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Jind News: चालक-परिचालकों की कमी से लोकल रूटों की 20 बसें बंद
Sun, 10 Dec 2023 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 10 Dec 2023 11:45 PM IST
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जींद। रोडवेज डिपो में नई बसें आने से चालक-परिचालकों की कमी हो गई है। कर्मचारियों की कमी से लोकल रूटों पर दौड़ने वाली लगभग 20 बसें बंद हो गई है। वहीं साल के अंतिम महीने के चलते चालक-परिचालक अवकाश ले रहे हैं। साल में मिलने वाली कैजुअल लीव दिसंबर माह के अंत में लेप्स हो जाती हैं। नए साल जनवरी में ही डिपो प्रबंधन को कुछ राहत मिल पाएगी क्योंकि अवकाश लेकर जाने वाले चालक-परिचालक वापस डयूटी पर लौट लाएंगे।
डिपो प्रबंधन लंबे रूटों पर चलने वाली बसों को तो जैसे-तैसे चला रहा है लेकिन लोकल रूटों पर बसों को ले जाने के लिए चालक-परिचालक नहीं मिल रहे हैं। डिपो में नई बसें भेजने के साथ-साथ चालक-परिचालकों की भी स्थाई भर्ती करनी चाहिए, जिससे रोडवेज व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकें। बेड़े में इस समय 197 बस हैं, जिसमें से 185 बस रूट पर दौड़ रही हैं जबकि अन्य कर्मचारियों की कमी के चलते नहीं चल पा रही हैं। जबकि रोडवेज ने तीन महीने पहले हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत 30 परिचालकों की पोर्टल के माध्यम से डिमांड भेजी थी लेकिन अभी तक निदेशालय ने 30 परिचालक अभी तक डिपो में नहीं भेजे हैं।
परिवहन विभाग द्वारा 1.7 नाॅर्म्स के हिसाब से ओवरटाइम शून्य करने के लिए 335 चालक और परिचालकों की जरूरत है जबकि फिलहाल डिपो में 267 परिचालक और 243 चालक हैं। हरियाणा कौशल निगम के तहत रोडवेज डिपो में फिलहाल 21 परिचालक सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि अभी 50 से ज्यादा कर्मचारियों को 60 घंटे तक ओवरटाइम दिया जा रहा है, लेकिन सभी बसों के संचालन के लिए यह ओवरटाइम कम पड़ रहा है। चालक व परिचालकों की भर्ती होने तक अगर अन्य कर्मचारियों को भी ओवरटाइम मिलना शुरू हो तो बसों का संचालन सुचारू रूप से जारी हो सकता है।
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बॉक्स
चालक-परिचालकों की होनी चाहिए स्थाई भर्ती
प्रदेश सरकार ने डिपो के बेड़े में नई बसें शामिल की है। इसके चलते अब परिचालकों की कमी हो गई है, जिससे सरकार को चालक और परिचालकों की पक्की भर्ती करनी चाहिए। इससे कर्मचारियों की कमी की समस्या खत्म हो जाएगी।
-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
वर्जन
रोडवेज डिपो में नई बसें आने से चालक-परिचालकों की कमी हो गई है। फिलहाल कर्मचारियों की कमी से लोकल रूटों पर चलने वाली 20 बसें वर्कशाप में खड़ी हैं। इसके चलते रूटों पर बस भेजने में परेशानी आ रही है।
-राजबीर शामदो, डीआई, रोडवेज डिपो जींद
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डिपो प्रबंधन लंबे रूटों पर चलने वाली बसों को तो जैसे-तैसे चला रहा है लेकिन लोकल रूटों पर बसों को ले जाने के लिए चालक-परिचालक नहीं मिल रहे हैं। डिपो में नई बसें भेजने के साथ-साथ चालक-परिचालकों की भी स्थाई भर्ती करनी चाहिए, जिससे रोडवेज व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकें। बेड़े में इस समय 197 बस हैं, जिसमें से 185 बस रूट पर दौड़ रही हैं जबकि अन्य कर्मचारियों की कमी के चलते नहीं चल पा रही हैं। जबकि रोडवेज ने तीन महीने पहले हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत 30 परिचालकों की पोर्टल के माध्यम से डिमांड भेजी थी लेकिन अभी तक निदेशालय ने 30 परिचालक अभी तक डिपो में नहीं भेजे हैं।
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परिवहन विभाग द्वारा 1.7 नाॅर्म्स के हिसाब से ओवरटाइम शून्य करने के लिए 335 चालक और परिचालकों की जरूरत है जबकि फिलहाल डिपो में 267 परिचालक और 243 चालक हैं। हरियाणा कौशल निगम के तहत रोडवेज डिपो में फिलहाल 21 परिचालक सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि अभी 50 से ज्यादा कर्मचारियों को 60 घंटे तक ओवरटाइम दिया जा रहा है, लेकिन सभी बसों के संचालन के लिए यह ओवरटाइम कम पड़ रहा है। चालक व परिचालकों की भर्ती होने तक अगर अन्य कर्मचारियों को भी ओवरटाइम मिलना शुरू हो तो बसों का संचालन सुचारू रूप से जारी हो सकता है।
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चालक-परिचालकों की होनी चाहिए स्थाई भर्ती
प्रदेश सरकार ने डिपो के बेड़े में नई बसें शामिल की है। इसके चलते अब परिचालकों की कमी हो गई है, जिससे सरकार को चालक और परिचालकों की पक्की भर्ती करनी चाहिए। इससे कर्मचारियों की कमी की समस्या खत्म हो जाएगी।
-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
वर्जन
रोडवेज डिपो में नई बसें आने से चालक-परिचालकों की कमी हो गई है। फिलहाल कर्मचारियों की कमी से लोकल रूटों पर चलने वाली 20 बसें वर्कशाप में खड़ी हैं। इसके चलते रूटों पर बस भेजने में परेशानी आ रही है।
-राजबीर शामदो, डीआई, रोडवेज डिपो जींद