फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   208 lives lost in a year, still unaware of the rules

सड़क पर लापरवाही आए दिन छिन रही हसंते खेलते परिवारों की खुशियां

Sun, 29 May 2022 01:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 01:12 AM IST
विज्ञापन
208 lives lost in a year, still unaware of the rules
जींद। सड़क हादसे रोकने को तमाम कोशिशें हो रही हैं। कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी न तो हादसे रोकने को सरकारी तौर पर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं और न ही लोग यातायात नियमों का गंभीरता से पालन कर रहे हैं। वाहन पर ट्रिपल राईडिंग खूब हो रही है। हेलमेट लगाना अभी भी लोगों की आदत में शुमार नहीं हुआ है। इन सबका नतीजा है कि वर्ष 2021 में 347 सड़क हादसों में 208 लोग जान गवा चुके हैं।
विज्ञापन

सड़क पर लापरवाही के चलते हर दिन हंसते खेलते परिवारों की खुशियां छिन रही हैं। प्रतिदिन होने वाले हादसों को देखने के बाद भी वाहन चालक सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी कर अपनी तथा दूसरों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। जिसके चलते आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में घरों के चिराग बुझ रहे हैं। बीते माह 12 से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। जिले में इस वर्ष अब तक 140 दुर्घटनाओं में 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इसमें 150 लोग घायल हुए हैं।
विज्ञापन

सड़क हादसे रोकने के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जाते हैं। कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम चलते हैं, लेकिन इन पर लोगों के अमल न करने की वजह से सड़क हादसे हो रहे हैं जिनसे जिले की सड़के खून से लाल हो रही हैं। सड़कों की हालत खस्ता है। हाइवे भी क्षतिग्रस्त हैं। ये भी हादसों की एक वजह है लेकिन लोकनिर्माण विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं है। हादसे रोकने के लिए जिले की सड़कों पर संकेतांक भी नहीं लगाए जा रहे हैं। ब्लैक स्पॉट पर भी सही ढंग से काम नहीं हो रहा है इस कारण हादसों की संख्या बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीच सड़क पर वाहन रोककर उतारते हैं सवारियां
बस संचालक भी कहीं भी वाहनों को रोककर यात्रियों को उतारना शुरू कर देते हैं। इस कारण सड़क पर हादसों की संभावना रहती हैं, लेकिन इस पर कोई काम नहीं हो रहा। प्राइवेट ही नहीं रोडवेज बस चालक भी ऐसा कर रहे हैं, लेकिन तमाम कार्यशालाओं के बाद किसी पर कोई असर नहीं हो रहा ।
वर्ष 2021 में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा
सड़क दुर्घटनाएं 347
मौत 208
घायल 235
गिरफ्तारी 269
इस साल अब तक हुए हादसे
दुर्घटनाएं 140
मृत्यु 65
घायल 150
गिरफ्तारी 70
बाक्स
हर महीने होती है बैठक
हर महीने डीसी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करवाने के लिए निर्देश देते हैं। इनमें टूटी सड़कों की मरम्मत के अलावा ब्लैक स्पॉट पर प्रभावी काम करने को कहा जाता है लेकिन इसके बाद भी हादसों में प्रभावी अंकुश नहीं लगता।
बॉक्स
परिवार के सात लोगों की जा चुकी है जान
24 मई को परिवार के मुखिया की हरिद्वार में अस्थि विसर्जित कर लौट रहे एक परिवार के सात लोगों की गाड़ी चालक को नींद आने के कारण हुए हादसे में मौत हो गई थी, जबकि 16 लोग घायल हो गए थे।

वर्जन
जिले में सड़क हादसे रोकने को दुर्घटना संभावित 30 क्षेत्रों की पहचान की गई हैं। हादसे रोकने को पूरी कोशिश हो रही है। साइन बोर्ड के साथ ये भी अंकित किया जा रहा है कि किस स्थान पर कितनी दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोग भी यातायात के नियमों का पालन करें। हेलमेट लगाकर सफर करें और ट्रिपल राईडिंग न करें।
प्रतीक हुड्डा, जिला परिवहन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed