फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड

माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड

Thu, 16 Nov 2017 11:30 PM IST
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:30 PM IST
विज्ञापन
माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित लीड
बारिश से फसल बचाने के सारे दावे फेल, खुले आसमान के नीचे किसानों की गाढ़ी कमाई
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार रात से शुरू हुई बूंदाबांदी किसानों के लिए आफत की बारिश साबित हुई। अच्छे भाव के इंतजार में मंडी में किसानों द्वारा बेचने के लिए डाली गई करीब चार लाख क्विंटल धान की फसल भीग गई। अब किसान भीगी फसल को अपने पसीने से सुखा रहा है। हालांकि मार्केटिंग बोर्ड प्रशासन मंडी में महज दस हजार क्विंटल धान बता रहा है।
मौसम ने एक बार फिर किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। वीरवार रात से शुरू हुई बूंदाबांदी वीरवार दिन में भी जारी रही। हालांकि प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को इससे राहत मिली, लेकिन किसानों के लिए बारिश आफत से कम नहीं रही। मंडी में शेड भी किसानों की धान की फसल को भिगोने से नहीं बचा पाए। किसानों के अनुसार पहले से ही धान की फसल के भाव नहीं मिल रहे थे, लेकिन अब बारिश ने खेल बिगाड़ दिया। किसानों ने बताया कि पिछले कई दिनों से धान की फसल की खरीद नहीं हो रही थी, लेकिन अब बारिश होने से धान की फसल भिग गई है, और अब फसल की खरीदारी हो पानी मुश्किल हो रहा है। ज्यादातर किसान अपनी को वापस घर ले जाने पर मजबूर हैं। क्योकि मंडी में बारिश से फसल को बचाने के तमाम दावे फेल हो चुके हैं। किसानों ने बताया कि कड़ी मेहनत के बाद फसल को मंडी में लाया जाता है, और बारिश से फसल को बचाने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। फिलहाल सरकार ने भी धान की फसल खरीद को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे बारिश में में फसल जलमग्न हो रही है।
विज्ञापन



किसानों को अच्छे भाव का इंतजार
किसानों को धान के अच्छे भाव का इंतजार है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले 1121 व बासमती धान अच्छे भाव में बिक रही है, लेकिन किसानों को अभी अच्छे भाव मिलने की उम्मीद है। पिछले साल 1121 धान करीब 2900 रुपये प्रति क्विंटल बिकी थी, लेकिन इस बार यह 3225 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। वहीं किसानों को करीब चार हजार रुपये प्रति क्विंटल के भाव मिलने का इंतजार है। बासमती धान पिछले साल 3500 रुपये बिकी थी और इस बार 3900 रुपये तक बिक रही है। किसानों को उम्मीद है कि इसके भाव करीब पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिल सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



गिरेगा न्यूनतम और अधिकतम तापमान
अधिकतम पारा 24 डिग्री दर्ज किया गया और न्यूनतम पारा 14 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन बारिश होने की संभावनाएं है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में तीन और न्यूनतम तापमान में चार डिग्री तक तापमान में गिरावट आएगी। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ेगी।


बारिश से हुआ किसानों का काफी नुकसान
बारिश में धान की फसल भीगने से काफी नुकसान हुआ है। इससे परेशानी और भी बढ़ गई है। मंडी हजारों क्विंटल फसल जलमग्न हो गई। अब तो खरीद होनी मुश्किल लग रहा है।
सुरेश, छातर गांव निवासी किसान।


बारिश ने बिगाड़ा खेल
पहले से ही धान की फसल की खरीद नहीं हो रही थी, लेकिन अब बारिश ने खेल बिगाड़ दिया है, इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। पिछले चार दिन से दो एकड़ फसल पड़ी है, लेकिन अभी खरीद नहीं हो रही थी, अब फसल बारिश में भिग गई।
राजेंद्र, शाहपुर गांव निवासी किसान।


चार एकड़ फसल बारिश में जलमग्न
चार एकड़ फसल पिछले कई दिनों से मंडी में लेकर आए हुए हैं। खरीद नहीं होने से पहले ही काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, अब बारिश में फसल जलमग्न हो गई। इससे धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है, अब फसल को यहां पर रखना भी चुनौती होगी।
कमल, बरसौला गांव निवासी किसान।


जिला में हुई बारिश
ब्लॉक बारिश (एमएम)में
जींद पांच
पिल्लूखेड़ा एक
सफीदों दो
नरवाना बूंदाबांदी
उचाना दो
जुलाना चार


अब बदलेंगे मौसम के मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार पिछले साल 16 नवंबर की तुलाना में इस बार यह दिन दो डिग्री ठंडा रहा। पिछले साल अधिकतम तापमान अधिकतम 27 डिग्री व न्यूनतम 14 डिग्री रहा, जबकि इस बार अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम 12 डिग्री रहा। वहीं आने वाले तीन-चार दिन मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार वीरवार रात या शुक्रवार को दिन में कुछ जगह हल्की बूदंाबांदी हो सकती है।


बारिश से किसानों के माथे पर खिंची चिंता की लकीरें
अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना। वीरवार सुबह से ही जुलाना क्षेत्र में हुई बु़ंदाबांदी से जहां एक ओर लोगों को वातावरण में फैले स्मॉग से छुटकारा मिला है वहीं दूसरी ओर बरसात के कारण ठंड भी बढ़ गई है और धरतीपुत्रों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई। किसानों की माने तो बरसात से गेहूं की फसल में देरी होगी और जो बुआई की गई है उसमें भी नुकसान होगा। जुलाना क्षेत्र में वीरवार को लगभग चार एमएम बारिश दर्ज की गई।

गौरतलब है कि जुलाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों के खेतों में जहां अभी तक पिछले दिनों में हुई बरसात का पानी भी नही सुख पाया था वहीं दोबारा बरसात से किसानों के गेहूं की बुआई को लेकर भी संशय पैदा हो रहा है। पिछले काफी दिनों से स्मॉग के कारण लोगों को आंखों में जलन जैसी परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा था। बरसात के बाद लोगों को जहरीले स्मॉग से तो छुटकारा मिलेगा लेकिन क्षेत्र में हुई बरसात के कारण लोगों को कृषि में भी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed