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लघुसचिवालय के सामने अनुसूचित जाति के लोगों ने अपनाया बौद्ध धर्म

Fri, 17 Aug 2018 12:17 AM IST
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:17 AM IST
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लघुसचिवालय के सामने अनुसूचित जाति के लोगों ने अपनाया बौद्ध धर्म
लघु सचिवालय के सामने अनुसूचित जाति के लोगों ने अपनाया बौद्ध धर्म
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेशभर में दलितों के उत्पीड़न और सरकार द्वारा दलितों के साथ बेरुखी करने का आरोप लगाकर बुधवार को अनुसूचित जाति के 500 लोगों ने बौद्ध धर्म अपना लिया। यह दावा दलित ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संयोजक दिनेश खापड़ ने किया। इस मौके पर उत्तराखंड से आए अखिल भारतीय भिक्षु महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बौद्ध भिक्षु धर्म सागर ने लोगों को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी।
खापड़ ने कहा कि उनके चाचा ईश्वर सिंह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत थे। विभाग के अधिकारियों ने रुपयों का गोलमाल कर झूठा इलजाम उसके चाचा पर लगा दिया। इसके कारण उसके चाचा को तीन महीने जेल की सजा हुई। इसके चलते उसके चाचा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच की मंाग लेकर वह पिछले 188 दिनों से लघु सचिवालय केे सामने धरना दे रहा था, पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस दौरान उसने तीन बार पैदल यात्रा कर प्रदेश सरकार के नाम मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। दो बार 28-28 दिन के अनशन पर भी बैठा। इसी प्रकार छात्तर गांव के अनुसूचित जाति के जवान सतीश 2015 में जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए। शहीद के परिवार को प्रदेश सरकार ने कोई सहायता नहीं दी और शहीद के नाम पर कोई स्मारक भी नहीं बनवाया। जींद के सदर थाना क्षेत्र की एक अनुसूचित जाति की लड़की से दुष्कर्म के मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। हिसार के एक गांव में छोटी बच्ची से दुष्कर्म में आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उसके चाचा को ही दोषी ठहरा कर जेल भिजवा दिया गया। इसी प्रकार भिवानी और कुरुक्षेत्र जिले में अनुसूचित जाति की लड़कियों को दुष्कर्म का शिकार होना पड़ा। कुरुक्षेत्र जिला की घटना पर सरकार ने सीबीआई जांच की बात कही थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है। हिसार के भाटला गांव में अनुसूचित जाति के लोगों का पहले पानी भरने पर सामाजिक बहिष्कार किया गया। इन मामलों को लेकर ज्वाइंट एक्शन कमेटी लगातार आंदोलन कर रही है, लेकिन सरकार कोई कदम नहीं उठा रही, इसलिए अब उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया है।
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खापड़ ने कहा कि 20 को हिसार के भाटला गांव में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति के लोगों को हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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सरकार की गलत नीतियों के कारण लिया फैसला
दिनेश खापड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते ही अनुसूचित जाति के लोगों ने यह निर्णय लिया कि वह कभी भी भाजपा सरकार को किसी भी चुनाव में वोट नहीं करेंगे। प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगों को बौद्ध धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के लोगों ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। यही कारण है कि भाजपा शासनकाल में दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं।
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