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तेजाब के हमले से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए दी जानकारी
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:27 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
लिजवाना गांव के सरकारी स्कूल में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार तेजाब के हमले से प्रभावित व्यक्ति के इलाज के लिए कोई भी डाक्टर मना नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्ति को तुरंत इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाना जरूरी है। उन्होेंने कहा कि एसिड हमले से प्रभावित व्यक्ति को सर्वप्रथम उपचार उपलब्ध करवाया जाना जरूरी है। जिले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी है, जो एसिड अटैक से प्रभावित व्यक्ति की मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध करवा सकती है। घायल होने पर तीन लाख और अंग भंग होने पर एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। शिविर में पैनल वकील विजेंद्र लाठर, लीगल क्लब की मुनेश कुमारी, पीएलवी वेद प्रकाश, खंड शिक्षा अधिकारी राजबाला ढाका, विद्यालय के प्रधानाचार्य सतीश चुघ आदि मौजूद रहे।
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जींद।
लिजवाना गांव के सरकारी स्कूल में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार तेजाब के हमले से प्रभावित व्यक्ति के इलाज के लिए कोई भी डाक्टर मना नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्ति को तुरंत इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाना जरूरी है। उन्होेंने कहा कि एसिड हमले से प्रभावित व्यक्ति को सर्वप्रथम उपचार उपलब्ध करवाया जाना जरूरी है। जिले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी है, जो एसिड अटैक से प्रभावित व्यक्ति की मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध करवा सकती है। घायल होने पर तीन लाख और अंग भंग होने पर एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। शिविर में पैनल वकील विजेंद्र लाठर, लीगल क्लब की मुनेश कुमारी, पीएलवी वेद प्रकाश, खंड शिक्षा अधिकारी राजबाला ढाका, विद्यालय के प्रधानाचार्य सतीश चुघ आदि मौजूद रहे।