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महिला आयोग की टीम पहुंची जींद, आयोग की सदस्य सुमन बेदी बोली 10 से 15 प्रतिशत महिला उत्पीडन के मामले मिलते हैं फर्जी
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महिला उत्पीड़ने के 10 से 15 फीसदी मामले होते हैं फर्जी : सुमन बेदी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एक मामले की जांच करने के लिए वीरवार को जींद पहुंची महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने कहा कि महिलाओं पर किसी भी सूरत में अत्याचार सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने माना कि 10 से 15 प्रतिशत महिला उत्पीड़न के मामले फर्जी पाए जाते हैं। इन मामलों में दूसरे विवाद के चलते परिवार के लोग महिलाओं को ढाल के रूप में प्रयोग करते हैं।
वीरवार को महिला आयोग की टीम सदर थाना क्षेत्र निवासी एक युवती द्वारा की गई दुष्कर्म की शिकायत के मामले की जांच करने पहुंची थी। इस मामले में पिछले साल अगस्त में महिला ने पुलिस को शिकायत देकर एक युवक पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती ने अपनी मर्जी से युवक के साथ शादी की थी और करीब तीन महीने वे लोग साथ भी रहे। इस पर पुलिस ने यह केस रद्द कर दिया था। इस पर युवती के परिजनों ने मामले की शिकायत महिला आयोग में की थी। सुमन बेदी ने बताया कि जांच में केस रद्द करना सही पाया गया है। उन्होंने कहा कि अब आयोग यह पता लगाए कि युवती ने किसके दबाव में या किन कारणों से झूठा केस दर्ज करवाया। इसके बाद जो भी आरोपी होगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
महिला अपराध में आई है कमी
बेदी ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचारों के मामलों में खासी कमी आई है जो दर्शाता है कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति तेजी से सकारात्मक सोच विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि महिला एवं पुरूष दोनों एक-दूसरे के पूरक होते हैं।
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चिकित्सकों की कमी को सरकार के समक्ष उठाएगा महिला आयोग
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बेशक हरियाणा प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है, इसको लेकर महिला आयोग भी सरकार के समक्ष इस मामले को उठाएगा। गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व महिला आयोग की टीम ने जींद के नागरिक अस्पताल में महिला वार्ड का निरीक्षण किया था। उस समय चिकित्सकों की कमी के चलते महिलाओं ने काफी शिकायत की थी।
महिला आयोग की सदस्या ने किया महिला थाने का निरीक्षण
सुमन बेदी ने वीरवार को महिला थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने में महिलाओं से संबंधित दर्ज केसों की जांच की। सुमन बेदी ने बताया कि कुछ महिलाओं से उन्हें महिला शैल के बारे में मौखिक शिकायतें मिली हैं। इसके लिए अधिकारियों को चेताया गया है।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप, मुख्यमंत्री से मुलाकात की फरियाद
जिस समय महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी पत्रकारों से बातचीत कर रही थी, तभी सच्चा खेड़ा गांव निवासी रणधीर यहां पहुंच गए और उन्होंने अपनी शिकायत दी। इस पर बेदी ने कहा कि वे सिर्फ महिलाओं के मामलों की सुनवाई करती हैं, यह प्रॉपर्टी का मामला है। इस पर रणधीर सिंह ने कहा कि दो साल से उनके प्लाट पर कब्जा है और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। ऐसे में उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मनोहर लाल से करवाई जाए। इस पर सुमन बेदी ने कहा कि इसके लिए वे मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एक मामले की जांच करने के लिए वीरवार को जींद पहुंची महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने कहा कि महिलाओं पर किसी भी सूरत में अत्याचार सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने माना कि 10 से 15 प्रतिशत महिला उत्पीड़न के मामले फर्जी पाए जाते हैं। इन मामलों में दूसरे विवाद के चलते परिवार के लोग महिलाओं को ढाल के रूप में प्रयोग करते हैं।
वीरवार को महिला आयोग की टीम सदर थाना क्षेत्र निवासी एक युवती द्वारा की गई दुष्कर्म की शिकायत के मामले की जांच करने पहुंची थी। इस मामले में पिछले साल अगस्त में महिला ने पुलिस को शिकायत देकर एक युवक पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती ने अपनी मर्जी से युवक के साथ शादी की थी और करीब तीन महीने वे लोग साथ भी रहे। इस पर पुलिस ने यह केस रद्द कर दिया था। इस पर युवती के परिजनों ने मामले की शिकायत महिला आयोग में की थी। सुमन बेदी ने बताया कि जांच में केस रद्द करना सही पाया गया है। उन्होंने कहा कि अब आयोग यह पता लगाए कि युवती ने किसके दबाव में या किन कारणों से झूठा केस दर्ज करवाया। इसके बाद जो भी आरोपी होगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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महिला अपराध में आई है कमी
बेदी ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचारों के मामलों में खासी कमी आई है जो दर्शाता है कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति तेजी से सकारात्मक सोच विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि महिला एवं पुरूष दोनों एक-दूसरे के पूरक होते हैं।
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चिकित्सकों की कमी को सरकार के समक्ष उठाएगा महिला आयोग
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बेशक हरियाणा प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है, इसको लेकर महिला आयोग भी सरकार के समक्ष इस मामले को उठाएगा। गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व महिला आयोग की टीम ने जींद के नागरिक अस्पताल में महिला वार्ड का निरीक्षण किया था। उस समय चिकित्सकों की कमी के चलते महिलाओं ने काफी शिकायत की थी।
महिला आयोग की सदस्या ने किया महिला थाने का निरीक्षण
सुमन बेदी ने वीरवार को महिला थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने में महिलाओं से संबंधित दर्ज केसों की जांच की। सुमन बेदी ने बताया कि कुछ महिलाओं से उन्हें महिला शैल के बारे में मौखिक शिकायतें मिली हैं। इसके लिए अधिकारियों को चेताया गया है।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप, मुख्यमंत्री से मुलाकात की फरियाद
जिस समय महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी पत्रकारों से बातचीत कर रही थी, तभी सच्चा खेड़ा गांव निवासी रणधीर यहां पहुंच गए और उन्होंने अपनी शिकायत दी। इस पर बेदी ने कहा कि वे सिर्फ महिलाओं के मामलों की सुनवाई करती हैं, यह प्रॉपर्टी का मामला है। इस पर रणधीर सिंह ने कहा कि दो साल से उनके प्लाट पर कब्जा है और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। ऐसे में उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मनोहर लाल से करवाई जाए। इस पर सुमन बेदी ने कहा कि इसके लिए वे मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।