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दोनों गुटों ने बनाई रणनीति
Updated Thu, 05 Oct 2017 11:39 PM IST
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जाट आरक्षण के लिए अब दोनों गुट अलग-अलग लड़ेंगे लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जाट आरक्षण के मामले पर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के दो गुटों ने वीरवार को अर्बन इस्टेट स्थित जाट धर्मशाला में अलग-अलग मीटिंग कर रणनीति बनाई। हालांकि इस दौरान दोनों गुटों द्वारा इकट्ठा होकर आंदोलन लड़ना चाहिए, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। गौरतलब है कि आरक्षण संघर्ष समिति के चंदे को लेकर पूर्व प्रधान वीरभान ढुल और उनके समर्थक अलग गुट में हो गए हैं। जबकि दूसरे गुट ने यशपाल मलिक के नेतृत्व में कार्यवाहक कमेटी का गठन किया है। इसका जिला संयोजक सेवानिवृत्त कैप्टन वेदपाल बरसोला को बनाया गया है।
वीरवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष मंडल हरियाणा की बैठक नगूरां तपा के प्रधान धर्मपाल नगूरां की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान सरकार द्वारा बातचीत के अनुरूप मांगें नहीं माने जाने पर रोष जताया गया। वीरभान ढुल तथा भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि यशपाल मलिक द्वारा तीन बार भाजपा सरकार के साथ समझौते करके सरकार का बचाव किया। यह समाज के साथ धोखा है। इसके लिए समाज उनको कभी माफ नहीं करेगा। कोई भी मांग जाट समाज की पूरी नहीं होने से साबित हो गया है कि उन्होंने आंदोलन मांगों के लिए नहीं, करोड़ों रुपये बटोरने के लिए किया था। जिससे समाज अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहा है। ढुल ने कहा कि 14 अक्तूबर तक सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो 15 अक्तूबर को जाट धर्मशाला में ही मीटिंग कर आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। ढुल ने कहा कि 15 अक्तूबर को होने वाले सम्मेलन में सभी खाप, तपों, पंचायतों व जाट संगठनों को मंत्रित किया गया। जिसमें प्रदेश भर की करीबन 150 खाप पंचायतें भाग लेंगी। बैठक में आंदोलन के चंदे से जमीन खरीदने व शिक्षा की दुकानें खोलने के प्रति समाज के साथ बहुत बड़ा धोखा है। जब तक आंदोलन और मांगे अधूरी है, तब तक पैसा अन्य जगह लगाना कौम को बेचने के समान है।
बॉक्स
26 को होगी रैली
वहीं दूसरी जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक दाड़न खाप के प्रधान मांगेराम पालवां की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान फैसला हुआ कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक 26 नवंबर को होगी। इन लोगों ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते जाट आरक्षण के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। इस दौरान पूर्व प्रधान कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिला संयोजक कैप्टन वेदपाल बरसोला, कैप्टन रणधीर चहल, सत्यवान ईक्कस, माजरा खाप के प्रधान एडवोकेट महेंद्र सिंह रिढाल मौजूद रहे।
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फोटो नंबर
05जेएनडी29: जाट धर्मशाला में मीटिंग करते जाट आरक्षण संघर्ष समिति के कार्यकर्ता।
05जेएनडी30: सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते समिति का वीरभान ढुल गुट।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जाट आरक्षण के मामले पर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के दो गुटों ने वीरवार को अर्बन इस्टेट स्थित जाट धर्मशाला में अलग-अलग मीटिंग कर रणनीति बनाई। हालांकि इस दौरान दोनों गुटों द्वारा इकट्ठा होकर आंदोलन लड़ना चाहिए, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। गौरतलब है कि आरक्षण संघर्ष समिति के चंदे को लेकर पूर्व प्रधान वीरभान ढुल और उनके समर्थक अलग गुट में हो गए हैं। जबकि दूसरे गुट ने यशपाल मलिक के नेतृत्व में कार्यवाहक कमेटी का गठन किया है। इसका जिला संयोजक सेवानिवृत्त कैप्टन वेदपाल बरसोला को बनाया गया है।
वीरवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष मंडल हरियाणा की बैठक नगूरां तपा के प्रधान धर्मपाल नगूरां की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान सरकार द्वारा बातचीत के अनुरूप मांगें नहीं माने जाने पर रोष जताया गया। वीरभान ढुल तथा भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि यशपाल मलिक द्वारा तीन बार भाजपा सरकार के साथ समझौते करके सरकार का बचाव किया। यह समाज के साथ धोखा है। इसके लिए समाज उनको कभी माफ नहीं करेगा। कोई भी मांग जाट समाज की पूरी नहीं होने से साबित हो गया है कि उन्होंने आंदोलन मांगों के लिए नहीं, करोड़ों रुपये बटोरने के लिए किया था। जिससे समाज अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहा है। ढुल ने कहा कि 14 अक्तूबर तक सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो 15 अक्तूबर को जाट धर्मशाला में ही मीटिंग कर आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। ढुल ने कहा कि 15 अक्तूबर को होने वाले सम्मेलन में सभी खाप, तपों, पंचायतों व जाट संगठनों को मंत्रित किया गया। जिसमें प्रदेश भर की करीबन 150 खाप पंचायतें भाग लेंगी। बैठक में आंदोलन के चंदे से जमीन खरीदने व शिक्षा की दुकानें खोलने के प्रति समाज के साथ बहुत बड़ा धोखा है। जब तक आंदोलन और मांगे अधूरी है, तब तक पैसा अन्य जगह लगाना कौम को बेचने के समान है।
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26 को होगी रैली
वहीं दूसरी जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक दाड़न खाप के प्रधान मांगेराम पालवां की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान फैसला हुआ कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक 26 नवंबर को होगी। इन लोगों ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते जाट आरक्षण के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। इस दौरान पूर्व प्रधान कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिला संयोजक कैप्टन वेदपाल बरसोला, कैप्टन रणधीर चहल, सत्यवान ईक्कस, माजरा खाप के प्रधान एडवोकेट महेंद्र सिंह रिढाल मौजूद रहे।
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05जेएनडी29: जाट धर्मशाला में मीटिंग करते जाट आरक्षण संघर्ष समिति के कार्यकर्ता।
05जेएनडी30: सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते समिति का वीरभान ढुल गुट।