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29 एमएम बारिश, गर्मी से मिली राहत
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सोमवार रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार सुबह भी जारी रहा। जिले में औसतन 29 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसमें नरवाना में सर्वाधिक 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। जींद में 25 एमएम, सफीदों में 24 एमएम, जुलाना 33 एमएम, उचाना में 32 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 24 एमएम बारिश दर्ज की गई। पिछले दो दिन से तेज बारिश से शहर की सड़कों पर पानी भर गया। शहर के आसपास की कॉलोनियों में गलियाें में जलभराव हो गया। कई घंटों तक सड़क, बाजार, गलियों में जलभराव होने से राहगीरों, वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। वहीं, बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली। इसके अलावा कपास की फसल को सिंचाई की जरूरत थी। बारिश फसलों के लिए तो वरदान बनी, लेकिन जलभराव लोगों के लिए परेशानी बन गया। उचाना में हर बार पुरानी मंडी में बारिश के बाद पानी का भराव होता है। यहां पर पानी निकासी को लेकर 30 लाख रुपये मार्केटिंग बोर्ड विभाग ने खर्च किए हैं। यहां पर ड्रेन बनाई गई है, लेकिन बारिश के बाद बिजली जाने से मोटर नहीं चल पाती है। बारिश के बाद बिजली आने पर ही पानी की निकासी होती है।
बिजली व्यवस्था रही प्रभावित
तेज बारिश के कारण सोमवार रात को ही जिला के अधिकतर हिस्सों खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रही। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी बारिश के कारण लाइट काटी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में तो बारिश रुकने के बाद मंगलवार दोपहर को ही बिजली सप्लाई सुचारू हो सकी।
जिले में 29 एमएम बारिश, शहरी क्षेत्रों में जलभराव
गर्मी से मिली राहत, किसानों में खुशी
जींद।
सोमवार रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार सुबह भी जारी रहा। जिले में औसतन 29 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसमें नरवाना में सर्वाधिक 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। जींद में 25 एमएम, सफीदों में 24 एमएम, जुलाना 33 एमएम, उचाना में 32 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 24 एमएम बारिश दर्ज की गई। पिछले दो दिन से तेज बारिश से शहर की सड़कों पर पानी भर गया। शहर के आसपास की कॉलोनियों में गलियाें में जलभराव हो गया। कई घंटों तक सड़क, बाजार, गलियों में जलभराव होने से राहगीरों, वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। वहीं, बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली। इसके अलावा कपास की फसल को सिंचाई की जरूरत थी। बारिश फसलों के लिए तो वरदान बनी, लेकिन जलभराव लोगों के लिए परेशानी बन गया। उचाना में हर बार पुरानी मंडी में बारिश के बाद पानी का भराव होता है। यहां पर पानी निकासी को लेकर 30 लाख रुपये मार्केटिंग बोर्ड विभाग ने खर्च किए हैं। यहां पर ड्रेन बनाई गई है, लेकिन बारिश के बाद बिजली जाने से मोटर नहीं चल पाती है। बारिश के बाद बिजली आने पर ही पानी की निकासी होती है।
बिजली व्यवस्था रही प्रभावित
तेज बारिश के कारण सोमवार रात को ही जिला के अधिकतर हिस्सों खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रही। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी बारिश के कारण लाइट काटी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में तो बारिश रुकने के बाद मंगलवार दोपहर को ही बिजली सप्लाई सुचारू हो सकी।
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जिले में 29 एमएम बारिश, शहरी क्षेत्रों में जलभराव
गर्मी से मिली राहत, किसानों में खुशी