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ऑनलाइन आवेदन के विरोध में अभिभावकों ने डीईईओ कार्यालय के गेट पर जड़ा ताला
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जींद। नियम-134ए में स्कूल अलॉटमेंट के लिए पहले ऑफ लाइन आवेदन के बाद अब दोबारा से ऑनलाइन आवेदन के विरोध में अभिभावकों ने सोमवार को डीईईओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। करीब तीन घंटे तक गेट बंद रहा और फिर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर गेट खुलवाया।
विरोध कर रहे अभिभावकों ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा नियम 134ए में दाखिले के आवेदन के दौरान शुरू में मनपंसद सूची स्कूलों की सूची मांगी थी। इस दौरान शिक्षा विभाग ने पांच मनपसंद स्कूलों के नाम मांगे थे, जिसकी जानकारी अभिभावकों ने फार्म में आवेदन के दौरान दी थी। वहीं दो दिन पहले ही शिक्षा विभाग द्वारा अभिभावकों से बच्चों के दाखिले के लिए दस और मनपंसद स्कूलों के नाम ऑनलाइन मांगे गए हैं। इसमें अभिभावकों को काफी परेशानी हो रही है। इन लोगों ने कहा कि जो प्रक्रिया एक बार हो चुकी है, वही दोहरा कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। जब शुरू में अभिभावकों ने मनपंसद पांच स्कूलों के नाम शिक्षा विभाग को दे दिए थे तो बच्चों का दाखिला उन स्कूलों में क्यों नहीं किया जा रहा। 134ए के तहत दी गई परीक्षा का परीणाम 19 अप्रैल को घोषित कर दिया गया था। उसके बाद से ही शिक्षा अधिकारी स्कूल अलॉटमेंट के लिए अभिभावकों को कार्यालय के चक्कर कटा रहे हैं। इससे तंग आकर अभिभावक डीईईओ कार्यालय के गेट पर ताला जड़ने को मजबूर हुए हैं। गेट पर ताला जड़े जाने के बाद जब शिक्षा अधिकारियों ने अभिभावकों से कार्यालय से बाहर आने के लिए गेट खोलने का अनुरोध किया तो अभिभावकों ने समस्या का समाधान नहीं होने तक गेट पर ताला जड़े रहने की बात कही। इस पर शिक्षा अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस कर्मी मौैके पर पहुंचे और अभिभावकों को समझाकर कार्यालय का गेट खुलवाया। वहीं डीईईओ दलजीत सिंह चुनाव ड्यूटी के चलते नरवाना गए थे। अन्य अधिकारियों के समझाने पर जब अभिभावक संतुष्ट नहीं हुए तो मांगों को लेकर अभिभावकों ने डीईईओ कार्यालय से चलकर शहर भर में प्रदर्शन करते हुए डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ज्ञापन सौंपा।
कल आएगा परीक्षा का परिणाम
शिक्षा विभाग द्वारा 19 अप्रैैल को 134ए के तहत हुई परीक्षा का परीणाम घोषित कर दिया गया था। इस दौरान कई अभिभावकों ने सिर्फ पांच मनपसंद स्कूलों के ही नाम दिए जबकि शुरू में ही 15 स्कूलों के नाम अभिभावकों से मांगे गए थे। मेरिट के आधार पर विद्यार्थी को मनपसंद स्कूल में दाखिला दिया जाता है। ऐसे में कई विद्यार्थियों ने एक ही स्कूल भरा हुआ है। इसके चलते कम मेरिट सूची वाले विद्यार्थियों का भरे गए मनपसंद पांच स्कूलों में दाखिला नहीं हो पा रहा है। अन्य बच्चे का दाखिला भी अच्छे स्कूल में हो जाए इसलिए शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन स्कूलों के आवेदन दोबारा से मांगे गए हैं। वहीं कई गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले के लिए भी अभिभावकों ने आवेदन किया था।
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गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला लेकर बच्चों का भविष्य खराब न हो इसके लिए भी दोबारा से आवेदन मांगे गए थे। अभिभावकों की सुविधा के लिए ही यह फैसला शिक्षा विभाग ने किया था। अभिभावकों से अनुरोध है कि वह संयम बनाए रखे। एक मई को बच्चों के स्कूल अलॉट किए जाएंगे।
