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27 मार्च से प्रदेश भर में मांगों को लेकर सौंपा जाएगा ज्ञापन: राजेश पाल
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मांगों को लेकर 27 से सौंपा जाएगा ज्ञापन : राजेश
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जेबीटी एचटेट पास एसोसिएशन हरियाणा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक रविवार को ब्राह्मण धर्मशाला में हुई। जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पाल ने की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों उम्मीदवारों ने बड़ी मेहनत से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। सरकार द्वारा वर्ष 2012 के बाद अभी तक रेगुलर जेबीटी भर्ती का कोई विज्ञापन नहीं निकाला गया है। हजारों पात्रता पास उम्मीदवारों के एचटेट पास सर्टिफिकेट की पांच साल की वैधता एक मार्च 2019 को खत्म होने के कारण रद्दी के टुकड़े में तबदील हो गए। हजारों उम्मीदवार बिना किसी भर्ती में आवेदन का मौका मिले ही ओवरएज होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उनको मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। प्रदेश के शिक्षा विभाग में जेबीटी शिक्षकों के करीब नौ हजार पद खाली हैं, जिन पर रेगुलर जेबीटी भर्ती की जानी है। इन नौ हजार पदों में से 6048 पदों पर गेस्ट टीचर कार्यरत हैं और वर्ष 2018 में जेबीटी शिक्षकों को टीजीटी पदोन्नति देने से भी दो हजार पद खाली हो गए हैं व एक हजार के करीब पद रिटायरमेंट व निधन आदि कारणों से रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि छह साल की लंबी अवधि बीतने के बावजूद भी सरकार द्वारा रेगुलर जेबीटी का कोई विज्ञापन जारी नहीं करने पर जेबीटी पात्रता पास उम्मीदवार सरकार के खिलाफ संघर्ष करने के लिए मजबूर हैं। 25 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री ने करनाल में उन्हें जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसके बाद कार्मिक अनशन पर तीन से आठ फरवरी तक पंचकूला में हुए आमरण अनशन को भी जल्द भर्ती का आश्वासन देकर समाप्त करवाया गया था।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 27 मार्च से सभी जिलों में जेबीटी एचटेट पास उम्मीदवार मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। उसके बाद मंडल स्तर पर प्रदर्शन होंगे। नौ मई को प्रदेश स्तरीय महापंचायत करके एचटेट पास लोकसभा चुनाव में मतदान बारे अहम फैसला लेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जेबीटी एचटेट पास एसोसिएशन हरियाणा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक रविवार को ब्राह्मण धर्मशाला में हुई। जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पाल ने की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों उम्मीदवारों ने बड़ी मेहनत से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। सरकार द्वारा वर्ष 2012 के बाद अभी तक रेगुलर जेबीटी भर्ती का कोई विज्ञापन नहीं निकाला गया है। हजारों पात्रता पास उम्मीदवारों के एचटेट पास सर्टिफिकेट की पांच साल की वैधता एक मार्च 2019 को खत्म होने के कारण रद्दी के टुकड़े में तबदील हो गए। हजारों उम्मीदवार बिना किसी भर्ती में आवेदन का मौका मिले ही ओवरएज होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उनको मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। प्रदेश के शिक्षा विभाग में जेबीटी शिक्षकों के करीब नौ हजार पद खाली हैं, जिन पर रेगुलर जेबीटी भर्ती की जानी है। इन नौ हजार पदों में से 6048 पदों पर गेस्ट टीचर कार्यरत हैं और वर्ष 2018 में जेबीटी शिक्षकों को टीजीटी पदोन्नति देने से भी दो हजार पद खाली हो गए हैं व एक हजार के करीब पद रिटायरमेंट व निधन आदि कारणों से रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि छह साल की लंबी अवधि बीतने के बावजूद भी सरकार द्वारा रेगुलर जेबीटी का कोई विज्ञापन जारी नहीं करने पर जेबीटी पात्रता पास उम्मीदवार सरकार के खिलाफ संघर्ष करने के लिए मजबूर हैं। 25 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री ने करनाल में उन्हें जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसके बाद कार्मिक अनशन पर तीन से आठ फरवरी तक पंचकूला में हुए आमरण अनशन को भी जल्द भर्ती का आश्वासन देकर समाप्त करवाया गया था।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि 27 मार्च से सभी जिलों में जेबीटी एचटेट पास उम्मीदवार मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। उसके बाद मंडल स्तर पर प्रदर्शन होंगे। नौ मई को प्रदेश स्तरीय महापंचायत करके एचटेट पास लोकसभा चुनाव में मतदान बारे अहम फैसला लेंगे।
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