जनता की परेशानी समझे : बोहतवाला
पूर्व जिला पार्षद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रकाश बोहतवाला ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि हड़ताल से हर रोज लाखों लोग परेशान हो रहे हैं। सरकार को जनता की परेशानी को समझ रोडवेज कर्मचारियों की मांग मानते हुए रोडवेज के बेड़े में किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को शामिल करने का फैसला रद करना चाहिए। रोडवेज के बेड़े में सरकारी बसें शामिल कर जनता को बेहतर परिवहन सुविधा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में शिक्षक
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने बैठक कर रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। जिला प्रधान साधु राम व राज्य ऑडिटर वेदपाल रिढ़ाल ने कहा कि सरकार हड़ताली कर्मचारियों के साथ बातचीत से समस्याओं का समाधान करने की जगह दमन चक्र चलाए हुए है। हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारियां करना सरकार के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ मांग करता है कि निजी परमिट देने का जो फैसला सरकार ने किया है उसे तुरंत वापस लिया जाए। इस अवसर पर भूप सिंह वर्मा, मामराज जांगड़ा, प्रमोद गौतम, जितेंद्र जागलान, रोहताश सरोहा, रोहताश आसन और निर्मला देवी मौजूद रही।
सोशल मीडिया से मिला रोडवेज में भर्ती का संदेश
हैबतपुर निवासी सोमबीर सिहाग ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली थी कि रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के चलते रोडवेज विभाग में चालक और परिचालक की भर्ती होनी है। वह स्नातक पास हैं और उसके पास परिचालक का लाइसेंस भी है। बेरोजगारी के चलते उसे रोडवेज में नौकरी की उम्मीद थी। नौकरी पाने के लिए वह बुधवार रात को ही अपने दस्तावेज लेकर पहुंचा था। यहां पर न कोई आवेदन लेने वाला है और न कोई जानकारी देने वाला।
दुकान से छुट्टी लेकर पहुंचा
भुराण निवासी संदीप कुंडू ने कहा कि वह बिजली का काम करता है। दुकान से नौकरी की उम्मीद में छुट्टी लेकर आया है। उसके पास परिचालक का लाइसेंस है। समाचारों और सोशल मीडिया के माध्यम से रोडवेज में भर्ती चलने की जानकारी मिली। यहां पर आकर देखा तो हजारों युवा दस्तावेजों समेत नौकरी की आस में आए हैं, लेकिन यहां पर पता चला कि न कोई दस्तावेज जमा हो रहे और न किसी प्रकार की भर्ती होने का नोटिस लगा। नौकरी के चक्कर में दिनभर भटकना पड़ा।
वीरवार को रोडवेज की 26 बसें चलाई गई हैं। कल से सेवा नियमित करने के लिए स्कूल बसों को हायर किया गया है। इनको जींद से अंतर जिला सेवा में चलाया जाएगा। जींद से बस गोहाना, बरवाला, पानीपत, रोहतक, हांसी, कैथल, असंध तक जाएंगी। आगे से दूसरे जिलों की व्यवस्था शुरू होगी। इन बसों पर होमगार्ड के जवान परिचालक का काम संभालेंगे।
आरएस पूनिया, महाप्रबंधक, जींद डिपो।