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महाश्री क्वीन को गोल्डन क्वीन ने छह अंकों के अंतर से दी करारी मारी
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महिला कबड्डी : गोल्डन क्वीन ने महाश्री क्वीन को हराया
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। भाई सुरेंद्र सिंह मेमोरियल खेल स्कूल निडानी में चल रही इंटरनेशनल महिला सर्कल कबड्डी लीग में दूसरे दिन रोचक मुकाबले हुए। पहले मैच में गोल्डन क्वीन ने महाश्री क्वीन को छह अंकों के अंतर से करारी शिकस्त दी। पूर्व डीजीपी एक भारतीय कबड्डी संघ के मुख्य संरक्षक डॉ. महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि बेटियों को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए कबड्डी संघ वचनबद्ध है। सर्कल कबड्डी में बेटियों ने जो मुकाम हासिल किया है, उसे आगे बढ़ाया जाएगा। इंटरनेशनल महिला सर्कल कबड्डी लीग के दूसरे दिन पहला मैच महाश्री क्वीन और गोल्डन क्वीन के बीच हुआ। इसमें गोल्डन क्वीन ने 35 और महाश्री क्वीन ने 29 अंक अर्जित किए। इसमें गोल्डन क्वीन छह अंकों से विजेता रही। दूसरा मुकाबला हरियाणा की शेरनी और सरस्वती क्वीन के बीच खेला गया। इसमें हरियाणा की शेरनी ने 35 और सरस्वती क्वीन ने 25 अंक प्राप्त किए। इसमें हरियाणा की शेरनी दस अंकों से विजेता रही, इस टीम में बेस्ट रेडर के तौर पर सुमित और मीनू रही जबकि बेस्ट कैचर के तौर पर ऋतु नाडा और सुखदीप कौर रही। तीसरा मैच पंजाब क्वीन व पद्मश्री क्वीन के बीच खेला गया। इसमें पद्मश्री क्वीन ने 33 अंक तो पंजाब क्वीन ने 29 अंक प्राप्त किए। इसमें पद्मश्री क्वीन 4 अंकों से विजेता रही। इस मैच में बेस्ट रेड के तौर पर करमी चहल व रिंकू सौथा चुनी गई जबकि बेस्ट कैचर सुशीला रही। दूसरे दिन के खेल की शुरुआत पूर्व डीजीपी डॉ. महेंद्र सिंह मलिक व भाई सुरेंद्र सिंह मेमोरियल स्कूल की चेयरपर्सन कृष्णा मलिक ने खिलाड़ियों का परिचय लेते हुए की। डॉ. मलिक ने कहा कि खेल भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। आज खेलों में हमारी बेटियां भी बेटों से पीछे नहीं हैं। भारतीय कबड्डी संघ महिलाओं के खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है। आज पूरे भारत में हरियाणा व पंजाब की महिला खिलाड़ियों का कोई सानी नहीं हैं। विदेशों में भी भारतीय महिला कबड्डी की खिलाड़ी छाई रहती हैं। इस मौके पर भारतीय कबड्डी संघ के प्रधान प्रवीण यादव, डॉ. जोगेंद्र सिंह दलाल, गुरमेल दिड़बा, चमकौर यूके, बिजेंद्र कादयान, सुखजिंदर पंजाब, प्राचार्य रामचंद्र, हवा सिंह चौक्कर, रोहताश सिंह नांदल, हरबीर कौर, आनंद लाठर, इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी नरेश पहलवान, रामसिंह मलिक, रणधीर सिंह मलिक, सुखदर्शन चहल, राजवंती मलिक भी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। भाई सुरेंद्र सिंह मेमोरियल खेल स्कूल निडानी में चल रही इंटरनेशनल महिला सर्कल कबड्डी लीग में दूसरे दिन रोचक मुकाबले हुए। पहले मैच में गोल्डन क्वीन ने महाश्री क्वीन को छह अंकों के अंतर से करारी शिकस्त दी। पूर्व डीजीपी एक भारतीय कबड्डी संघ के मुख्य संरक्षक डॉ. महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि बेटियों को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए कबड्डी संघ वचनबद्ध है। सर्कल कबड्डी में बेटियों ने जो मुकाम हासिल किया है, उसे आगे बढ़ाया जाएगा। इंटरनेशनल महिला सर्कल कबड्डी लीग के दूसरे दिन पहला मैच महाश्री क्वीन और गोल्डन क्वीन के बीच हुआ। इसमें गोल्डन क्वीन ने 35 और महाश्री क्वीन ने 29 अंक अर्जित किए। इसमें गोल्डन क्वीन छह अंकों से विजेता रही। दूसरा मुकाबला हरियाणा की शेरनी और सरस्वती क्वीन के बीच खेला गया। इसमें हरियाणा की शेरनी ने 35 और सरस्वती क्वीन ने 25 अंक प्राप्त किए। इसमें हरियाणा की शेरनी दस अंकों से विजेता रही, इस टीम में बेस्ट रेडर के तौर पर सुमित और मीनू रही जबकि बेस्ट कैचर के तौर पर ऋतु नाडा और सुखदीप कौर रही। तीसरा मैच पंजाब क्वीन व पद्मश्री क्वीन के बीच खेला गया। इसमें पद्मश्री क्वीन ने 33 अंक तो पंजाब क्वीन ने 29 अंक प्राप्त किए। इसमें पद्मश्री क्वीन 4 अंकों से विजेता रही। इस मैच में बेस्ट रेड के तौर पर करमी चहल व रिंकू सौथा चुनी गई जबकि बेस्ट कैचर सुशीला रही। दूसरे दिन के खेल की शुरुआत पूर्व डीजीपी डॉ. महेंद्र सिंह मलिक व भाई सुरेंद्र सिंह मेमोरियल स्कूल की चेयरपर्सन कृष्णा मलिक ने खिलाड़ियों का परिचय लेते हुए की। डॉ. मलिक ने कहा कि खेल भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। आज खेलों में हमारी बेटियां भी बेटों से पीछे नहीं हैं। भारतीय कबड्डी संघ महिलाओं के खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है। आज पूरे भारत में हरियाणा व पंजाब की महिला खिलाड़ियों का कोई सानी नहीं हैं। विदेशों में भी भारतीय महिला कबड्डी की खिलाड़ी छाई रहती हैं। इस मौके पर भारतीय कबड्डी संघ के प्रधान प्रवीण यादव, डॉ. जोगेंद्र सिंह दलाल, गुरमेल दिड़बा, चमकौर यूके, बिजेंद्र कादयान, सुखजिंदर पंजाब, प्राचार्य रामचंद्र, हवा सिंह चौक्कर, रोहताश सिंह नांदल, हरबीर कौर, आनंद लाठर, इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी नरेश पहलवान, रामसिंह मलिक, रणधीर सिंह मलिक, सुखदर्शन चहल, राजवंती मलिक भी मौजूद रहे।