{"_id":"5bf2ff5abdec2269a00ae059","slug":"181542651738-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओमप्रकाश चौटाला के आशीर्वाद से पहुंचे थे विधानसभा, उन्हीं के साथ रहेंगे : नंबरदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओमप्रकाश चौटाला के आशीर्वाद से पहुंचे थे विधानसभा, उन्हीं के साथ रहेंगे : नंबरदार
Updated Mon, 19 Nov 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओमप्रकाश चौटाला के आशीर्वाद से पहुंच विधानसभा, रहेंगे उन्हीं के साथ : पिरथी
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। हलके के विधायक पिरथी सिंह नंबरदार ने कहा कि जहां ओमप्रकाश चौटाला वह वहीं रहेंगे। नंबरदार ने कहा कि उनको ओमप्रकाश चौटाला के आशीर्वाद से विधानसभा में जाने का मौका मिला है, उन्हें नहीं छोड़ सकते। उन्होंने कहा कि जब 14 नवंबर को वे चंडीगढ़ से घर आ रहे थे, तभी उनके पास रास्ते में अभय चौटाला का फोन आया था। उन्हें बुलाया गया और विधायक दल के नेता होने के नाते वे उनके पास गए। उनके साथ कोई जबरदस्ती नहीं हुई। वे अपनी मर्जी से रहे हैं।
गौरतलब है कि 17 नंबरदार को जींद में होने वाले अजय चौटाला के कार्यकर्ता सम्मेलन से पहले 14 नवंबर को अफवाहें चली कि विधायक पिरथी के भूमिगत हो गए हैं। चर्चाएं यहां तक चली कि उन्हें किसी ने जबरदस्ती उठा लिया है। इसके बाद से ही पिरथी नंबरदार का फोन बंद आ रहा था। अब पिरथी नंबरदार सामने आए हैं। नंबरदार ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने पहले ही यह साफ कर दिया था कि वे वहीं रहेंगे जहां उनके आदर्श ओमप्रकाश चौटाला होंगे। नंबरदार ने कहा कि उन्होंने कभी विधानसभा चुनाव लड़ने या विधायक बनने की सपने में भी सोचा था। ओमप्रकाश चौटाला ने उन्हें विधायक बनाकर गरीब हितैषी होने का सबूत दिया। वह एक बार नहीं दो बार जीते। पहली बार कांग्रेस की लहर में और पिछले चुनाव में मोदी लहर होने के बाद नरवाना की जनता और चौटाला के आशीर्वाद से विधायक बने। आज चौटाला का आशीर्वाद अभय चौटाला के साथ है और उनका वहीं रहने का फैसला है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। हलके के विधायक पिरथी सिंह नंबरदार ने कहा कि जहां ओमप्रकाश चौटाला वह वहीं रहेंगे। नंबरदार ने कहा कि उनको ओमप्रकाश चौटाला के आशीर्वाद से विधानसभा में जाने का मौका मिला है, उन्हें नहीं छोड़ सकते। उन्होंने कहा कि जब 14 नवंबर को वे चंडीगढ़ से घर आ रहे थे, तभी उनके पास रास्ते में अभय चौटाला का फोन आया था। उन्हें बुलाया गया और विधायक दल के नेता होने के नाते वे उनके पास गए। उनके साथ कोई जबरदस्ती नहीं हुई। वे अपनी मर्जी से रहे हैं।
गौरतलब है कि 17 नंबरदार को जींद में होने वाले अजय चौटाला के कार्यकर्ता सम्मेलन से पहले 14 नवंबर को अफवाहें चली कि विधायक पिरथी के भूमिगत हो गए हैं। चर्चाएं यहां तक चली कि उन्हें किसी ने जबरदस्ती उठा लिया है। इसके बाद से ही पिरथी नंबरदार का फोन बंद आ रहा था। अब पिरथी नंबरदार सामने आए हैं। नंबरदार ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने पहले ही यह साफ कर दिया था कि वे वहीं रहेंगे जहां उनके आदर्श ओमप्रकाश चौटाला होंगे। नंबरदार ने कहा कि उन्होंने कभी विधानसभा चुनाव लड़ने या विधायक बनने की सपने में भी सोचा था। ओमप्रकाश चौटाला ने उन्हें विधायक बनाकर गरीब हितैषी होने का सबूत दिया। वह एक बार नहीं दो बार जीते। पहली बार कांग्रेस की लहर में और पिछले चुनाव में मोदी लहर होने के बाद नरवाना की जनता और चौटाला के आशीर्वाद से विधायक बने। आज चौटाला का आशीर्वाद अभय चौटाला के साथ है और उनका वहीं रहने का फैसला है।
विज्ञापन