फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   वार्षिक चार्ज कटने के बावजूद बैंक उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही एटीएम सुविधा

वार्षिक चार्ज कटने के बावजूद बैंक उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही एटीएम सुविधा

Mon, 08 Jan 2018 01:14 AM IST
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:14 AM IST
विज्ञापन
वार्षिक चार्ज कटने के बावजूद बैंक उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही एटीएम सुविधा
वार्षिक चार्ज कटने के बावजूद बैंक उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही एटीएम सुविधा
विज्ञापन

सतीश जागलान
जींद।
जिले में एटीएम मशीन लगाकर उपभोक्ताओं को 24 घंटे कैश उपलब्ध करवाने के बैंकों के दावे हवा-हवाई हो रहे हैं। शनिवार व रविवार को एका-दुक्का एटीएम को छोड़कर अधिकतर बंद ही रहते हैं। अन्य दिनों में कुछ एटीएम खुलते हैं लेकिन बैंक की छुट्टी के बाद एटीएम बंद कर दिए जाते हैं। इससे जिन उपभोक्ताओं को बैंक छुट्टी या अवकाश वाले दिन रुपये निकालने हों, उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक-दो एटीएम तो नोटबंदी के बाद चालू ही नहीं हो पाए। वे हमेशा बंद रहते हैं। एटीएम कार्ड का वार्षिक शुल्क बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं के खातों से काट लिया जाता है लेकिन इसकी एवज में सुविधा नहीं दी जा रही, जिससे उपभोक्ता अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
जींद जिले में 10 लाख सात हजार बैंक उपभोक्ता हैं। इनकी एवज में जींद शहर में लगभग 48 एटीएम मशीनें लगाई गई हैं। प्रत्येक उपभोक्ता से एटीएम कार्ड के वार्षिक चार्ज के रूप में कम से कम 118 रुपये काटे जाते हैं। एक-दो बैंक इससे ज्यादा ही वार्षिक फीस वसूल करते हैं। प्रतिवर्ष लगभग 12 करोड़ रुपये बैंक उपभोक्ताओं के एटीएम कार्ड की वार्षिक फीस कटती है। इतनी मोटी रकम कटने के बावजूद भी लोगों को 24 घंटे कैश नहीं मिल पाता। शनिवार व रविवार को तो लगभग सभी एटीएम बंद ही रहते हैं। सोमवार से शुक्रवार को 10 बजे से पांच बजे तक ही एटीएम खुल पाते हैं। इसके बाद बैंक छुट्टी हो जाती है और एटीएम को लॉक लगा दिया जाता है। अधिकतर एटीएम में सुरक्षा गार्ड की कमी के कारण उन्हें बंद किया जाता है, जहां सुरक्षा गार्ड होते हैं, वह भी केवल बैंक के समय ही खुलते हैं। नोटबंदी के समय नई करेंसी नहीं मिलने के कारण दिक्कत आई थी, वह तो वाजिब थी लेकिन अब बैंकों में कैश की कोई कमी नहीं है। उसके बावजूद एटीएम 24 घंटे नहीं खुले होने से उपभोक्ताओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एसडी स्कूल के पास स्थित बैंक ऑफ इंडिया की एटीएम तो नोटबंदी के बाद कभी खुला ही नहीं। यही हाल पटियाला चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक की एटीएम का है।
विज्ञापन

पंजाब नेशनल बैंक की मैन ब्रांच की एटीएम भी बंद : स्थानीय डीआरडीए के सामने स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मेन ब्रांच का एटीएम भी बैंक छुट्टी के बाद बंद ही रहता है। यहां लीड बैंक मैनेजर भी बैठते हैं लेकिन इसका असर ब्रांच पर नहीं है। शनिवार व रविवार को तो एटीएम बिल्कुल बंद रहता है। वर्किंग डे में केवल 10 बजे से शाम पांच बजे तक ही खुलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की हालत दयनीय: हुडा ग्राउंड स्थित यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की एटीएम अधिकतर समय बंद ही रहता है। इस एटीएम में सुरक्षा गार्ड की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए ब्रांच के कर्मचारी ब्रांच खोलते समय ही इसको खोलते हैं, उसके बाद जैसे ही ब्रांच बंद तो एटीएम भी बंद। वर्किंग डे में भी अधिकतर समय इस एटीएम में कैश उपलब्ध नहीं होता।
यहां तो एटीएम केवल दिखावे के रह गए है। नोटबंदी के बाद यह एटीएम कभी खुला नहीं देखा गया लेकिन एटीएम कार्ड का वार्षिक चार्ज काटना बैंक वाले कभी नहीं भूलते।
-मांगेराम सैनी, एसडी स्कूल निवासी।
एटीएम कार्ड पर लगने वाला चार्ज नाजायज है। जब एटीएम में कैश ही नहीं मिलता तो फिर चार्ज किस बात का। जींद में एटीएम के बहुत बुरे हाल हैं।
-सिंदरपाल, विद्यापीठ मार्ग निवासी।
मैं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का उपभोक्ता हूं। बहुत बार मैनेजर से एटीएम बंद रहने के बारे में शिकायत कर चुका है लेकिन शनिवार व रविवार को तो एटीएम कभी खुलते ही नहीं हैं।

-वेदप्रकाश, गीता कॉलोनी निवासी।
कैश की कमी नहीं, सुरक्षा कारणों से रखते हैं बंद
किसी भी एटीएम में कैश की कोई कमी नहीं रहती है। एकाध एटीएम में सुरक्षा गार्ड नहीं हैं, इस कारण इनको अवकाश के दिन बंद रखा जाता है। उपभोक्तों को 24 घंटे कैश उपलब्ध करवाना बैंकों प्रबंधकों का दायित्व है। सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था जल्द हो जाएगी, उसके बाद सभी एटीएम 24 घंटे खुले रहेंगे।
-एमके झा, लीड बैंक मैनेजर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed