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युजवेंद्र का विश्व कप टीम में चयन, परिवार में खुशी का माहौल

Tue, 16 Apr 2019 12:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2019 12:07 AM IST
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युजवेंद्र का विश्व कप टीम में चयन, परिवार में खुशी का माहौल
जींद। कम समय में भारत की क्रिकेट टीम का सितारा बने युजवेंद्र चहल का चयन वर्ल्ड कप टीम में हो गया है। युजवेंद्र जींद के रहने वाले हैं। विश्व कप टीम में चयने होने पर परिवार में खुशी का माहौल है। युजवेंद्र ने मुंबई इंडियन की टीम से खेलना शुरू किया और काफी समय तक रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु से खेेल रहे हैं। पिछले तीन साल से युजवेंद गजब के फार्म में हैं जिसकी वजह से वे इंडिया टीम का अहम हिस्सा बन हैं। बड़े-बड़े दिग्गज खिलाड़ियों को अपनी गेंदों का शिकार बनाकर अपनी कुशल गेंदबाजी का लोहा मनवाया है।
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युजवेंद्र चहल के पिता एडवोकेट केके चहल ने बताया कि बेटे का चयन विश्व कप के लिए बनाई गई टीम में होने से बड़ी खुशी क्या होगी। सोमवार को जब घर पर टीवी देखते हुए खबरों से पता चला कि बीसीसीआई ने युजवेंद्र चहल को वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया है तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि बेटे ने इस मुकाम को हासिल करने के लिए काफी मेहनत की है।
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युजवेंद्र का जीवन परिचय
युजवेंद्र चहल की आयु 28 साल है। उनके पिता केके चहल वकील हैं और मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। युजवेंद्र की दो बड़ी बहनें हैं जो ऑस्ट्रेलिया में बस गई हैं। उन्होंने डीएवी पब्लिक स्कूल जींद में प्राथमिक स्कूली शिक्षा प्राप्त की है। युजवेंद्र चहल की अभी शादी नहीं हुई है।
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बेटे ने सपना पूरा कर दिखाया : सुनीता देवी
युजवेंद्र चहल की मां सुनीता देवी ने कहा कि बेटे ने सपना पूरा कर दिया है। विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन कर टीम को खिताब जिताने का काम करेगा। चहल ने काफी कम समय में टीम इंडिया का हिस्सा बन गया है और उसका आज मैच हैं। इसलिए बात नहीं हो पाई। मैच खत्म होते ही फोन कर बात करूंगी।
शतरंज के मोहरों से भी विरोधियों को मात दे चुके हैं चहल
युजवेंद्र क्रिकेट से पहले शतरंज के खिलाड़ी थे। उन्होंने अंडर-12 की नेशनल किड्स चेस चैंपियनशिप भी जीती है। इसके अलावा वह अंडर-16 नेशनल चेस चैंपियनशिप का भी हिस्सा भी रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट में अपना सफर शुरू किया। 2009 में अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी में उन्होंने सर्वाधिक 34 विकेट लिए थे। युजवेंद्र के पिता के अनुसार इसके बाद ही युजवेंद्र का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सफर शुरू हो गया। 2011 में चैंपियंस लीग टी-20 में मुंबई इंडियंस की टीम में जगह मिली और शानदार प्रदर्शन किया। मुंबई इंडियंस की जीत में भूमिका निभाई। 2016 को जिम्बांबे के खिलाफ चहल ने अपने वन डे मैच का सफर शुरू किया। चहल टी-20 क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाले क्रिकेटर बने।

सात साल तक किया खेत में अभ्यास
युजवेंद्र के पिता के अनुसार युजवेंद्र का मन पढ़ाई से अधिक खेल में लगता था। 2004 उन्होंने अपने खेत में पिच तैयार करवाई। इसके बाद 2011 तक युजवेंद्र ने खेत में ही क्रिकेट का अभ्यास किया। जब अंडर-19 में चयन हुआ तो उन्हें लगा कि एक दिन वह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनेगा। इसके बाद युजवेंद्र ने रणजी ट्रॉफी, आईपीएल खेला और आज भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा है।
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