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कालवा का बसंत कुंडू बना सेना में लेफ्टिनेंट, गांव में खुशी का माहौल
Updated Mon, 11 Jun 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पिल्लूखेड़ा। कालवा गांव के बेटे बसंत कुंडू का सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयन होने से गांव में खुशी का माहौल है। 22 वर्षीय बसंत कुंडू कालवा गांव के रमेश कुंडू का बेटा और इनेलो नेता तेजबीर कुंडू का भतीजा है। शनिवार को देहरादून में हुई पासिंग आउट परेड के दौरान बसंत कुंडू के माता-पिता ने भी मौजूद रहे और लेफ्टिनेंट बसंत कुंडू के कंधों पर स्टार लगाए। बसंत ने दसवीं और बारहवीं करनाल के एसडी आदर्श पब्लिक स्कूल व दिल्ली से नॉन मेडिकल से बीएसई की है। बसंत के पिता रमेश कुंडू ने भी 16 वर्ष सेना में रहकर देश सेवा की और अब गुुुुरुग्राम में जेल वार्डन के पद पर नियुक्त हैं। बसंत की एक बड़ी बहन है जो एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर है। चाचा तेजबीर कुंडू ने बताया कि बसंत ने कड़ी मेहनत से सेना में जाने का सपना संजोया था और कामयाबी मिली। वह बचपन से ही सेना में अफसर बनना चाहता था। बसंत कुंडू ने इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता और दादा-दादी को दिया है। बंसत के दादा धूप सिंह कुंडू और दादी दर्शो देवी ने कहा कि उसके पोते ने लेफ्टिनेंट बनकर कालवा गांव का नाम रोशन कर दिया है।
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पिल्लूखेड़ा। कालवा गांव के बेटे बसंत कुंडू का सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयन होने से गांव में खुशी का माहौल है। 22 वर्षीय बसंत कुंडू कालवा गांव के रमेश कुंडू का बेटा और इनेलो नेता तेजबीर कुंडू का भतीजा है। शनिवार को देहरादून में हुई पासिंग आउट परेड के दौरान बसंत कुंडू के माता-पिता ने भी मौजूद रहे और लेफ्टिनेंट बसंत कुंडू के कंधों पर स्टार लगाए। बसंत ने दसवीं और बारहवीं करनाल के एसडी आदर्श पब्लिक स्कूल व दिल्ली से नॉन मेडिकल से बीएसई की है। बसंत के पिता रमेश कुंडू ने भी 16 वर्ष सेना में रहकर देश सेवा की और अब गुुुुरुग्राम में जेल वार्डन के पद पर नियुक्त हैं। बसंत की एक बड़ी बहन है जो एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर है। चाचा तेजबीर कुंडू ने बताया कि बसंत ने कड़ी मेहनत से सेना में जाने का सपना संजोया था और कामयाबी मिली। वह बचपन से ही सेना में अफसर बनना चाहता था। बसंत कुंडू ने इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता और दादा-दादी को दिया है। बंसत के दादा धूप सिंह कुंडू और दादी दर्शो देवी ने कहा कि उसके पोते ने लेफ्टिनेंट बनकर कालवा गांव का नाम रोशन कर दिया है।