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आदर्श जाट महासभा ने सरकार के खिलाफ बनाई रणनीति
Updated Sun, 11 Mar 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जाट धर्मशाला में आदर्श जाट महासभा की बैठक हुई। बैठक में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान युवाओं पर बने केस वापस लेने के लिए सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। यदि सरकार ने इस दौरान केस वापस नहीं लिए तो प्रदेश के 22 जिलों में आदर्श जाट महासभा धरने शुरू करेगी। पहला धरना जींद जिले के हथो गांव में शुरू किया जाएगा।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पवनजीत भनवाला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार का दावा है कि जाट आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी मामले वापस ले लिए हैं, वहीं दूसरी तरफ गिरफ्तारी के लिए अरेस्ट वारंट जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगले 48 घंटों के अंदर सरकार इन अरेस्ट वारंट पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और इन केसों को तुरंत वापस ले। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो प्रदेशभर के 22 जिलों में धरने शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद सभी युवकों के मुकदमे वापस लेकर उनको तुरंत रिहा करें। प्रदेश सरकार आरक्षण के मामले पर जाटों को लगातार गुमराह कर रही है। आर्थिक आधार पर जारी आरक्षण को असंवैधानिक करार देते हुए हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगाने के आदेश सरकार को दिए हैं लेकिन सरकार इस आरक्षण को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और इसको लगातार चलाया जा रहा है जबकि पांच जातियों को मिले आरक्षण को अदालत का फैसला आने के महज दो घंटे के भीतर इस पर रोक लगा दी थी, जो आज तक रद्द है। डॉ. भनवाला ने कहा कि आदर्श जाट महासभा अब कई अन्य संगठनों के साथ दलित, मुस्लिम सहित सभी कमेरा जातियों का एक महासंघ बनाएगी और इसके बैनर तले एकजुट होकर भाजपा सरकार को प्रदेश की सत्ता से बाहर करने का काम करेगी। इसके लिए महासभा के उपप्रधान शुभम खटकड़ अपनी टीम के साथ गांवों में जाकर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। उनके इस अभियान को ग्रामीणों का पूरा समर्थन मिल रहा है। इस मौके पर दादरी से बिजेंद्र छिल्लर, गुरुग्राम से रमेश गोयत, यमुनानगर से जेएस जाटान, हिसार से सुनील जागलान, डॉ. ईश्वर सिंह श्योकंद, कैथल से हरि सिंह नरवाल, कुरुक्षेत्र से जयवीर खोखर, बिरेंद्र नाड़ा और अनिल सुदकैन ने अपने विचार रखे।
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जींद। जाट धर्मशाला में आदर्श जाट महासभा की बैठक हुई। बैठक में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान युवाओं पर बने केस वापस लेने के लिए सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। यदि सरकार ने इस दौरान केस वापस नहीं लिए तो प्रदेश के 22 जिलों में आदर्श जाट महासभा धरने शुरू करेगी। पहला धरना जींद जिले के हथो गांव में शुरू किया जाएगा।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पवनजीत भनवाला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार का दावा है कि जाट आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी मामले वापस ले लिए हैं, वहीं दूसरी तरफ गिरफ्तारी के लिए अरेस्ट वारंट जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगले 48 घंटों के अंदर सरकार इन अरेस्ट वारंट पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और इन केसों को तुरंत वापस ले। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो प्रदेशभर के 22 जिलों में धरने शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद सभी युवकों के मुकदमे वापस लेकर उनको तुरंत रिहा करें। प्रदेश सरकार आरक्षण के मामले पर जाटों को लगातार गुमराह कर रही है। आर्थिक आधार पर जारी आरक्षण को असंवैधानिक करार देते हुए हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगाने के आदेश सरकार को दिए हैं लेकिन सरकार इस आरक्षण को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और इसको लगातार चलाया जा रहा है जबकि पांच जातियों को मिले आरक्षण को अदालत का फैसला आने के महज दो घंटे के भीतर इस पर रोक लगा दी थी, जो आज तक रद्द है। डॉ. भनवाला ने कहा कि आदर्श जाट महासभा अब कई अन्य संगठनों के साथ दलित, मुस्लिम सहित सभी कमेरा जातियों का एक महासंघ बनाएगी और इसके बैनर तले एकजुट होकर भाजपा सरकार को प्रदेश की सत्ता से बाहर करने का काम करेगी। इसके लिए महासभा के उपप्रधान शुभम खटकड़ अपनी टीम के साथ गांवों में जाकर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। उनके इस अभियान को ग्रामीणों का पूरा समर्थन मिल रहा है। इस मौके पर दादरी से बिजेंद्र छिल्लर, गुरुग्राम से रमेश गोयत, यमुनानगर से जेएस जाटान, हिसार से सुनील जागलान, डॉ. ईश्वर सिंह श्योकंद, कैथल से हरि सिंह नरवाल, कुरुक्षेत्र से जयवीर खोखर, बिरेंद्र नाड़ा और अनिल सुदकैन ने अपने विचार रखे।
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