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समय से पहले बंद हो रहे आंगनवाड़ी केंद्र --ग्रामीणों ने जताया रोष, विभाग नहीं कर रहा कार्रवाई
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:38 AM IST
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समय से पहले बंद हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र, जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन तैनात आंगनबाड़ी वर्कर तथा हेल्पर अधिकारियों से बेकाबू हो चुकी हैं। सबसे बड़ा उदाहरण आंगनबाड़ी केंद्र समय से पहले बंद हो रहे हैं। जिला अधिकारियों की तरफ से उनके खिलाफ होने वाली कार्रवाई का भी कोई असर नहीं हो रहा है।
शुक्रवार को बोहतवाला गांव और मंगलवार को खोखरी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र समय से पहले बंद पाए गए। खंड प्रशासनिक अधिकारी द्वारा उनके खिलाफ नोटिस निकालने की बात की जा रही है। आंगनबाड़ी संचालिका व हेल्पर केंद्र को समय पहले बंद करके विभाग के आदेशों तथा सरकार की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मंगलवार को भी गांव खोखरी के दो केंद्र ठीक दो बजकर पंद्रह मिनट पर बंद मिले। समय से पहले बंद केंद्रों को लेकर ग्रामीणों में संबंधित विभाग एवं सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारी, आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बताया कि सुपरवाइजर ऐसे केंद्रों को चैक करने आते हैं तो सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित रहता है। गांव में केंद्रों को ना तो समय पर खोला जाता है और समय से पहले ही बंद कर दिया जाता है। बच्चों को पौष्टिक आहार की आड़ में केवल घोटाले होते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब आंगनबाड़ी केंद्रों का कोई लाभ नहीं मिल रहा तो इन्हें बंद कर देना चाहिए।
खंड महिला एवं बाल विकास अधिकारी ग्रामीण मीना शर्मा ने कहा कि केंद्रों को समय से पहले बंद करना गलत है। उनकी जानकारी लेकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। गांव बोहतवाला में भी नोटिस दिए गए हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन तैनात आंगनबाड़ी वर्कर तथा हेल्पर अधिकारियों से बेकाबू हो चुकी हैं। सबसे बड़ा उदाहरण आंगनबाड़ी केंद्र समय से पहले बंद हो रहे हैं। जिला अधिकारियों की तरफ से उनके खिलाफ होने वाली कार्रवाई का भी कोई असर नहीं हो रहा है।
शुक्रवार को बोहतवाला गांव और मंगलवार को खोखरी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र समय से पहले बंद पाए गए। खंड प्रशासनिक अधिकारी द्वारा उनके खिलाफ नोटिस निकालने की बात की जा रही है। आंगनबाड़ी संचालिका व हेल्पर केंद्र को समय पहले बंद करके विभाग के आदेशों तथा सरकार की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मंगलवार को भी गांव खोखरी के दो केंद्र ठीक दो बजकर पंद्रह मिनट पर बंद मिले। समय से पहले बंद केंद्रों को लेकर ग्रामीणों में संबंधित विभाग एवं सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारी, आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बताया कि सुपरवाइजर ऐसे केंद्रों को चैक करने आते हैं तो सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित रहता है। गांव में केंद्रों को ना तो समय पर खोला जाता है और समय से पहले ही बंद कर दिया जाता है। बच्चों को पौष्टिक आहार की आड़ में केवल घोटाले होते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब आंगनबाड़ी केंद्रों का कोई लाभ नहीं मिल रहा तो इन्हें बंद कर देना चाहिए।
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खंड महिला एवं बाल विकास अधिकारी ग्रामीण मीना शर्मा ने कहा कि केंद्रों को समय से पहले बंद करना गलत है। उनकी जानकारी लेकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। गांव बोहतवाला में भी नोटिस दिए गए हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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