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जीएसटी के बाद बाजार की चाल सुस्त
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
देश भर में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद सोमवार को पूरी तरह बाजार खुले। हालांकि बाजार में अधिकतर वस्तुओं की कीमतों में कोई अंतर नहीं है, लेकिन बड़े व्यापारियों को माल नहीं मिल रहा। ऐसे में कामकाज प्रभावित हो रहा है। हालांकि जींद की मार्केट में फिलहाल किसी भी वस्तु की कम नहीं है। जीएसटी के बाद शनिवार को बाजार खुले, लेकिन बाजार बहुत मंदे रहे। रविवार को छुट्टी होने के कारण कारोबार नहीं हुआ। ऐसे में हर किसी की नजर सोमवार पर ही लगी थी। शहर के व्यस्ततम जनता और इंदिरा बाजार में हालांकि अन्य दिनों के मुकाबले ग्राहक कम रहे। बाजार सुस्त रफ्तार से चल रहा है। नई बिल बुक नहीं होने और व्यवस्था की सही जानकारी नहीं होने से अभी व्यापारी पुराने तरीके से ही काम कर रहे हैं।
वीटा के बाद लक्ष्य ने भी घी के बढ़ाए दाम
जीएसटी लगने से वीटा के साथ लक्ष्य ने भी घी के दाम बढ़ा दिए हैं। दोनों ही निर्माताओं ने प्रति किलोग्राम 30 रुपये दाम बढ़ाए हैं। वहीं अन्य ब्रांड में 10 रुपये प्रति किलोग्राम तक रेट बढ़े हैं। इसके अलावा चीनी में भी प्रति किलोग्राम एक रुपये का इजाफा हुआ है।
वस्तु कोड से सहमे व्यापारी
नए नियमों में हर वस्तु को एक कोड देने की व्यवस्था की गई है। थोक किराना व्यापारी की दुकान में सैकड़ों वस्तुएं हैं। इन सभी को याद रखना बहुत मुश्किल है। व्यापारियों को परेशानी तो आएगी। -राजकुमार, किराना व्यापारी
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समझ रहे हैं व्यवस्था
नई व्यवस्था को समझा जा रहा है। जीएसटी नंबर ले लिया है और अब इसके अनुसार ही काम किया जाएगा। शुरू में कुछ दिक्कत आती हैं, ऐसे में व्यापारी परेशान तो है, लेकिन धीरे-धीर बाजार सामान्य स्थिति में आ जाएगा। -संजय कुमार, किराना व्यापारी।
बिना जीएसटी नंबर के नहीं मिल रहा माल
बिना जीएसटी नंबर के माल नहीं मिल रहा है। अधिकतर कपड़ा कारोबारियों ने जीएसटी नंबर नहीं लिया है। ऐसे में पुराने माले के सहारे ही काम चल रहा है। -राजेश, कपड़ा व्यापारी
व्यापारियों की मदद के लिए होगा सेमिनार
नई व्यवस्था में काम करने में कई दिक्कत आती हैं। व्यापारियों की मदद के लिए अधिकारी हर वक्त तैयार हैं। अभी खास मुहिम चला कर सेमिनार किए जाएंगे। इसमें व्यापारियों को आ रही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। -सुरेंद्र कुमार, डीटीसी
जीएसटी के बाद बाजार की चाल सुस्त
बड़े व्यापारियों को माल मिलने में हो रही दिक्कत
, पुराने तरीके से ही चल रहा कारोबार
जींद।
देश भर में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद सोमवार को पूरी तरह बाजार खुले। हालांकि बाजार में अधिकतर वस्तुओं की कीमतों में कोई अंतर नहीं है, लेकिन बड़े व्यापारियों को माल नहीं मिल रहा। ऐसे में कामकाज प्रभावित हो रहा है। हालांकि जींद की मार्केट में फिलहाल किसी भी वस्तु की कम नहीं है। जीएसटी के बाद शनिवार को बाजार खुले, लेकिन बाजार बहुत मंदे रहे। रविवार को छुट्टी होने के कारण कारोबार नहीं हुआ। ऐसे में हर किसी की नजर सोमवार पर ही लगी थी। शहर के व्यस्ततम जनता और इंदिरा बाजार में हालांकि अन्य दिनों के मुकाबले ग्राहक कम रहे। बाजार सुस्त रफ्तार से चल रहा है। नई बिल बुक नहीं होने और व्यवस्था की सही जानकारी नहीं होने से अभी व्यापारी पुराने तरीके से ही काम कर रहे हैं।
वीटा के बाद लक्ष्य ने भी घी के बढ़ाए दाम
जीएसटी लगने से वीटा के साथ लक्ष्य ने भी घी के दाम बढ़ा दिए हैं। दोनों ही निर्माताओं ने प्रति किलोग्राम 30 रुपये दाम बढ़ाए हैं। वहीं अन्य ब्रांड में 10 रुपये प्रति किलोग्राम तक रेट बढ़े हैं। इसके अलावा चीनी में भी प्रति किलोग्राम एक रुपये का इजाफा हुआ है।
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वस्तु कोड से सहमे व्यापारी
नए नियमों में हर वस्तु को एक कोड देने की व्यवस्था की गई है। थोक किराना व्यापारी की दुकान में सैकड़ों वस्तुएं हैं। इन सभी को याद रखना बहुत मुश्किल है। व्यापारियों को परेशानी तो आएगी। -राजकुमार, किराना व्यापारी
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समझ रहे हैं व्यवस्था
नई व्यवस्था को समझा जा रहा है। जीएसटी नंबर ले लिया है और अब इसके अनुसार ही काम किया जाएगा। शुरू में कुछ दिक्कत आती हैं, ऐसे में व्यापारी परेशान तो है, लेकिन धीरे-धीर बाजार सामान्य स्थिति में आ जाएगा। -संजय कुमार, किराना व्यापारी।
बिना जीएसटी नंबर के नहीं मिल रहा माल
बिना जीएसटी नंबर के माल नहीं मिल रहा है। अधिकतर कपड़ा कारोबारियों ने जीएसटी नंबर नहीं लिया है। ऐसे में पुराने माले के सहारे ही काम चल रहा है। -राजेश, कपड़ा व्यापारी
व्यापारियों की मदद के लिए होगा सेमिनार
नई व्यवस्था में काम करने में कई दिक्कत आती हैं। व्यापारियों की मदद के लिए अधिकारी हर वक्त तैयार हैं। अभी खास मुहिम चला कर सेमिनार किए जाएंगे। इसमें व्यापारियों को आ रही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। -सुरेंद्र कुमार, डीटीसी
जीएसटी के बाद बाजार की चाल सुस्त
बड़े व्यापारियों को माल मिलने में हो रही दिक्कत
, पुराने तरीके से ही चल रहा कारोबार