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मांगों को लेकर वन मंडल कार्यालय में वन विभाग मजदूरों का धरना जारी
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मांगों को लेकर वन विभाग के मजदूरों का धरना जारी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। वन मंडल कार्यालय में मांगों को लेकर धरना दे रहे वन विभाग के मजदूरों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रामेश्वर भारद्वाज ने की। धरने पर राज्य अध्यक्ष विजय शर्मा ने शिरकत और कहा कि पिछले चार से पांच माह का जिलेभर के 46 मजदूरों को अभी तक वेतन नहीं दिया गया। इससे उनका घर का खर्च चलना भी मुश्किल हो गया है। 2003 पॉलिसी के तहत मजदूरों का रिकॉर्ड नहीं बनाया जा रहा है। वन मंडल अधिकारी से इसको लेकर कई बार मिल चुके हैं, लेकिन रिकॉर्ड देने से मना कर देते हैं। अगर जल्द मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वन मजदूर आंदोलन करने को मजबूर होेंगे।
वन विभाग मजदूर यूनियन के प्रधान रामेश्वर भारद्वाज ने बताया कि पिछले कई दिनों से वन मंडल कार्यालय में मांगों को लेकर धरना चल रहा है, लेकिन वन मंडल अधिकारी ने अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। इससे सभी मजदूरों में रोष है। जिलेभर के 46 मजदूरों का पिछले चार माह वेतन नहीं दिया गया है। इससे मजदूरों का घर चलाना भी बड़ी चनौती बना हुआ है। भारद्वाज ने बताया कि सरकार से मुख्य मांग है कि सफीदों रेंज में वर्ष 2018-19 में गणना के लिए जो बिल बनवाए गए रजिस्टर में दर्ज पेड़ों के बिलों की जांच की जाय। सरकार द्वारा जारी की गई वर्ष 1997, 1999ए, 2003 व 2004 की पॉलिसी के तहत जो मजदूर नियम के पात्र हैं, उन्हें पक्का किया जाए, सभी मजदूरों का बकाया वेतन का भुगतान किया जाए, बढ़ी हुआ वेतन का एरियर दिया जाए, सभी वन मजदूरों को विभाग की और से कोई औजार नहीं दिए गए है उन्हें तुरंत प्रभाव से औजार मुहैया करवाए जाए व सभी वन मजदूरों का भुगतान अकुशल, अर्ध कुशल, कुशल के आधार पर किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। वन मंडल कार्यालय में मांगों को लेकर धरना दे रहे वन विभाग के मजदूरों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रामेश्वर भारद्वाज ने की। धरने पर राज्य अध्यक्ष विजय शर्मा ने शिरकत और कहा कि पिछले चार से पांच माह का जिलेभर के 46 मजदूरों को अभी तक वेतन नहीं दिया गया। इससे उनका घर का खर्च चलना भी मुश्किल हो गया है। 2003 पॉलिसी के तहत मजदूरों का रिकॉर्ड नहीं बनाया जा रहा है। वन मंडल अधिकारी से इसको लेकर कई बार मिल चुके हैं, लेकिन रिकॉर्ड देने से मना कर देते हैं। अगर जल्द मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वन मजदूर आंदोलन करने को मजबूर होेंगे।
वन विभाग मजदूर यूनियन के प्रधान रामेश्वर भारद्वाज ने बताया कि पिछले कई दिनों से वन मंडल कार्यालय में मांगों को लेकर धरना चल रहा है, लेकिन वन मंडल अधिकारी ने अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। इससे सभी मजदूरों में रोष है। जिलेभर के 46 मजदूरों का पिछले चार माह वेतन नहीं दिया गया है। इससे मजदूरों का घर चलाना भी बड़ी चनौती बना हुआ है। भारद्वाज ने बताया कि सरकार से मुख्य मांग है कि सफीदों रेंज में वर्ष 2018-19 में गणना के लिए जो बिल बनवाए गए रजिस्टर में दर्ज पेड़ों के बिलों की जांच की जाय। सरकार द्वारा जारी की गई वर्ष 1997, 1999ए, 2003 व 2004 की पॉलिसी के तहत जो मजदूर नियम के पात्र हैं, उन्हें पक्का किया जाए, सभी मजदूरों का बकाया वेतन का भुगतान किया जाए, बढ़ी हुआ वेतन का एरियर दिया जाए, सभी वन मजदूरों को विभाग की और से कोई औजार नहीं दिए गए है उन्हें तुरंत प्रभाव से औजार मुहैया करवाए जाए व सभी वन मजदूरों का भुगतान अकुशल, अर्ध कुशल, कुशल के आधार पर किया जाए।
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