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नप के प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ 16 पार्षद लामबंद
Updated Tue, 12 Dec 2017 12:17 AM IST
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पार्षदों ने डीसी से अविश्वास प्रस्ताव लाने की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। शहर के 16 पार्षद एक बार फिर नगर परिषद के प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ लामबंद होकर डीसी दरबार पहुंच गए हैं। 16 पार्षदों ने डीसी कार्यालय पहुंचकर दोनों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की गुहार लगाई। जिस पर डीसी अमित खत्री ने सभी के शपथ पत्र लेकर जल्द ही तारीख देने का आश्वासन दिया है। प्रधान पर आरोप है कि नगर परिषद में करोड़ों रुपयों की राशि होने के बावजूद शहर में कोई विकास कार्य नहीं हो रहे। एक करोड़ से ज्यादा की एलइडी लाइटें के पैसे आए हुए हैं, लेकिन पूरा शहर अंधेरे में है। करीब 15 लाख रुपये की पेमेंट पुरानी कर दी गई है जिन कामों पर कई तरह के विवाद हैं।
वार्ड चार की पार्षद सुनीता चोपड़ा के पति सुदेश चोपड़ा ने बताया कि सोमवार को 16 पार्षद डीसी अमित खत्री से मिले और नप के प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की गुहार लगाई। डीसी ने तहसीलदार को शपथ पत्र लेने की जिम्मेदारी सौंपी। तहसीलदार को सभी 16 पार्षदों ने अपने शपथ पत्र सौंपकर जांच करवाई। चोपड़ा ने कहा कि नप के प्रधान सुरेश पप्पू की शहर के विकास में कोई रुचि नहीं है। करोड़ों रुपये नप में जमा होने के बावजूद शहर में कोई विकास कार्य नहीं कराए जा रहे। शहर का आम नागरिक और पार्षद इनके खिलाफ हैं।
आरोप गलत : प्रधान
नप के प्रधान सुरेश पप्पू ने शहर में विकास कार्य न होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि शहर में कई प्रकार के विकास कार्य चल रहे हैं। स्ट्रीट लाइट ठीक की जा रही हैं। काफी पेच वर्क किया गया है।
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जुलाई माह में सुरेश पप्पू ने बतौर नप चेयरमैन पदभार संभाले एक वर्ष हुआ था। इसी माह में 16 पार्षदों ने उनके खिलाफ शहर में विकास कार्य नहीं होने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया था। पार्षदों के बीच सुरेश पप्पू को हटाकर किसे चेयरमैन और वाइस चेयरमैन बनाना है यह सब मसौदा तैयार था। उक्त फैसला 16 पार्षदों ने बाबा गैबी साहब मंदिर में जाकर लिया था, लेकिन वार्ड छह के पार्षद अजय जांगड़ा का समर्थन न मिलने से खेल बिगड़ गया था। पांच माह के बाद अजय जांगड़ा फिर विपक्षी 16 पार्षदों में शामिल हो गए। अब देखना है कि सुरेश पप्पू के हटाने के प्रयास पूरे होंगे या अजय जैसा कोई और पार्षद उनकी कुर्सी बचाएगा। फिलहाल सुरेश पप्पू के हक में उनकी पत्नी के अलावा कांग्रेस पार्षद कैलाश सिंगला, राजू पार्षद, उप-प्रधान कृष्ण मोर सहित सात पार्षद बच गए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। शहर के 16 पार्षद एक बार फिर नगर परिषद के प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ लामबंद होकर डीसी दरबार पहुंच गए हैं। 16 पार्षदों ने डीसी कार्यालय पहुंचकर दोनों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की गुहार लगाई। जिस पर डीसी अमित खत्री ने सभी के शपथ पत्र लेकर जल्द ही तारीख देने का आश्वासन दिया है। प्रधान पर आरोप है कि नगर परिषद में करोड़ों रुपयों की राशि होने के बावजूद शहर में कोई विकास कार्य नहीं हो रहे। एक करोड़ से ज्यादा की एलइडी लाइटें के पैसे आए हुए हैं, लेकिन पूरा शहर अंधेरे में है। करीब 15 लाख रुपये की पेमेंट पुरानी कर दी गई है जिन कामों पर कई तरह के विवाद हैं।
वार्ड चार की पार्षद सुनीता चोपड़ा के पति सुदेश चोपड़ा ने बताया कि सोमवार को 16 पार्षद डीसी अमित खत्री से मिले और नप के प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की गुहार लगाई। डीसी ने तहसीलदार को शपथ पत्र लेने की जिम्मेदारी सौंपी। तहसीलदार को सभी 16 पार्षदों ने अपने शपथ पत्र सौंपकर जांच करवाई। चोपड़ा ने कहा कि नप के प्रधान सुरेश पप्पू की शहर के विकास में कोई रुचि नहीं है। करोड़ों रुपये नप में जमा होने के बावजूद शहर में कोई विकास कार्य नहीं कराए जा रहे। शहर का आम नागरिक और पार्षद इनके खिलाफ हैं।
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आरोप गलत : प्रधान
नप के प्रधान सुरेश पप्पू ने शहर में विकास कार्य न होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि शहर में कई प्रकार के विकास कार्य चल रहे हैं। स्ट्रीट लाइट ठीक की जा रही हैं। काफी पेच वर्क किया गया है।
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जुलाई माह में सुरेश पप्पू ने बतौर नप चेयरमैन पदभार संभाले एक वर्ष हुआ था। इसी माह में 16 पार्षदों ने उनके खिलाफ शहर में विकास कार्य नहीं होने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया था। पार्षदों के बीच सुरेश पप्पू को हटाकर किसे चेयरमैन और वाइस चेयरमैन बनाना है यह सब मसौदा तैयार था। उक्त फैसला 16 पार्षदों ने बाबा गैबी साहब मंदिर में जाकर लिया था, लेकिन वार्ड छह के पार्षद अजय जांगड़ा का समर्थन न मिलने से खेल बिगड़ गया था। पांच माह के बाद अजय जांगड़ा फिर विपक्षी 16 पार्षदों में शामिल हो गए। अब देखना है कि सुरेश पप्पू के हटाने के प्रयास पूरे होंगे या अजय जैसा कोई और पार्षद उनकी कुर्सी बचाएगा। फिलहाल सुरेश पप्पू के हक में उनकी पत्नी के अलावा कांग्रेस पार्षद कैलाश सिंगला, राजू पार्षद, उप-प्रधान कृष्ण मोर सहित सात पार्षद बच गए हैं।