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पूर्व विधायक व इनेलो के पूर्व जिलाध्यक्ष कलीराम पटवारी भाजपा में शामिल
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पूर्व विधायक कलीराम पटवारी भाजपा में शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। पूर्व विधायक व इनेलो के पूर्व जिलाध्यक्ष कलीराम पटवारी ने बुधवार को भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया। इससे सफीदों की राजनीति में हलचल होने के साथ-साथ जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई। इनेलो के कद्दावर नेता पूर्व विधायक एवं किसान प्रदेशाध्यक्ष कलीराम के भाजपा में आने से इस जोड़-तोड़ की राजनीति के बाद से सफीदों में नए समीकरण बनेंगे। बुधवार को जींद में भाजपा के जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा ने कलीराम पटवारी का स्वागत किया।
कलीराम पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशहित की नीतियों व प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की योजनाओं से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा का दामन थामा है। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश प्रधानमंत्री मोदी के हाथों में सुरक्षित है। भाजपा ने योग्यता के आधार पर गरीब युवाओं को नौकरियां देने के साथ-साथ सफीदों में करीब 52 सड़कों को भी बनवाने का काम किया है। जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा ने कहा कि भाजपा की बढ़ती हुई लोकप्रियता से बडे़-बड़े नेता दूसरी पार्टियों को छोड़कर भाजपा का दामन थाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि कलीराम पटवारी के आने से भाजपा को ओर मजबूती मिलेगी। जिससे सफीदों विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत होगी।
बहुत रोचक रहा है पटवारी का विधानसभा तक का सफर
बेहद साधारण किसान परिवार से आने वाले कलीराम पटवारी का पटवारी की नौकरी करते हुए खेत की मेंढ से विधानसभा तक का सफर बहुत रोचक रहा है। दरअसल कलीराम 1996 से पहले नहर विभाग में पटवारी रहे। हालांकि उनका जुड़ाव पहले से ही ओमप्रकाश चौटाला से रहा, 1996 में जब वे दुड़ाना गांव में पटवारी होते हुए उनकी नजदीकियां काफी बढ़ गई और 1996 के विधानसभा चुनाव में सफीदों से उनको इनेलो का टिकट दे दिया गया। जब तक कलीराम नहर विभाग में पटवारी के पद पर ही तैनात थे और ओमप्रकाश चौटाला यह भी नहीं पता था कि कलीराम सरकारी कर्मचारी है। इसके बाद उनका सरकारी सेवा से इस्तीफा करवाया गया, लेकिन किस्मत को कुछ ओर ही मंजूर था। इस्तीफा देने के छह दिन बाद ही उनका टिकट काट कर रामफल कुंडू को दे दिया गया। रामफल कुंडू फिलहाल इनेलो के जिलाध्यक्ष हैं। सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने व इनेलो का टिकट कटने के बाद भी कलीराम पटवारी व्यथित नहीं हुए और राजनीतिक संघर्ष में कूद पड़े। इसके बाद इनका सफर जारी रहा और 2009 में फिर से सफीदों विधानसभा क्षेत्र से इनेलो का टिकट मिला। इस बार कलीराम पटवारी ने 38 हजार से अधिक वोट लेकर 15 हजार वोटों से जीत हासिल की। 2014 में फिर से इनेलो ने कलीराम पटवारी को अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन वे हार गए। इस चुनाव में वे तीसरे नंबर पर रहे। 2014 में आजाद उम्मीदवार जसबीद देशवाल विधायक बने और भाजपा की उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बहन वंदना शर्मा दूसरे स्थान पर रही। 2014 में जब इनेलो के तत्कालीन जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बरवाला ने इनेलो छोड़ी तो कलीराम पटवारी को जिलाध्यक्ष बनाया गया। पिछले साल ही उनके स्थान पर कृष्ण राठी को इनेलो का जिलाध्यक्ष बनया गया था, लेकिन अब वे जेजेपी के जिलाध्यक्ष हैं। ऐसे में कलीराम पटवारी इनेलो में बने रहे और फिलहाल वे इनेलो किसान सेल के प्रदेश संयोजक थे।
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इनेलो ने दिया पूरा मान सम्मान
मुझे इनेलो में पूरा मान सम्मान मिला, लेकिन आज की परिस्थितियों के हिसाब से मैने राजनीतिक भविष्य का फैसला लिया है। मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार बहुत अच्छे लगे, जिसके चलते यह फैसला लिया। जिस प्रकार मेरिट पर नौकरियां लगाई हैं, यह मुझे अच्छा लगा।
- कलीराम पटवारी, भाजपा नेता।
भाजपा जिला प्रधान ने किया कलीराम का स्वागत
भारतीय जनता पार्टी की जिला स्तरीय बैठक भाजपा पार्टी कार्यालय में जिला प्रधान अमरपाल राणा की अध्यक्षता में हुई। इसमें भाजपा के जिला प्रभारी ओमप्रकाश अत्रे ने शिरकत की। जिला मीडिया प्रभारी पुरुषोत्तम शर्मा और जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा ने इनेलो से भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक कलीराम पटवारी का स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक कृष्ण मिढ़ा, सुरेंद्र सिंह बरवाला, टेकराम कंडेला, ओमप्रकाश शर्मा, मास्टर गोगल, सुभाष शर्मा, रणबीर कौर, डॉ. राज सैनी, पुरुषोत्तम शर्मा, जसमेर रजाना मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। पूर्व विधायक व इनेलो के पूर्व जिलाध्यक्ष कलीराम पटवारी ने बुधवार को भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया। इससे सफीदों की राजनीति में हलचल होने के साथ-साथ जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई। इनेलो के कद्दावर नेता पूर्व विधायक एवं किसान प्रदेशाध्यक्ष कलीराम के भाजपा में आने से इस जोड़-तोड़ की राजनीति के बाद से सफीदों में नए समीकरण बनेंगे। बुधवार को जींद में भाजपा के जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा ने कलीराम पटवारी का स्वागत किया।
कलीराम पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशहित की नीतियों व प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की योजनाओं से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा का दामन थामा है। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश प्रधानमंत्री मोदी के हाथों में सुरक्षित है। भाजपा ने योग्यता के आधार पर गरीब युवाओं को नौकरियां देने के साथ-साथ सफीदों में करीब 52 सड़कों को भी बनवाने का काम किया है। जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा ने कहा कि भाजपा की बढ़ती हुई लोकप्रियता से बडे़-बड़े नेता दूसरी पार्टियों को छोड़कर भाजपा का दामन थाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि कलीराम पटवारी के आने से भाजपा को ओर मजबूती मिलेगी। जिससे सफीदों विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत होगी।
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बहुत रोचक रहा है पटवारी का विधानसभा तक का सफर
बेहद साधारण किसान परिवार से आने वाले कलीराम पटवारी का पटवारी की नौकरी करते हुए खेत की मेंढ से विधानसभा तक का सफर बहुत रोचक रहा है। दरअसल कलीराम 1996 से पहले नहर विभाग में पटवारी रहे। हालांकि उनका जुड़ाव पहले से ही ओमप्रकाश चौटाला से रहा, 1996 में जब वे दुड़ाना गांव में पटवारी होते हुए उनकी नजदीकियां काफी बढ़ गई और 1996 के विधानसभा चुनाव में सफीदों से उनको इनेलो का टिकट दे दिया गया। जब तक कलीराम नहर विभाग में पटवारी के पद पर ही तैनात थे और ओमप्रकाश चौटाला यह भी नहीं पता था कि कलीराम सरकारी कर्मचारी है। इसके बाद उनका सरकारी सेवा से इस्तीफा करवाया गया, लेकिन किस्मत को कुछ ओर ही मंजूर था। इस्तीफा देने के छह दिन बाद ही उनका टिकट काट कर रामफल कुंडू को दे दिया गया। रामफल कुंडू फिलहाल इनेलो के जिलाध्यक्ष हैं। सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने व इनेलो का टिकट कटने के बाद भी कलीराम पटवारी व्यथित नहीं हुए और राजनीतिक संघर्ष में कूद पड़े। इसके बाद इनका सफर जारी रहा और 2009 में फिर से सफीदों विधानसभा क्षेत्र से इनेलो का टिकट मिला। इस बार कलीराम पटवारी ने 38 हजार से अधिक वोट लेकर 15 हजार वोटों से जीत हासिल की। 2014 में फिर से इनेलो ने कलीराम पटवारी को अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन वे हार गए। इस चुनाव में वे तीसरे नंबर पर रहे। 2014 में आजाद उम्मीदवार जसबीद देशवाल विधायक बने और भाजपा की उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बहन वंदना शर्मा दूसरे स्थान पर रही। 2014 में जब इनेलो के तत्कालीन जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बरवाला ने इनेलो छोड़ी तो कलीराम पटवारी को जिलाध्यक्ष बनाया गया। पिछले साल ही उनके स्थान पर कृष्ण राठी को इनेलो का जिलाध्यक्ष बनया गया था, लेकिन अब वे जेजेपी के जिलाध्यक्ष हैं। ऐसे में कलीराम पटवारी इनेलो में बने रहे और फिलहाल वे इनेलो किसान सेल के प्रदेश संयोजक थे।
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इनेलो ने दिया पूरा मान सम्मान
मुझे इनेलो में पूरा मान सम्मान मिला, लेकिन आज की परिस्थितियों के हिसाब से मैने राजनीतिक भविष्य का फैसला लिया है। मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार बहुत अच्छे लगे, जिसके चलते यह फैसला लिया। जिस प्रकार मेरिट पर नौकरियां लगाई हैं, यह मुझे अच्छा लगा।
- कलीराम पटवारी, भाजपा नेता।
भाजपा जिला प्रधान ने किया कलीराम का स्वागत
भारतीय जनता पार्टी की जिला स्तरीय बैठक भाजपा पार्टी कार्यालय में जिला प्रधान अमरपाल राणा की अध्यक्षता में हुई। इसमें भाजपा के जिला प्रभारी ओमप्रकाश अत्रे ने शिरकत की। जिला मीडिया प्रभारी पुरुषोत्तम शर्मा और जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा ने इनेलो से भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक कलीराम पटवारी का स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक कृष्ण मिढ़ा, सुरेंद्र सिंह बरवाला, टेकराम कंडेला, ओमप्रकाश शर्मा, मास्टर गोगल, सुभाष शर्मा, रणबीर कौर, डॉ. राज सैनी, पुरुषोत्तम शर्मा, जसमेर रजाना मौजूद रहे।