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Jind News: नरवाना में 19, उचाना में चार एमएम हुई बारिश
Sun, 17 Sep 2023 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 17 Sep 2023 12:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। पश्चिमी विक्षोभ तथा लौटती मानसून हवाओं के चलते शनिवार को नरवाना में 19 तथा उचाना में चार एमएम बारिश हुई। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों सूखा रहा। कुछ अन्य स्थानों पर हलकी फुहार भी पड़ी। आकाश में बदली छाई रही। तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्द्रता 81 प्रतिशत तथा हवा की गति 13 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। आकाश में छाए बादलों के चलते बूंदाबांदी के दिनभर आसार बने रहे। मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ तथा लौटती मानसून के चलते शुक्रवार दोपहर को मौसम ने करवट ली। कुछ देर तक तेज हवा के साथ धूल उड़ी तो बाद में काले बादल भी मंडराए। हलकी फुहार भी पड़ी। नरवाना में अच्छी बारिश हुई और उचाना में भी चार एमएम बारिश से गलियों में पानी भर गया। उमस भरे मौसम से कुछ हद तक राहत दी। आकाश में गहरे बादल छाए रहे और बारिश के आसार भी बने रहे। मानसून सीजन में जिले में काफी कम बारिश हुई है। बारिश कम होने से किसान परेशान है। उमस भरा होने के कारण फसलों पर भी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। नरमा में गुलाबी सुंडी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देशी नरमा में गुलाबी सुंडी के साथ धान में पत्ता लपेट बीमारी आ गई है। मौसम बदलाव से किसानों को बारिश की आस जागी लेकिन बारिश नहीं हुई। जबकि धान फसल में पानी की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।
बॉक्स
मानसून सीजन में औसत से 44 प्रतिशत कम हुई बारिश
जिले में इस बार बारिश औसत से 44 प्रतिशत कम हुई है। पूरे जिले में एक साथ बारिश नहीं हो कर बिखराव में बारिश हुई है। मानसून सीजन से जिले में अबतक औसतन 364 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। इस बार एक जून से 15 सितंबर तक महज 205 एमएम बारिश हुई है। जो कि सामान्य से 44 एमएम बारिश कम है। बारिश कम होने से किसान भी परेशान है।
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कृषि तथा मौसम विभाग के वैज्ञानिक डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान बिखराव में बूंदाबांदी की संभावना है। अगर बारिश होती है तो किसानों काे काफी राहत मिलेगी। तापमान में भी गिरावट आएगी। 19 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
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उचाना में भरा पानी
तरषेम गर्ग, सुभाष, राजेंद्र ने कहा कि बारिश के बाद कन्या स्कूल के पास वाली गली में पानी भर जाता है। कुछ देर हुई बारिश के बाद ही पानी गली में भर गया। यहां पर पानी निकासी का पुख्ता प्रबंध होना चाहिए। बारिश ने लोगों को बढ़ रही तपन से जरूर राहत देने का काम किया है।
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जींद। पश्चिमी विक्षोभ तथा लौटती मानसून हवाओं के चलते शनिवार को नरवाना में 19 तथा उचाना में चार एमएम बारिश हुई। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों सूखा रहा। कुछ अन्य स्थानों पर हलकी फुहार भी पड़ी। आकाश में बदली छाई रही। तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्द्रता 81 प्रतिशत तथा हवा की गति 13 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। आकाश में छाए बादलों के चलते बूंदाबांदी के दिनभर आसार बने रहे। मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ तथा लौटती मानसून के चलते शुक्रवार दोपहर को मौसम ने करवट ली। कुछ देर तक तेज हवा के साथ धूल उड़ी तो बाद में काले बादल भी मंडराए। हलकी फुहार भी पड़ी। नरवाना में अच्छी बारिश हुई और उचाना में भी चार एमएम बारिश से गलियों में पानी भर गया। उमस भरे मौसम से कुछ हद तक राहत दी। आकाश में गहरे बादल छाए रहे और बारिश के आसार भी बने रहे। मानसून सीजन में जिले में काफी कम बारिश हुई है। बारिश कम होने से किसान परेशान है। उमस भरा होने के कारण फसलों पर भी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। नरमा में गुलाबी सुंडी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देशी नरमा में गुलाबी सुंडी के साथ धान में पत्ता लपेट बीमारी आ गई है। मौसम बदलाव से किसानों को बारिश की आस जागी लेकिन बारिश नहीं हुई। जबकि धान फसल में पानी की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।
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मानसून सीजन में औसत से 44 प्रतिशत कम हुई बारिश
जिले में इस बार बारिश औसत से 44 प्रतिशत कम हुई है। पूरे जिले में एक साथ बारिश नहीं हो कर बिखराव में बारिश हुई है। मानसून सीजन से जिले में अबतक औसतन 364 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। इस बार एक जून से 15 सितंबर तक महज 205 एमएम बारिश हुई है। जो कि सामान्य से 44 एमएम बारिश कम है। बारिश कम होने से किसान भी परेशान है।
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कृषि तथा मौसम विभाग के वैज्ञानिक डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान बिखराव में बूंदाबांदी की संभावना है। अगर बारिश होती है तो किसानों काे काफी राहत मिलेगी। तापमान में भी गिरावट आएगी। 19 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
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उचाना में भरा पानी
तरषेम गर्ग, सुभाष, राजेंद्र ने कहा कि बारिश के बाद कन्या स्कूल के पास वाली गली में पानी भर जाता है। कुछ देर हुई बारिश के बाद ही पानी गली में भर गया। यहां पर पानी निकासी का पुख्ता प्रबंध होना चाहिए। बारिश ने लोगों को बढ़ रही तपन से जरूर राहत देने का काम किया है।