-दलजीत सिंह, डीईईओ जींद।
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विरोध कर रहे अभिभावकों ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा नियम 134ए में दाखिले के आवेदन के दौरान शुरू में मनपंसद सूची स्कूलों की सूची मांगी थी। इस दौरान शिक्षा विभाग ने पांच मनपसंद स्कूलों के नाम मांगे थे, जिसकी जानकारी अभिभावकों ने फार्म में आवेदन के दौरान दी थी। वहीं दो दिन पहले ही शिक्षा विभाग द्वारा अभिभावकों से बच्चों के दाखिले के लिए दस और मनपंसद स्कूलों के नाम ऑनलाइन मांगे गए हैं। इसमें अभिभावकों को काफी परेशानी हो रही है। इन लोगों ने कहा कि जो प्रक्रिया एक बार हो चुकी है, वही दोहरा कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। जब शुरू में अभिभावकों ने मनपंसद पांच स्कूलों के नाम शिक्षा विभाग को दे दिए थे तो बच्चों का दाखिला उन स्कूलों में क्यों नहीं किया जा रहा। 134ए के तहत दी गई परीक्षा का परीणाम 19 अप्रैल को घोषित कर दिया गया था। उसके बाद से ही शिक्षा अधिकारी स्कूल अलॉटमेंट के लिए अभिभावकों को कार्यालय के चक्कर कटा रहे हैं। इससे तंग आकर अभिभावक डीईईओ कार्यालय के गेट पर ताला जड़ने को मजबूर हुए हैं। गेट पर ताला जड़े जाने के बाद जब शिक्षा अधिकारियों ने अभिभावकों से कार्यालय से बाहर आने के लिए गेट खोलने का अनुरोध किया तो अभिभावकों ने समस्या का समाधान नहीं होने तक गेट पर ताला जड़े रहने की बात कही। इस पर शिक्षा अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस कर्मी मौैके पर पहुंचे और अभिभावकों को समझाकर कार्यालय का गेट खुलवाया। वहीं डीईईओ दलजीत सिंह चुनाव ड्यूटी के चलते नरवाना गए थे। अन्य अधिकारियों के समझाने पर जब अभिभावक संतुष्ट नहीं हुए तो मांगों को लेकर अभिभावकों ने डीईईओ कार्यालय से चलकर शहर भर में प्रदर्शन करते हुए डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ज्ञापन सौंपा।
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कल आएगा परीक्षा का परिणाम
शिक्षा विभाग द्वारा 19 अप्रैैल को 134ए के तहत हुई परीक्षा का परीणाम घोषित कर दिया गया था। इस दौरान कई अभिभावकों ने सिर्फ पांच मनपसंद स्कूलों के ही नाम दिए जबकि शुरू में ही 15 स्कूलों के नाम अभिभावकों से मांगे गए थे। मेरिट के आधार पर विद्यार्थी को मनपसंद स्कूल में दाखिला दिया जाता है। ऐसे में कई विद्यार्थियों ने एक ही स्कूल भरा हुआ है। इसके चलते कम मेरिट सूची वाले विद्यार्थियों का भरे गए मनपसंद पांच स्कूलों में दाखिला नहीं हो पा रहा है। अन्य बच्चे का दाखिला भी अच्छे स्कूल में हो जाए इसलिए शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन स्कूलों के आवेदन दोबारा से मांगे गए हैं। वहीं कई गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले के लिए भी अभिभावकों ने आवेदन किया था।
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गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला लेकर बच्चों का भविष्य खराब न हो इसके लिए भी दोबारा से आवेदन मांगे गए थे। अभिभावकों की सुविधा के लिए ही यह फैसला शिक्षा विभाग ने किया था। अभिभावकों से अनुरोध है कि वह संयम बनाए रखे। एक मई को बच्चों के स्कूल अलॉट किए जाएंगे।
-दलजीत सिंह, डीईईओ जींद।